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पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पीएम मोदी और अमित शाह की मौजूदगी में दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल समेत 5 मंत्रियों ने भी पदभार ग्रहण किया।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नए युग का सूत्रपात हुआ है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर इतिहास रच दिया। कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित एनडीए के तमाम दिग्गज नेता साक्षी बने। राज्यपाल आर.एन. रवि ने शुभेंदु अधिकारी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्रियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विशेष रूप से कोलकाता पहुंचे, जहां उन्होंने जनता का अभिवादन स्वीकार किया। समारोह में भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान के साथ-साथ असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी शामिल हुईं। ब्रिगेड परेड ग्राउंड में उमड़ी लाखों की भीड़ ने ‘जय श्री राम’ के नारों के साथ नई सरकार का स्वागत किया।
नये मंत्रिमंडल का गठन: इन दिग्गजों ने ली शपथ
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ भाजपा के पांच वरिष्ठ विधायकों ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। इनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष, फैशन डिजाइनर से राजनेता बनीं अग्निमित्रा पॉल, निशिथ प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और क्षुदिराम टुडू शामिल हैं। शपथ ग्रहण के बाद इन सभी मंत्रियों ने मंच पर प्रधानमंत्री मोदी का अभिवादन किया। विशेष रूप से दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल की नियुक्ति को बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों और सांगठनिक मजबूती के संतुलन के रूप में देखा जा रहा है।
ममता बनर्जी को हराकर रचा इतिहास
उल्लेखनीय है कि शुभेंदु अधिकारी ने हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में न केवल अपने गढ़ नंदीग्राम में जीत हासिल की, बल्कि भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में ममता बनर्जी को 15,100 से अधिक मतों के अंतर से हराकर भाजपा की जीत का मार्ग प्रशस्त किया। 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 200 से अधिक सीटें जीतकर तृणमूल कांग्रेस के एक दशक से अधिक लंबे शासन को समाप्त किया है।