राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की माँ का निधन हो गया। उनका उम्र लगभग 80 वर्ष थी और चोट लगने के बाद इलाज चल रहा था। उपचार के दौरान उनका देहांत हो गया, जिससे परिवार और समर्थकों में शोक की लहर फैल गई।
अंतिम संस्कार गाँव कठूवास में
दिवंगत का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गाँव कठूवास (नीमराना क्षेत्र) में किया गया। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और स्थानीय लोग अंतिम विदाई देने पहुंचे। यह पल परिवार के लिए बेहद भावुक और संवेदनशील रहा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जताई संवेदना
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस दुखद समाचार पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से शोक संदेश जारी करते हुए लिखा कि माँ का निधन जीवन में बहुत बड़ी क्षति होती है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
also read: कोटा-बूंदी ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट शिलान्यास: ऊर्जा मंत्री…
परिवार को दी शक्ति और संबल की कामना
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में टीकाराम जूली और उनके परिवार के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने लिखा कि इस कठिन समय में वे उनके साथ हैं और शोक संतप्त परिवार को दुख सहने की शक्ति मिले। मुख्यमंत्री के इस संदेश को कई लोगों ने मानवीय संवेदना का उदाहरण बताया।
राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठी संवेदना
टीकाराम जूली विपक्ष के वरिष्ठ नेता हैं, जबकि भजनलाल शर्मा सत्तारूढ़ दल के नेता हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के संवेदना व्यक्त की, जो यह दर्शाता है कि दुख की घड़ी में मानवीय भावनाएँ राजनीतिक मतभेदों से ऊपर होती हैं।
प्रदेशभर से मिली श्रद्धांजलि
टीकाराम जूली की माँ के निधन पर कई राजनीतिक नेताओं और सामाजिक संगठनों ने शोक व्यक्त किया। समर्थकों ने परिवार के प्रति सहानुभूति जताई और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
यह घटना राजस्थान की राजनीति में एक ऐसे क्षण के रूप में देखी जा रही है, जहाँ संवेदना और मानवीयता ने राजनीतिक भेदभाव को पीछे छोड़ दिया।