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केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि सरकार ESIC में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। अब अच्छे प्राइवेट अस्पतालों को ESIC सुविधा से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
केंद्र सरकार कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि सरकार ESIC प्रणाली में बड़े बदलाव लाने पर काम कर रही है। इसके तहत देश के अच्छे और बेहतर सुविधाओं वाले निजी अस्पतालों को भी ESIC अस्पताल के रूप में नामित करने पर विचार किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बीमित कर्मचारियों और उनके परिवारों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि यदि निजी क्षेत्र के अस्पताल बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं, तो उन्हें ESIC नेटवर्क का हिस्सा बनाया जा सकता है।
निजी अस्पतालों को ESIC नेटवर्क में जोड़ने की योजना
मनसुख मांडविया ने दिल्ली में आयोजित FICCI-AIOE Global Industrial Relations Summit को संबोधित करते हुए कहा कि ESIC में सुधार की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में उद्योग जगत और अन्य हितधारकों से मिलने वाले सुझावों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी।
मौजूदा व्यवस्था में ESIC अपने अस्पतालों और डिस्पेंसरी नेटवर्क के माध्यम से बीमित कर्मचारियों और उनके आश्रितों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराता है। लेकिन कई बार कुछ विशेष इलाज या आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं ESIC अस्पतालों में उपलब्ध नहीं होती हैं। ऐसी स्थिति में मरीजों को निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा दी जाती है और खर्च ESIC द्वारा वहन किया जाता है।
नई योजना के तहत निजी अस्पतालों को सीधे ESIC व्यवस्था से जोड़ने का विकल्प तलाशा जा रहा है, जिससे मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
101 करोड़ लोगों तक पहुंची सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत में सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में देश की लगभग 101 करोड़ आबादी, यानी करीब 68.8 प्रतिशत लोगों तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुंच हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इस दायरे को और बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों को स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
कम आय वर्ग के कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
सरकार की इस पहल का सबसे बड़ा लाभ कम आय वर्ग के कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलने की उम्मीद है। ESIC योजना का उद्देश्य ऐसे कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है जो नियमित चिकित्सा खर्च उठाने में कठिनाई महसूस करते हैं।
निजी अस्पतालों को ESIC नेटवर्क में शामिल करने से कर्मचारियों को अपने आसपास बेहतर अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिल सकती है। इससे इलाज के लिए दूर जाने की समस्या कम होगी और गंभीर बीमारियों के इलाज में समय की बचत होगी।
औद्योगिक विकास के लिए बेहतर संबंध जरूरी
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने औद्योगिक संबंधों को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार, उद्योग जगत, नियोक्ताओं, कर्मचारियों और ट्रेड यूनियनों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
उन्होंने कहा कि औद्योगीकरण देश के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है क्योंकि इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
महिला सशक्तिकरण और रोजगार बढ़ाने पर जोर
मांडविया ने रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और सहकारी मॉडल की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से महिलाओं के नेतृत्व वाली योजनाएं आर्थिक भागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिलें और देश की आर्थिक प्रगति में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो।
रोजगार वृद्धि में आया सुधार
केंद्रीय मंत्री ने रोजगार क्षेत्र में हो रहे सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में रोजगार के अवसरों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।
उन्होंने बताया कि करीब 12 साल पहले जीडीपी में 1 प्रतिशत वृद्धि के मुकाबले रोजगार वृद्धि दर केवल 0.008 प्रतिशत थी, जबकि अब जीडीपी में हर 1 प्रतिशत वृद्धि के साथ रोजगार में लगभग 1.11 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है।
सरकार का मानना है कि आर्थिक विकास के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाना देश की प्राथमिकताओं में शामिल है।
EPFO सेवाओं को डिजिटल बनाने पर भी काम
मंत्री ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में किए जा रहे डिजिटल सुधारों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि EPFO में क्लेम प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने और एक ही UAN (Universal Account Number) के माध्यम से खातों के ऑटोमैटिक ट्रांसफर जैसी सुविधाओं पर काम किया जा रहा है।
इसके अलावा, सरकार UPI आधारित निकासी प्रणाली पर भी विचार कर रही है, जिससे कर्मचारियों को भविष्य निधि से जुड़े लेनदेन में और अधिक सुविधा मिल सके।
ESIC सुधार से स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा बदलाव
सरकार द्वारा ESIC में प्रस्तावित बदलाव को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। निजी अस्पतालों को ESIC नेटवर्क से जोड़ने की योजना लागू होने पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो सकता है।
बेहतर अस्पतालों का विकल्प मिलने से बीमित कर्मचारियों और उनके परिवारों को समय पर इलाज मिल सकेगा। सरकार का लक्ष्य है कि सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए तथा देश के हर कामगार को बेहतर स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सके।