हरपाल सिंह चीमा ने सुखबीर बादल पर CM भगवंत मान के खिलाफ फर्जी वीडियो की साजिश रचने का आरोप लगाया। फोरेंसिक रिपोर्ट ने किया खुलासा।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर मुख्यमंत्री भगवंत मान को बदनाम करने की गहरी साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ वायरल किए गए विवादास्पद वीडियो की सच्चाई सामने आ गई है और यह पूरी तरह से एक ‘फेक वीडियो’ है।
फोरेंसिक रिपोर्ट में क्या हुआ खुलासा?
ਫ਼ਰਜ਼ੀ ਵੀਡੀਓ ਮਾਮਲੇ ‘ਚ ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਦੀ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਨਾਕਾਮ!
ਪੰਜਾਬ ਤੋਂ ਬਾਹਰੋਂ ਅਤੇ ਭਾਰਤ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਮਾਨਤਾ ਪ੍ਰਾਪਤ 2 ਲੈਬਾਂ ਨੇ 1191 ਵੱਖੋ-ਵੱਖ ਐਂਗਲਾਂ ਤੋਂ ਕੀਤੀ ਵੀਡੀਓ ਦੀ ਜਾਂਚ ਅਤੇ ਰਿਪੋਰਟਾਂ ‘ਚ ਸਪਸ਼ਟ ਕਿਹਾ ਕਿ ਵੀਡੀਓ ਵਿੱਚ ਦਿਖਾਈ ਦੇ ਰਹੇ ਇਨਸਾਨ ਦੀ ਲੰਬਾਈ, ਕੱਦ-ਕਾਠ, ਚਿਹਰਾ, ਸਰੀਰਕ ਬਣਤਰ, ਚੱਲਣ ਦਾ ਢੰਗ ਆਦਿ ਕੁਝ… pic.twitter.com/WfZ7cyjPWN
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 18, 2026
हरपाल सिंह चीमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि पंजाब के बाहर स्थित और भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त दो स्वतंत्र फोरेंसिक प्रयोगशालाओं ने इस वीडियो की बारीकी से जांच की है। चीमा ने बताया कि इन लैब ने वीडियो के 1,191 अलग-अलग पहलुओं (Points) का गहन विश्लेषण किया है। जांच में स्पष्ट हुआ है कि वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की लंबाई, कद-काठी, चेहरे की बनावट, शारीरिक ढांचा और चलने का तरीका मुख्यमंत्री भगवंत मान से बिल्कुल भी मेल नहीं खाता है।
सुखबीर बादल पर बरसे हरपाल चीमा
वित्त मंत्री चीमा ने इस पूरे मामले को सुखबीर सिंह बादल की हताशा करार दिया है। उन्होंने कहा कि जब सुखबीर बादल के पास मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं बचा, तो वे इस तरह की ओछी और घटिया साजिशों पर उतर आए हैं। चीमा ने आरोप लगाया कि पंजाब की शांति और सरकार की साख को नुकसान पहुंचाने के लिए यह वीडियो जानबूझकर फैलाया गया था, लेकिन अब फोरेंसिक रिपोर्ट ने सुखबीर बादल के दावों और उनकी साजिश को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है।
“जनता को गुमराह करने का प्रयास”
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल के नेता धर्म और राजनीति को आपस में जोड़कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाब के लोगों के लिए काम कर रहे हैं और ऐसी साजिशें उन्हें अपने रास्ते से नहीं भटका सकतीं। चीमा ने चेतावनी दी कि सरकार इस मामले की कानूनी जांच कराएगी और साजिश रचने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी राजनीतिक दल इस तरह के हथकंडे अपनाने की हिम्मत न करे।