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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। इस अवसर पर उन्होंने संविधान, सामाजिक न्याय और विकास से जुड़े सरकार के निर्णयों पर भी प्रकाश डाला।
देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने छह लेन वाले दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन किया। यह परियोजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति देने वाली बताई जा रही है।
अंबेडकर को श्रद्धांजलि और संविधान पर बयान
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां भी संविधान की भावना को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही हैं।
Tributes to Dr. Babasaheb Ambedkar on his birth anniversary. His efforts towards nation building are deeply motivating. His life and work continue to inspire generations to build a just and progressive society. pic.twitter.com/MWHUTlpf9Y
— Narendra Modi (@narendramodi) April 14, 2026
अनुच्छेद 370 और UCC पर टिप्पणी
प्रधानमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद देश में संविधान पूरी तरह लागू हुआ है और अब सभी क्षेत्रों में समान संवैधानिक व्यवस्था स्थापित हो रही है। उन्होंने उत्तराखंड द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) लागू किए जाने को एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम बताया।
दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा
प्रधानमंत्री ने 213 किलोमीटर लंबे, छह लेन वाले दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन किया, जिसकी लागत 12,000 करोड़ रुपये से अधिक है। इस परियोजना से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय घटकर लगभग ढाई घंटे रह जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा और क्षेत्रीय विकास को गति देगा।
कार्यक्रम में देरी पर माफी
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में देरी के लिए उपस्थित लोगों से क्षमा भी मांगी और कहा कि रास्ते में रोड शो के दौरान जनता के उत्साह के कारण यात्रा में समय लगा।
त्योहारों की शुभकामनाएं
उन्होंने कार्यक्रम के दौरान बैसाखी, पुथंडू और बोहाग बिहू जैसे पर्वों की शुभकामनाएं दीं और उत्तराखंड के विकास को लेकर विश्वास जताया।