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नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड के बीच भारत ने 5.5 टन जरूरी दवाइयों और विशेष उपकरणों के साथ 11 सदस्यीय रेस्क्यू टीम भेजी। भारत अब तक 68.5 टन राहत सामग्री भेज चुका है।
नेपाल में पिछले सप्ताह आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। इसी बीच भारत ने नेपाल की मदद के लिए राहत सामग्री की पांचवीं खेप भेजी है। बुधवार को भेजी गई इस खेप में 5.5 टन आवश्यक दवाइयां और विशेष उपकरणों से लैस 11 सदस्यीय बचाव दल शामिल है। भारत ने अब तक नेपाल को कुल 68.5 टन राहत सामग्री उपलब्ध कराई है।
भारत ने भेजी राहत की पांचवीं खेप
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत का पांचवां विमान नेपाल के लिए रवाना हो चुका है। विमान में 11 सदस्यीय रेस्क्यू टीम के साथ विशेष बचाव उपकरण और 5.5 टन आवश्यक दवाइयां भेजी गई हैं। यह सहायता ऐसे समय में पहुंचाई जा रही है जब नेपाल के कई हिस्से बाढ़ की गंभीर स्थिति से जूझ रहे हैं और प्रभावित लोगों तक जरूरी चिकित्सा एवं राहत सामग्री पहुंचाना चुनौती बना हुआ है।
नेपाल में 1,000 से अधिक लोगों की मौत
नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, पिछले सप्ताह आई अचानक बाढ़ के बाद मृतकों की संख्या 1,000 से अधिक हो गई है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। बचावकर्मियों ने अब तक 12,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, जबकि करीब 4,000 लोगों के अभी भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। लापता लोगों की तलाश के लिए प्रभावित क्षेत्रों में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
भारत ने अब तक भेजी 68.5 टन राहत सामग्री
भारत की ओर से नेपाल को लगातार मानवीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। पांचवीं खेप के साथ भारत द्वारा भेजी गई राहत सामग्री की कुल मात्रा 68.5 टन हो गई है। इसमें आवश्यक दवाइयों और अन्य राहत सामग्रियों के अलावा बचाव अभियानों के लिए जरूरी उपकरण भी शामिल हैं। भारत ने इससे पहले डॉक्टरों और पैरामेडिक्स की टीम के साथ तकनीकी विशेषज्ञों का दल भी नेपाल भेजा था।
खोज और बचाव के लिए विशेषज्ञ टीम तैनात
भारत द्वारा भेजी गई सहायता में केवल राहत सामग्री ही नहीं, बल्कि विशेषज्ञ मानव संसाधन भी शामिल हैं। डॉक्टरों और पैरामेडिक्स की टीम प्रभावित लोगों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में मदद कर रही है। वहीं तकनीकी दल और विशेष उपकरणों से लैस बचावकर्मी कठिन परिस्थितियों में फंसे लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित निकालने के अभियान में सहयोग कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से की थी बात
नेपाल में फ्लैश फ्लड आने के कुछ ही घंटों बाद भारत ने राहत सहायता भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। 26 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान मोदी ने नेपाल को स्थिति से निपटने के लिए हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था। इसके बाद भारत की ओर से राहत सामग्री की पहली खेप नेपाल भेजी गई।
बाढ़ से बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान
नेपाल में बाढ़ ने जनजीवन के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचाया है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ के कारण मुख्य रूप से मध्य नेपाल में 35 मोटरेबल पुल, 45 सस्पेंशन ब्रिज और करीब 40 किलोमीटर पक्की सड़कों को नुकसान पहुंचा है। पुलों और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से कई प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच बनाना राहत एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
राहत एवं बचाव अभियान जारी
प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, लेकिन हजारों लोगों के लापता होने के कारण सर्च ऑपरेशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भारत की ओर से भेजी जा रही राहत सामग्री और विशेषज्ञ दल नेपाल के आपदा प्रबंधन प्रयासों को मजबूती देने में मदद कर रहे हैं।
मानवीय सहायता में भारत की लगातार भूमिका
नेपाल और भारत के बीच लंबे समय से घनिष्ठ संबंध रहे हैं। प्राकृतिक आपदा के इस कठिन दौर में भारत द्वारा लगातार राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और बचाव दल भेजे जाने से दोनों देशों के बीच मानवीय सहयोग को मजबूती मिली है। भारत का पांचवीं खेप भेजना इस बात को दर्शाता है कि नई दिल्ली नेपाल में जारी राहत एवं बचाव अभियानों में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।