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सर्दियों में कई लोगों को सुबह उठते ही ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह मॉर्निंग हाइपरटेंशन का संकेत हो सकता है। डॉ. अजीत जैन के अनुसार, यह स्थिति खासकर उन लोगों में अधिक देखी जाती है जिन्हें पहले से हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, डायबिटीज या थायरॉयड की समस्या हो।
क्यों बढ़ता है ब्लड प्रेशर सर्दियों में?
ठंड के मौसम में शरीर के ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाते हैं, जिससे दिल को रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इसके अलावा, सर्दियों में फिजिकल एक्टिविटी कम, भारी भोजन, अधिक नमक का सेवन और पर्याप्त पानी न पीना भी ब्लड प्रेशर बढ़ाने के कारण बनते हैं। सुबह अचानक उठना, नींद की कमी, तनाव, स्लीप एपनिया और हॉर्मोनल बदलाव भी इसके पीछे जिम्मेदार होते हैं।
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मॉर्निंग हाइपरटेंशन क्या है?
राजीव गांधी हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अजीत जैन बताते हैं कि सुबह जागने के पहले कुछ घंटों में ब्लड प्रेशर असामान्य रूप से बढ़ जाना मॉर्निंग हाइपरटेंशन कहलाता है। यह उन लोगों में आम है जिन्हें पहले से हाई बीपी, हृदय रोग, किडनी रोग या लगातार तनाव रहता है।
जागने के समय शरीर में कॉर्टिसोल हॉर्मोन बढ़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर स्वाभाविक रूप से बढ़ता है। लेकिन अगर यह सामान्य से अधिक हो जाए तो इसे मॉर्निंग हाइपरटेंशन कहा जाता है। इसके लक्षणों में सिर दर्द, चक्कर, धड़कन तेज होना, आंखों में दबाव, बेचैनी और थकान शामिल हैं। यदि इसे नजरअंदाज किया जाए तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य कार्डियक जोखिम बढ़ सकते हैं।
कैसे करें मॉर्निंग हाइपरटेंशन से बचाव?
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सुबह उठते समय तुरंत खड़े न हों, धीरे-धीरे उठें।
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गर्म कपड़े पहनें और शरीर को ठंड से बचाएं।
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रोज़ाना 20-30 मिनट हल्की एक्सरसाइज करें।
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नमक का सेवन कम रखें और संतुलित डाइट लें।
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पर्याप्त पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें।
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रात में पूरी नींद लें और तनाव कम करें।
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डॉक्टर की दवाई समय पर लें और नियमित रूप से बीपी मॉनिटर करें।
सर्दियों में मॉर्निंग हाइपरटेंशन पर ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि सही समय पर सावधानी और उपचार से हार्ट और स्ट्रोक के जोखिम को कम किया जा सकता है।