पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। AAP विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद ने शिक्षा और युवाओं के मुद्दे पर पार्टी का रुख बताया और जंतर-मंतर प्रदर्शन का जिक्र किया।
पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) की ओर से चुनाव की तैयारियों को लेकर बैठकों और जनसंपर्क अभियान पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में AAP विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पार्टी की युवा और शिक्षा से जुड़ी प्राथमिकताओं को सामने रखा।
अमृतपाल सिंह सुखानंद ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने हमेशा शिक्षा के मुद्दे को प्रमुखता दी है और युवाओं के अधिकारों तथा उनके भविष्य से जुड़े सवालों को लगातार उठाया है। उन्होंने कहा कि छात्र राजनीति में युवाओं की भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का काम करती है।
‘AAP ने हमेशा शिक्षा की बात की’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान AAP विधायक ने कहा कि पार्टी की राजनीति में शिक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। उनके मुताबिक, युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार के अवसर और अपने भविष्य से जुड़े फैसलों में अपनी आवाज रखने का अधिकार मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र चुनाव केवल विश्वविद्यालय परिसर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये युवाओं की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी का भी महत्वपूर्ण मंच हैं। छात्र अपने मुद्दों और अधिकारों को लोकतांत्रिक तरीके से सामने रख सकें, इसके लिए मजबूत छात्र नेतृत्व जरूरी है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन का किया जिक्र
अमृतपाल सिंह सुखानंद ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए युवाओं के प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान आम आदमी पार्टी ने युवाओं की मांगों और उनके संघर्ष को सबसे ज्यादा समर्थन दिया।
AAP विधायक ने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को सुना जाना चाहिए। उन्होंने पार्टी के समर्थन को युवाओं के साथ AAP की राजनीतिक प्रतिबद्धता से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी ने छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लगातार सार्वजनिक मंचों पर उठाया है।
‘युवाओं के संघर्ष ने BJP का अहंकार तोड़ा’
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अपने बयान में अमृतपाल सिंह सुखानंद ने BJP पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि युवाओं के संघर्ष और उनकी एकजुटता ने BJP के कथित अहंकार को चुनौती दी है। उन्होंने युवाओं की ताकत को लोकतंत्र की महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए कहा कि जब छात्र और युवा अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं, तो सरकारों को उनकी बात सुननी पड़ती है।
AAP विधायक ने कहा कि देश का युवा केवल रोजगार और शिक्षा ही नहीं, बल्कि पारदर्शी व्यवस्था और अपने अधिकारों को लेकर भी जागरूक है। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की।
छात्र चुनाव में AAP की सक्रिय भूमिका
पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र चुनाव को लेकर AAP की सक्रियता को पार्टी की युवा राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। छात्र संगठनों के बीच चुनावी मुकाबले के साथ-साथ राजनीतिक दलों की गतिविधियां भी बढ़ने की संभावना है।
AAP की ओर से शिक्षा, रोजगार और युवा अधिकारों को चुनावी मुद्दा बनाने पर जोर दिया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि छात्र राजनीति में ऐसे प्रतिनिधि चुने जाने चाहिए जो विश्वविद्यालय और छात्रों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को मजबूती से उठा सकें।
शिक्षा और रोजगार होंगे प्रमुख मुद्दे
पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र चुनाव में शिक्षा की गुणवत्ता, फीस, छात्र सुविधाएं, रोजगार के अवसर, हॉस्टल, कैंपस सुरक्षा और छात्रों की भागीदारी जैसे मुद्दे अहम हो सकते हैं। ऐसे में राजनीतिक दल और छात्र संगठन युवाओं से जुड़े मुद्दों को अपने अभियान का हिस्सा बनाने की तैयारी में हैं।
अमृतपाल सिंह सुखानंद ने संकेत दिया कि AAP युवाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य देश और राज्य के भविष्य से जुड़ा हुआ है और उनकी आवाज को राजनीतिक व्यवस्था में उचित स्थान मिलना चाहिए।
चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज
पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र चुनाव से पहले AAP की ओर से की जा रही गतिविधियों से विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में हलचल बढ़ने के संकेत हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पार्टी ने शिक्षा, युवा अधिकार और छात्रों के संघर्ष के समर्थन को प्रमुखता से सामने रखा है।
अमृतपाल सिंह सुखानंद के बयान में जंतर-मंतर के प्रदर्शन और BJP के खिलाफ युवाओं के संघर्ष का भी उल्लेख किया गया। AAP इसे युवाओं के साथ अपने जुड़ाव के तौर पर पेश कर रही है। हालांकि, छात्र चुनाव में अंतिम तस्वीर उम्मीदवारों, छात्र संगठनों और उनके मुद्दों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र चुनाव को लेकर तैयारियां जोर पकड़ रही हैं और AAP ने शिक्षा तथा युवा अधिकारों को केंद्र में रखते हुए अपनी राजनीतिक रणनीति के संकेत दे दिए हैं। आने वाले दिनों में अन्य राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों की सक्रियता बढ़ने के साथ चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है।