गुजरात में किसानों के संघर्ष को नई धार! प्रवीण राम ने सुरेंद्रनगर ‘किसान महापंचायत’ से आंदोलन के दूसरे चरण का किया एलान।
गुजरात के सुरेंद्रनगर में किसानों के अधिकारों के लिए चल रहे संघर्ष ने अब एक नया और निर्णायक मोड़ ले लिया है। आम आदमी पार्टी के युवा नेता और किसान आंदोलन के प्रमुख चेहरे प्रवीण राम ने घोषणा की है कि सुरेंद्रनगर में आयोजित होने वाली ‘किसान महापंचायत’ से राज्य में किसानों की लड़ाई का ‘दूसरा चरण’ शुरू होगा।
किसानों की महापंचायत: क्या है रणनीति?
સુરેન્દ્રનગર ખાતે “કિસાન મહાપંચાયત”થી ખેડૂતો માટેની લડાઈનો બીજો અધ્યાય શરૂ થશે 🔥💯@PravinRam_ pic.twitter.com/t8HyxCpfNB
— AAP Gujarat (@AAPGujarat) June 17, 2026
प्रवीण राम के नेतृत्व में यह महापंचायत राज्य की कृषि नीतियों और किसानों के शोषण के खिलाफ एक बड़े जनांदोलन की नींव रखने जा रही है। इस महापंचायत का मुख्य उद्देश्य किसानों को एकजुट करना और सरकार की ‘शोषणकारी’ नीतियों के खिलाफ एक ठोस रणनीति तैयार करना है।
महापंचायत के मुख्य बिंदु:
- आंदोलन का विस्तार: प्रवीण राम के अनुसार, यह महापंचायत केवल एक सभा नहीं, बल्कि किसान आंदोलन का दूसरा और अधिक आक्रामक चरण है। आने वाले दिनों में आंदोलन को राज्य के कोने-कोने तक पहुँचाया जाएगा।
- किसानों का शोषण: प्रवीण राम ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गुजरात के किसान अपनी मेहनत का उचित मूल्य नहीं पा रहे हैं और सरकार उनकी आवाज़ दबाने के लिए पुलिस और प्रशासन का सहारा ले रही है।
- अधिकारों की लड़ाई: उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिल जाता और उनकी वाजिब माँगें पूरी नहीं होतीं, यह संघर्ष जारी रहेगा।
प्रवीण राम की सरकार को चुनौती
प्रवीण राम ने सरकार को चेतावनी दी है कि किसानों के सब्र का बाँध टूट चुका है। उन्होंने कहा, “हम डरने वाले नहीं हैं। सरकार चाहे जितने भी हथकंडे अपना ले, हम अपने हक के लिए लड़ते रहेंगे।” उन्होंने राज्य के सभी किसान संगठनों और युवाओं से इस महापंचायत में शामिल होने और ‘दूसरे चरण’ के इस संघर्ष को सफल बनाने की अपील की है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रवीण राम का यह कदम गुजरात के आगामी राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है, क्योंकि वे लगातार किसानों और बेरोजगार युवाओं की आवाज़ बनकर सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन रहे हैं।