ड्रग्स के मुद्दे पर BJP पर बरसे हरपाल चीमा, बोले- ‘गुजरात पूरे देश को बना रहा नशे का बाजार’, पंजाब को बदनाम करने का आरोप

ड्रग्स के मुद्दे पर BJP पर बरसे हरपाल चीमा, बोले- ‘गुजरात पूरे देश को बना रहा नशे का बाजार’, पंजाब को बदनाम करने का आरोप

 

पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा ने ड्रग्स के मुद्दे पर BJP पर हमला बोला। उन्होंने गुजरात को लेकर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि ‘War Against Drugs’ अभियान से पंजाब में नशे पर लगाम लगी है।

पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ड्रग्स के मुद्दे को लेकर BJP पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात से देशभर में ड्रग्स के कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है और देश को नशे के बाजार में बदलने की कोशिश की जा रही है। चीमा ने पंजाब में नशे के मुद्दे पर BJP और शिरोमणि अकाली दल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासन के दौरान राज्य में बड़ी मात्रा में ड्रग्स पहुंचा था।

हरपाल चीमा के मुताबिक, पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘War Against Drugs’ अभियान के कारण नशे के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की मुहिम ने पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को मजबूत किया है।

‘गुजरात पूरे देश को बना रहा ड्रग्स का बाजार’

हरपाल चीमा ने अपने बयान में गुजरात को लेकर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गुजरात पूरे देश को ड्रग्स के बाजार में बदल रहा है। उनका इशारा राज्य में सामने आने वाली ड्रग्स जब्ती और कथित तस्करी के मामलों की ओर था।

हालांकि, किसी पूरे राज्य को ड्रग्स के कारोबार का केंद्र बताना एक राजनीतिक आरोप है। ऐसे दावों की पुष्टि के लिए आधिकारिक जांच, जब्ती के आंकड़े और संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होती हैं। चीमा ने अपने बयान के जरिए BJP सरकार की ड्रग्स नीति और गुजरात में कथित नशे के कारोबार को लेकर सवाल खड़े किए।

‘अकाली-BJP सरकार के दौरान पंजाब में पहुंचा सबसे ज्यादा ड्रग्स’

पंजाब के कैबिनेट मंत्री ने राज्य में पिछली सरकारों के कार्यकाल को लेकर भी BJP और शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP-SAD सरकार के दौरान पंजाब में सबसे अधिक मात्रा में ड्रग्स पहुंचा था।

चीमा का कहना है कि पंजाब में नशे की समस्या नई नहीं है और पिछली सरकारों के दौरान यह गंभीर रूप ले चुकी थी। AAP सरकार का दावा है कि सत्ता में आने के बाद उसने नशे के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता दी है।

इस आरोप को लेकर BJP और SAD का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। पंजाब में ड्रग्स के मुद्दे पर राजनीतिक दल लंबे समय से एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं और नशे की समस्या चुनावी राजनीति का प्रमुख मुद्दा रही है।

‘दूसरे राज्यों के वीडियो पंजाब से जोड़कर बदनाम कर रही BJP’

हरपाल चीमा ने BJP पर पंजाब को बदनाम करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों के ड्रग्स से जुड़े वीडियो को पंजाब का बताकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है।

चीमा के अनुसार, इस तरह के वीडियो के जरिए पंजाब की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और राज्य में ड्रग्स के कारोबार को रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी वीडियो की लोकेशन और तारीख की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी होती है। इसलिए किसी वीडियो को पंजाब या किसी अन्य राज्य से जोड़ने से पहले उसके स्रोत और प्रामाणिकता की जांच करना महत्वपूर्ण है।

‘War Against Drugs’ अभियान का किया जिक्र

हरपाल चीमा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के ‘War Against Drugs’ अभियान को भी प्रमुखता से सामने रखा। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान के जरिए पंजाब में नशे के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है और ड्रग्स के कारोबार पर कार्रवाई की गई है।

AAP सरकार लंबे समय से पंजाब को नशामुक्त बनाने के अभियान को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल करती रही है। सरकार की ओर से पुलिस कार्रवाई, ड्रग्स तस्करों के खिलाफ अभियान और नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने की कोशिशों को इस मुहिम का हिस्सा बताया जाता है।

चीमा ने दावा किया कि इस अभियान के कारण पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को मजबूती मिली है और नशे के कारोबार पर रोक लगाने की दिशा में सरकार को सफलता मिली है।

पंजाब में फिर गरमाया ड्रग्स का राजनीतिक मुद्दा

हरपाल चीमा के ताजा बयान के बाद पंजाब में ड्रग्स को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो सकती है। AAP जहां अपनी सरकार की कार्रवाई को उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है, वहीं विपक्ष पंजाब में नशे की समस्या को लेकर सरकार से जवाब मांगता रहा है।

चीमा ने अपने बयान में तीन प्रमुख मुद्दों को उठाया—गुजरात को लेकर ड्रग्स कारोबार का आरोप, पिछली BJP-SAD सरकार के दौरान पंजाब में ड्रग्स की समस्या और सोशल मीडिया पर दूसरे राज्यों के वीडियो को पंजाब से जोड़ने का दावा।

फिलहाल ये सभी दावे राजनीतिक बयान के तौर पर सामने आए हैं। ड्रग्स की समस्या से जुड़े वास्तविक आंकड़ों और कार्रवाई का आकलन करने के लिए आधिकारिक जब्ती आंकड़े, जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और अदालतों में दर्ज मामलों को देखना जरूरी होगा। हालांकि, हरपाल चीमा के बयान ने पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर BJP और AAP के बीच राजनीतिक टकराव को जरूर तेज कर दिया है।

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