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9/11 हमले की 25वीं बरसी पर कबीर खान ने न्यूयॉर्क से जुड़ी यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि हमले के समय वह अमेरिका में थे और बाद में ‘न्यूयॉर्क’ फिल्म की शूटिंग की।
अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में हुए 9/11 आतंकी हमलों की 25वीं बरसी पर फिल्म निर्देशक कबीर खान ने उस भयावह घटना से जुड़ी अपनी पुरानी यादों को साझा किया। कबीर खान का न्यूयॉर्क शहर से खास रिश्ता रहा है। उनकी फिल्मी यात्रा में यह शहर लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर न्यूयॉर्क की कई तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि 11 सितंबर 2001 को जब अमेरिका में आतंकी हमला हुआ था, तब वह खुद अमेरिका में मौजूद थे। उन्होंने उस समय शहर पर पड़े गहरे असर को करीब से महसूस किया था।
9/11 के वक्त अमेरिका में मौजूद थे कबीर खान
कबीर खान ने अपनी पोस्ट में बताया कि जब 9/11 की घटना हुई, तब वह अमेरिका में थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने एक ऐसे शहर को हिलते हुए महसूस किया, जिसने एक ऐसी त्रासदी का सामना किया था जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल था। कबीर ने न्यूयॉर्क से जुड़ी अपनी कई तस्वीरें भी साझा कीं। इन तस्वीरों के जरिए उन्होंने शहर की उन गलियों और जगहों को याद किया, जहां उन्होंने अपने फिल्मी करियर के दौरान काम किया था।
निर्देशक ने बताया कि न्यूयॉर्क उनके फिल्मी सफर का लंबे समय से हिस्सा रहा है। 9/11 की घटना के करीब सात साल बाद वह दोबारा इस शहर में लौटे थे। इस बार उनका उद्देश्य अपनी फिल्म ‘न्यूयॉर्क’ की शूटिंग करना था। यह फिल्म सीधे तौर पर 9/11 के बाद के सामाजिक और राजनीतिक माहौल से प्रभावित थी। फिल्म के जरिए आतंकवाद, नस्लीय भेदभाव, संदेह और आम लोगों की जिंदगी पर पड़ने वाले असर को दिखाने की कोशिश की गई थी।
सात साल बाद फिल्म ‘न्यूयॉर्क’ के लिए लौटे
कबीर खान ने बताया कि 9/11 के कुछ साल बाद जब वह ‘न्यूयॉर्क’ की शूटिंग के लिए शहर में लौटे, तो उन्होंने एक अलग न्यूयॉर्क देखा। उनके मुताबिक, उस भयावह घटना के बाद भी शहर ने अपनी ऊर्जा और जिंदादिली को दोबारा हासिल किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में न्यूयॉर्क को बेचैन, मजबूत और शानदार तरीके से जीवंत शहर बताया।
कबीर खान के लिए यह वापसी सिर्फ किसी फिल्म की शूटिंग के लिए नहीं थी, बल्कि उनके लिए एक व्यक्तिगत अनुभव भी थी। उन्होंने उन जगहों पर दोबारा कदम रखा, जहां कभी उन्होंने अपनी फिल्म के दृश्यों को कैमरे में कैद किया था। इस बार उन्होंने अपने साथ नया कैमरा लेकर शहर की तस्वीरें खींचीं और पुरानी यादों को फिर से महसूस किया।
9/11 हमले ने दुनिया को झकझोर दिया था
11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए आतंकी हमले आधुनिक इतिहास की सबसे भयावह घटनाओं में से एक माने जाते हैं। 19 अल-कायदा आतंकवादियों ने चार वाणिज्यिक विमानों का अपहरण किया था। इनमें से दो विमानों को न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की जुड़वां इमारतों से टकराया गया। तीसरा विमान पेंटागन से जा टकराया, जबकि चौथे विमान में सवार यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने आतंकवादियों के खिलाफ संघर्ष किया। यह विमान बाद में पेंसिल्वेनिया के शैंक्सविले के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
इस हमले में कुल 2,977 लोगों की जान चली गई थी। हमले के बाद अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा व्यवस्था, राजनीति और आतंकवाद को देखने के नजरिए में बड़ा बदलाव आया।
कुछ ही घंटों में बदल गया था न्यूयॉर्क
9/11 के दिन सुबह 8 बजकर 46 मिनट पर अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट 11 वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के नॉर्थ टावर से टकराई। इसके कुछ ही मिनट बाद सुबह 9 बजकर 3 मिनट पर यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट 175 साउथ टावर से जा टकराई। सुबह 9 बजकर 37 मिनट पर पेंटागन को निशाना बनाया गया। इसके बाद अमेरिकी हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया। सुबह 10 बजकर 3 मिनट पर फ्लाइट 93 पेंसिल्वेनिया में दुर्घटनाग्रस्त हुई और 10 बजकर 28 मिनट पर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का नॉर्थ टावर भी ढह गया।
इन घटनाओं ने न्यूयॉर्क की पहचान और वहां रहने वाले लोगों की जिंदगी पर गहरा असर डाला। कबीर खान ने भी इस बदलाव को करीब से देखा और बाद में अपनी फिल्म के जरिए उस दौर की जटिल परिस्थितियों को पर्दे पर उतारने की कोशिश की।
‘न्यूयॉर्क’ में दिखाया गया 9/11 के बाद का असर
कबीर खान की फिल्म ‘न्यूयॉर्क’ साल 2009 में रिलीज हुई थी। फिल्म में जॉन अब्राहम, कैटरीना कैफ और नील नितिन मुकेश मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। कहानी तीन दोस्तों सैम, माया और उमर के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी जिंदगी 9/11 हमलों के बाद पूरी तरह बदल जाती है।
फिल्म में दिखाया गया है कि उमर को बाद में एफबीआई हिरासत में ले लेती है और एजेंट रोशन, जिसका किरदार इरफान खान ने निभाया था, उस पर अपने पुराने दोस्त सैम के खिलाफ जासूसी करने का दबाव डालता है। सैम पर आतंकवाद से जुड़े होने का संदेह होता है। फिल्म ने आतंकवाद के साथ-साथ संदेह, पहचान, दोस्ती और 9/11 के बाद मुसलमानों के प्रति बढ़े अविश्वास जैसे संवेदनशील मुद्दों को भी सामने रखा।
25 साल बाद भी यादों में जिंदा है वह दिन
9/11 हमलों की 25वीं बरसी पर कबीर खान की पोस्ट ने एक बार फिर उस दौर की यादें ताजा कर दी हैं। उनके लिए न्यूयॉर्क सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि उनके फिल्मी सफर और व्यक्तिगत अनुभवों का अहम हिस्सा है। जिस शहर को उन्होंने 2001 में एक भयावह त्रासदी से गुजरते देखा था, उसी शहर में उन्होंने कुछ वर्षों बाद ‘न्यूयॉर्क’ जैसी फिल्म बनाई। उनकी हालिया तस्वीरें इस बात की याद दिलाती हैं कि समय बीतने के बावजूद कुछ घटनाएं इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि उनसे जुड़ी व्यक्तिगत और सामूहिक यादें लंबे समय तक लोगों के साथ बनी रहती हैं।