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राजा चौधरी ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि बेटी पलक तिवारी से उनकी आखिरी बातचीत 2022-23 में हुई थी। उन्होंने कहा कि जन्मदिन पर पलक सिर्फ 10 मिनट के लिए घर आई थीं। जानिए पूरा मामला।
अभिनेता राजा चौधरी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी पूर्व पत्नी श्वेता तिवारी और बेटी पलक तिवारी के साथ अपने रिश्ते को लेकर खुलकर बात की। एक इंटरव्यू में राजा ने दावा किया कि उनकी बेटी पलक के साथ पिछले कई वर्षों से दूरी बनी हुई है और दोनों के बीच आखिरी बार बातचीत वर्ष 2022 या 2023 में हुई थी। उन्होंने यह भी कहा कि जन्मदिन के मौके पर पलक उनसे मिलने आई थीं, लेकिन केवल 10 मिनट रुकने के बाद चली गईं।
‘बचपन में पलक से बहुत गहरा रिश्ता था’
सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में राजा चौधरी ने कहा कि जब पलक छोटी थीं, तब उनके बीच बेहद मजबूत रिश्ता था। उन्होंने बताया कि करीब आठ साल की उम्र तक पलक उनके बहुत करीब थीं और दोनों साथ में काफी समय बिताते थे। लेकिन श्वेता तिवारी से अलगाव के बाद परिस्थितियां बदलती चली गईं और समय के साथ पिता-पुत्री के रिश्ते में भी दूरी आ गई।
राजा ने कहा कि अब पलक 26 वर्ष की हो चुकी हैं और इतने वर्षों में उनकी बातचीत केवल दो-तीन बार ही हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर पलक और श्वेता तिवारी दोनों को ब्लॉक कर रखा है क्योंकि वह उनकी तस्वीरें और वीडियो देखकर भावनात्मक रूप से परेशान नहीं होना चाहते।
‘बेटी के दूर होने से जिंदगी बदल गई’
राजा चौधरी ने कहा कि पिता बनने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी। उन्होंने बताया कि उनके लिए सबसे बड़ी पहचान एक पिता होने की थी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि बेटी से दूर रहने का दर्द उन्हें हमेशा महसूस हुआ।
उन्होंने स्वीकार किया कि इसी भावनात्मक तनाव के दौरान उनकी जिंदगी में शराब की लत भी बढ़ती चली गई। राजा ने कहा कि वह अपनी बेटी के साथ समय नहीं बिता सके, न उसे स्कूल छोड़ पाए और न ही उसके बचपन के महत्वपूर्ण पल जी पाए। उनके अनुसार, यही दर्द उन्हें भीतर से तोड़ता रहा।
जन्मदिन पर आईं, लेकिन 10 मिनट में चली गईं
राजा चौधरी ने बताया कि उन्होंने अपने जन्मदिन पर पलक तिवारी को घर बुलाया था। उन्होंने खुद खाना बनाने की योजना बनाई थी ताकि दोनों साथ बैठकर कुछ समय बिता सकें। लेकिन उनके अनुसार, पलक घर आने के कुछ ही मिनट बाद यह कहकर चली गईं कि उन्हें किसी जरूरी काम पर जाना है।
राजा ने कहा कि वह मुलाकात उनके लिए बेहद खास थी, लेकिन वह उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। इसके बाद दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई।
श्वेता तिवारी का जिक्र बना वजह?
जब इंटरव्यू में राजा चौधरी से पूछा गया कि आखिर पलक इतनी जल्दी क्यों चली गईं, तो उन्होंने अंदाजा लगाया कि शायद बातचीत के दौरान श्वेता तिवारी का जिक्र होने से पलक असहज हो गई थीं।
राजा ने बताया कि उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा था कि पलक अपनी मां को भी साथ लेकर आ सकती थीं। उनका मानना है कि संभव है यही बात पलक को पसंद न आई हो और इसी वजह से उन्होंने वहां से जाने का फैसला किया।
हालांकि, यह राजा चौधरी का व्यक्तिगत दावा है। पलक तिवारी या श्वेता तिवारी की ओर से इस बारे में कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
श्वेता और राजा का रिश्ता लंबे समय तक विवादों में रहा
राजा चौधरी और श्वेता तिवारी की शादी वर्ष 1998 में हुई थी और वर्ष 2000 में उनकी बेटी पलक का जन्म हुआ। कुछ वर्षों बाद दोनों के रिश्ते में तनाव बढ़ गया और वर्ष 2007 में श्वेता तिवारी ने तलाक की अर्जी दाखिल कर दी। वर्ष 2012 में दोनों का कानूनी रूप से तलाक हो गया।
तलाक की प्रक्रिया के दौरान श्वेता तिवारी ने राजा चौधरी पर घरेलू हिंसा सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि, राजा चौधरी ने इन आरोपों से हमेशा इनकार किया है।
पुराने रिश्तों पर फिर छिड़ी चर्चा
राजा चौधरी के इस इंटरव्यू के बाद एक बार फिर उनका और श्वेता तिवारी का पुराना रिश्ता चर्चा में आ गया है। वहीं, पिता-पुत्री के रिश्ते को लेकर उनके भावुक बयान ने भी लोगों का ध्यान खींचा है।
फिलहाल, पलक तिवारी या श्वेता तिवारी ने राजा चौधरी के इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। ऐसे में इस मामले में सामने आई जानकारी राजा चौधरी के इंटरव्यू और उनके व्यक्तिगत दावों पर आधारित है।