राजस्थान: आरएसएमएम का संगतराश नवाचार झामरकोटड़ा खनन क्षेत्र के ओवरबर्डन और वेस्ट मटेरियल को रिसाइक्लिंग कर आधुनिक और समकालीन शिल्पकला को प्रोत्साहित करेगा।
राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स (Rajasthan State Mines and Minerals – RSMML) ने अपने नवाचार ‘संगतराश’ के माध्यम से झामरकोटड़ा खनन क्षेत्र के ओवरबर्डन और वेस्ट मटेरियल का रिसाइक्लिंग करके आधुनिक और समकालीन मूर्तिकला (Modern & Contemporary Sculpture) के लिए उपयोग करने की योजना बनाई है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और गुड गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने बताया कि संगतराश नवाचार के तहत खनन क्षेत्र में उत्पन्न वेस्ट मटेरियल और ओवरबर्डन का उपयोग केवल अपशिष्ट कम करने के लिए ही नहीं बल्कि आधुनिक शिल्पकला को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार और आय के साधन विकसित करने के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में भी मददगार होगा और खनन उद्योग में स्थिरता को बढ़ावा देगा।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने यह भी उल्लेख किया कि आरएसएमएम की केमिकल फर्टिलाइजर, रॉक फास्फेट और जिप्सम उत्पादन की जीरो लॉस तकनीक से उत्पादन बढ़ाकर किसानों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे कृषि पैदावार में वृद्धि हो सके। उन्होंने माइनिंग और जियोलॉजी सेक्टर में मानव संसाधन के पुनर्गठन और तकनीकी विशेषज्ञता बढ़ाने पर भी ध्यान देने की आवश्यकता जताई।
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प्रमुख सचिव माइंस श्री टी. रविकांत ने कहा कि संगतराश नवाचार न केवल कला और शिल्प को बढ़ावा देगा, बल्कि शहरी सौंदर्यीकरण में भी योगदान करेगा। उन्होंने आरएसएमएम से आक्रामक विपणन नीति अपनाने और जीरो लॉस माइनिंग पर ध्यान देने का आग्रह किया, ताकि उत्पादकता और लाभदायकता में वृद्धि हो सके।
अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण श्री आनंद कुमार ने आरएसएमएम की इस पहल की सराहना की और इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं, प्रबंध निदेशक आरएसएमएम प्रज्ञा केवलरमानी ने बोर्ड बैठक में आरएसएमएम की गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ग्लोबल इंडिया स्टोनमार्ट में आरएसएमएम के पवेलियन को पहला पुरस्कार मिला है और सामाजिक जिम्मेदारी के तहत उदयपुर में खेल गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास को संगतराश के तहत तैयार एक आधुनिक स्कल्पचर भी भेंट किया गया। इस अवसर पर आरएसएमएम बोर्ड के सभी प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए और नवाचार के महत्व पर चर्चा की।