पंजाब के मंत्री लाल चंद कटारुचक ने पठानकोट में ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत राशन किटें बांटी। जानें 40 लाख परिवारों के लिए इस योजना के लाभ।
पंजाब सरकार की जनकल्याणकारी ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत प्रदेश भर में गरीबों और जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारुचक ने जिला पठानकोट के गांव चौहानों (Chauhanan) में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को राशन किटें वितरित कीं।
पोषाहार सुनिश्चित करने का संकल्प
‘ਮੇਰੀ ਰਸੋਈ’ ਯੋਜਨਾ ਅਧੀਨ ਪਿੰਡ ਚੌਹਾਨਾਂ ਵਿਖੇ ਵੰਡੀਆਂ ਗਈਆਂ ਰਾਸ਼ਨ ਕਿੱਟਾਂ!
ਪੰਜਾਬ ਦੇ 40 ਲੱਖ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਲਈ ਲਾਭਕਾਰੀ ‘ਮੇਰੀ ਰਸੋਈ’ ਯੋਜਨਾ ਤਹਿਤ ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @LC_Kataruchak ਨੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪਠਾਨਕੋਟ ਦੇ ਪਿੰਡ ਚੌਹਾਨਾਂ ਵਿਖੇ ਰਾਸ਼ਨ ਕਿੱਟਾਂ ਦੀ ਵੰਡ ਕੀਤੀ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਉਹਨਾਂ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਕਿ ਸਾਰੇ ਯੋਗ… pic.twitter.com/J3noNZ1h6j
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 18, 2026
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारुचक ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार प्रदेश के हर उस परिवार तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसे आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ‘मेरी रसोई’ योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के करीब 40 लाख पात्र परिवारों को घर की रसोई का खर्च कम करने में मदद करना और उन्हें पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि मान सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी बच्चा कुपोषण का शिकार न हो और हर घर में चूल्हा जलता रहे।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को हर तीन महीने में एक विशेष राशन किट दी जाती है। इस किट में दैनिक रसोई के लिए आवश्यक वस्तुएं जैसे दाल, चीनी, नमक, हल्दी और सरसों का तेल शामिल हैं। यह राशन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मिलने वाले गेहूं के अतिरिक्त है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिल रही है।
पारदर्शी वितरण प्रणाली
लाल चंद कटारुचक ने स्पष्ट किया कि वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। राज्य सरकार की मार्कफेड (MARKFED) एजेंसी द्वारा तैयार की गई इन किटों को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के माध्यम से राशन डिपुओं पर पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वितरण में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित रूप से गुणवत्ता की जांच की जा रही है ताकि लाभार्थियों को सर्वोत्तम राशन मिले। कार्यक्रम के दौरान गांव के कई निवासियों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान और स्थानीय प्रशासन का आभार व्यक्त किया।