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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को आगे बढ़ाने से जुड़े प्रस्तावित संशोधन का समर्थन करते हुए महिला सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य देश की महिलाओं को हर स्तर पर मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है।
महिला सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस
नई दिल्ली में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद से सरकार ने महिलाओं के जीवन के हर चरण में सहायता देने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब घरों का पंजीकरण महिलाओं के नाम पर किया जा रहा है। साथ ही जन धन योजना के तहत 32 करोड़ से अधिक महिलाओं ने बैंक खाते खोले हैं, जिससे उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ी है।
मातृत्व अवकाश बढ़ाकर 26 सप्ताह
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने मातृत्व अवकाश को बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया है, जिससे महिलाओं के करियर पर कोई नकारात्मक असर न पड़े। उन्होंने इसे विश्व के कई विकसित देशों से बेहतर व्यवस्था बताया।
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श्रम संहिता 2025 के तहत लागू नियमों के अनुसार, प्रसव से पहले और बाद में निर्धारित अवधि तक मातृत्व लाभ दिया जाता है। इसके अलावा गोद लेने वाली माताओं को भी 12 सप्ताह का मातृत्व लाभ प्रदान किया जाता है।
आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं, तो वे निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि जन धन योजना ने महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम और संसद में चर्चा
पीएम मोदी ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक सभी दलों की सहमति से पारित हुआ था और इसका लक्ष्य 2029 तक पूरी तरह लागू करना है।
सरकार का कहना है कि यह आरक्षण नई जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। प्रस्ताव के अनुसार परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों की संख्या में भी वृद्धि हो सकती है।
आगामी संसद सत्र में चर्चा
इस मुद्दे पर चर्चा के लिए 16 अप्रैल से संसद का विशेष तीन दिवसीय सत्र बुलाया गया है, जिसमें संशोधन विधेयक और परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।