अयोध्या राम मंदिर में करोड़ों के चंदे की चोरी पर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को घेरा। चंपत राय को पद से हटाने और उच्च-स्तरीय जांच की मांग की।
अयोध्या के राम मंदिर में करोड़ों रुपये के चंदे और चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए तीखे सवाल खड़े किए हैं। केजरीवाल ने पूछा है कि इतनी बड़ी चोरी के बावजूद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
केजरीवाल का सीधा सवाल: “सरकार किसे बचा रही है?”
अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है, और इसी पवित्र स्थान से करोड़ों रुपये के चंदे और गहनों की चोरी हो गई है। केजरीवाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए निम्नलिखित बिंदु उठाए:
राम मंदिर में हुई चंदा चोरी पर अरविंद केजरीवाल जी का बड़ा सवाल…#RamMandirMeinChori https://t.co/U17p2hc3pe
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) June 23, 2026
200 करोड़ के कैश की चोरी का दावा: केजरीवाल का कहना है कि रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 200 करोड़ रुपये का कैश और कई बक्से गहने चोरी हुए हैं।
FIR पर खामोशी क्यों? उन्होंने सवाल किया कि जब इतने बड़े पैमाने पर चोरी हुई है, तो अब तक कोई आधिकारिक FIR दर्ज क्यों नहीं हुई? न उत्तर प्रदेश पुलिस, न प्रवर्तन निदेशालय (ED) और न ही CBI ने अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई की है।
चंपत राय के पद पर सवाल: चंपत राय की भूमिका पर संदेह जताते हुए केजरीवाल ने कहा, “पूरा मैनेजमेंट चंपत राय के हाथों में है। इतनी बड़ी चोरी के बाद भी उन्हें पद से क्यों नहीं हटाया गया? क्या यह इसलिए है कि उन्हें सबूत मिटाने या गवाहों को प्रभावित करने का समय दिया जा रहा है?”
“क्या बड़े चेहरों के बेनकाब होने का डर है?”
अरविंद केजरीवाल ने इस मामले को केवल एक साधारण चोरी न मानते हुए इसे एक बड़े घोटाले की ओर इशारा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चंपत राय को बचाने की कोशिश यह दर्शाती है कि सरकार के भीतर कहीं न कहीं यह डर है कि अगर चंपत राय ने अपना मुंह खोला, तो कई ‘बड़े चेहरे’ बेनकाब हो जाएंगे। उन्होंने मांग की कि इस प्रकरण में शामिल लोग चाहे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, उन्हें तत्काल हिरासत में लेकर जेल भेजा जाना चाहिए।
आस्था की सुरक्षा के लिए SIT पर उठ रहे सवाल
अयोध्या में गठित SIT (विशेष जांच दल) द्वारा की जा रही जांच पर भी विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। आम आदमी पार्टी का तर्क है कि जब तक इस मामले में निष्पक्ष FIR दर्ज नहीं होगी और किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से जांच नहीं कराई जाएगी, तब तक करोड़ों राम भक्तों को न्याय नहीं मिलेगा। पार्टी ने देशभर में विरोध प्रदर्शन कर इस मामले की उच्च-स्तरीय और पारदर्शी जांच की मांग तेज कर दी है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
- आरोप: राम मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन पर करोड़ों के गबन और चोरी का आरोप।
- मांग: चंपत राय को पद से हटाकर निष्पक्ष जांच की मांग।
- राजनीतिक स्टैंड: आम आदमी पार्टी इसे आस्था के साथ खिलवाड़ और बड़ा घोटाला बता रही है।