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मौसम विभाग (IMD) ने देश के 15 राज्यों के लिए नया अलर्ट जारी किया है। दिल्ली, यूपी और बिहार सहित कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ आंधी की चेतावनी।
देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। जहाँ एक ओर उत्तर और मध्य भारत के राज्य भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे थे, वहीं अब मौसम विभाग (IMD) की भविष्यवाणियों ने करोड़ों लोगों को राहत की उम्मीद दी है। अगले 12 से 48 घंटों के भीतर 15 राज्यों में मौसम का बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जहाँ आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर भारत में भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद
दिल्ली-एनसीआर और इसके आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से चल रही लू (Heatwave) के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित था। अब मौसम विभाग ने मंगलवार (30 जून) और बुधवार (1 जुलाई) के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन दो दिनों में आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है, जिससे तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की जाएगी। 1 जुलाई के बाद बारिश का दायरा और तीव्रता बढ़ने की उम्मीद है, जो दिल्लीवासियों को तपती गर्मी से लंबे समय तक राहत दिलाएगी। वहीं, उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों जैसे प्रयागराज, कानपुर, आगरा और नोएडा में भी 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी और तेज बारिश का अनुमान है। प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
बिहार और राजस्थान में सक्रिय होगा मानसून
बिहार के मैदानी इलाकों में भी मौसम करवट ले रहा है। पटना, मुजफ्फरपुर और गया सहित कई जिलों में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी दी गई है। यहाँ हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है, जो जान-माल के लिए नुकसानदेह हो सकती है। दूसरी ओर, राजस्थान के शुष्क इलाकों में भी इस हफ्ते बारिश की गतिविधियां जोर पकड़ेंगी। जयपुर, बीकानेर और अजमेर जैसे संभागों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी, जबकि 2 जुलाई से राजधानी जयपुर में भीषण बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अगले 4-5 दिनों तक रुक-रुक कर होने वाली यह बारिश राजस्थान के किसानों के लिए संजीवनी का काम करेगी।
पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल: भूस्खलन और बाढ़ का खतरा
पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल के पहाड़ी जिलों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। असम और अरुणाचल प्रदेश पहले से ही बाढ़ की आपदा का सामना कर रहे हैं, जिससे लाखों लोग प्रभावित हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और जलपाईगुड़ी जैसे जिलों में 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे कई सड़क मार्ग बंद हो गए हैं और मैदानी इलाकों से संपर्क टूट गया है। प्रशासन युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है।
दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट
दक्षिण भारत में मानसून अपने पूरे शबाब पर है। केरल के कासरगोड, कन्नूर और वायनाड जैसे चार जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, जहाँ 20 सेंटीमीटर तक मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। यह स्थिति बाढ़ की आशंका को बढ़ा रही है, इसलिए आपदा प्रबंधन की टीमों को सतर्क कर दिया गया है। तमिलनाडु के नीलगिरि और कोयंबटूर जैसे पहाड़ी इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी है। चेन्नई में तापमान भले ही 37°C के आसपास है, लेकिन उमस और बारिश के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
मौसम विभाग की सलाह और सुरक्षा उपाय
मौसम विभाग ने देश के इन 15 राज्यों में रहने वाले निवासियों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। तेज आंधी के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न होने, कच्चे घरों में शरण न लेने और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है। यह मौसम का चक्र, जहाँ एक तरफ सूखे से जूझ रहे राज्यों के लिए वरदान है, वहीं पहाड़ी और बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए चुनौती भी है।
निष्कर्षतः, आने वाला सप्ताह देश के अधिकांश हिस्सों के लिए मौसम का मिला-जुला रूप लेकर आएगा। जहाँ गर्मी से राहत मिलना तय है, वहीं मौसम की इस सक्रियता के साथ आपदाओं से बचाव के लिए प्रशासन और आम जनता, दोनों को ही सतर्कता बनाए रखनी होगी। आने वाले दिनों में मानसून की स्थिति देश की आर्थिक और कृषि गतिविधियों पर गहरा प्रभाव डालेगी।