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पूजा बेदी ने मानेक कॉन्ट्रैक्टर संग 8 साल की सगाई के बावजूद शादी नहीं करने की वजह बताई। एक्ट्रेस बोलीं- हमारे लिए कमिटमेंट काफी है, मेरी संपत्ति मेरे बच्चों की और उनकी संपत्ति उनके बच्चों की।
बॉलीवुड अभिनेत्री पूजा बेदी अपनी निजी जिंदगी को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। अभिनेत्री ने हाल ही में शादी और रिश्तों को लेकर अपनी बदलती सोच के बारे में खुलकर बात की। पूजा बेदी पिछले करीब 8 साल से मानेक कॉन्ट्रैक्टर के साथ सगाई कर चुकी हैं, लेकिन उनका शादी करने का कोई इरादा नहीं है। अभिनेत्री का कहना है कि उनके लिए सगाई के साथ किया गया कमिटमेंट ही काफी है और वह अपने रिश्ते को शादी के कानूनी बंधन में बांधना जरूरी नहीं मानतीं।
शादी को लेकर बदल गई पूजा बेदी की सोच
विक्की लालवानी के साथ बातचीत में पूजा बेदी ने बताया कि समय के साथ शादी को लेकर उनका नजरिया काफी बदल गया है। उन्होंने कहा कि एक समय वह भी शादी को जिंदगीभर चलने वाले पारंपरिक रिश्ते के तौर पर देखती थीं, लेकिन जिंदगी के अनुभवों ने उनकी सोच बदल दी। अब वह मानती हैं कि किसी रिश्ते की मजबूती सिर्फ शादी के कागज या कानूनी बंधन से तय नहीं होती।
पूजा के मुताबिक, वह मानेक के साथ लंबे समय से रिश्ते में हैं और दोनों एक-दूसरे के साथ बेहद सहज हैं। यही वजह है कि उन्हें अपने रिश्ते को आधिकारिक तौर पर शादी का नाम देने की जरूरत महसूस नहीं होती।
8 साल से सगाई, लेकिन शादी का कोई प्लान नहीं
पूजा बेदी ने बताया कि वह और मानेक कॉन्ट्रैक्टर पिछले आठ साल से एंगेज्ड हैं। अक्सर लोग उनसे सवाल करते हैं कि आखिर दोनों शादी कब करेंगे। इस पर उनका जवाब साफ होता है कि वह शादी नहीं करने वाली हैं।
अभिनेत्री का मानना है कि जब दो लोग एक-दूसरे के साथ पूरी जिंदगी बिताने का फैसला कर लेते हैं और एक-दूसरे के प्रति प्रतिबद्ध होते हैं, तो उस रिश्ते की अहमियत शादी के कागज से कम नहीं होती। उनके लिए मानेक के साथ उनका रिश्ता पहले से ही बेहद मजबूत और प्रतिबद्ध है।
‘सगाई का कमिटमेंट ही काफी है’
पूजा बेदी ने अपनी सोच समझाते हुए कहा कि सगाई का मतलब ही यह है कि कोई व्यक्ति आपके साथ अपनी पूरी जिंदगी बिताने की इच्छा जाहिर कर रहा है। उनके अनुसार, जब दोनों लोगों के बीच यह कमिटमेंट मौजूद है तो उसके बाद शादी के लिए सिर्फ एक कागज पर हस्ताक्षर करना और सरकार को रिश्ते में शामिल करना रह जाता है।
उनकी नजर में रिश्ते की असली मजबूती आपसी प्यार, विश्वास, समझ और साथ निभाने की इच्छा से आती है। शादी का कानूनी दर्जा इन भावनाओं को जरूरी तौर पर मजबूत नहीं करता।
‘हम शादीशुदा जैसे ही हैं’
पूजा बेदी ने अपने और मानेक के रिश्ते को लेकर कहा कि दोनों ‘as good as married’ हैं। यानी भले ही दोनों ने कानूनी रूप से शादी नहीं की है, लेकिन उनके रिश्ते में एक शादीशुदा जोड़े जैसी समझ और प्रतिबद्धता है।
अभिनेत्री के अनुसार, दोनों एक-दूसरे के साथ जिंदगी साझा कर रहे हैं और उनके बीच वह कमिटमेंट मौजूद है जिसकी वह शादी से उम्मीद करती हैं। इसलिए उनके लिए शादी का आधिकारिक टैग जरूरी नहीं है।
आर्थिक स्वतंत्रता भी है एक वजह
पूजा बेदी ने शादी न करने के फैसले के पीछे आर्थिक पहलू का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह और मानेक दोनों आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं। ऐसे में अलग-अलग रहकर अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों को संभालना उनके लिए ज्यादा आसान है।
उनके अनुसार, दोनों के अपने-अपने बच्चे और संपत्तियां हैं। शादी न करने की स्थिति में दोनों अपनी संपत्ति को अपने-अपने बच्चों के लिए सुरक्षित रख सकते हैं। अभिनेत्री ने इस व्यवस्था को आर्थिक रूप से भी सुविधाजनक बताया।
‘मेरी संपत्ति मेरे बच्चों के लिए, उसकी उसके बच्चों के लिए’
पूजा बेदी ने अपने फैसले को समझाते हुए संपत्ति और बच्चों का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि अगर दोनों आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं तो शादी के बाद संपत्ति और वित्तीय मामलों को आपस में मिलाने की जरूरत नहीं पड़ती।
उनके मुताबिक, उनकी संपत्तियां उनके बच्चों के लिए हैं और मानेक की संपत्तियां उनके बच्चों के लिए। इस तरह दोनों अपने-अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आर्थिक फैसले ले सकते हैं। उनके लिए यह व्यवस्था व्यावहारिक और आसान है।
पारंपरिक शादी की सोच से अलग है नजरिया
पूजा बेदी का नजरिया शादी को लेकर पारंपरिक सोच से काफी अलग है। आमतौर पर समाज में लंबे समय तक रिश्ते को शादी के जरिए आधिकारिक पहचान मिलने को जरूरी माना जाता रहा है। लेकिन पूजा का मानना है कि दो लोगों के बीच मजबूत रिश्ता बनाने के लिए कानूनी दस्तावेज से ज्यादा जरूरी आपसी समझ और कमिटमेंट है।
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब रिश्तों और शादी को लेकर लोगों की सोच तेजी से बदल रही है। कई लोग अब शादी को व्यक्तिगत पसंद के तौर पर देखते हैं और रिश्ते की सफलता को केवल कानूनी स्थिति से नहीं जोड़ते।
मानेक के साथ रिश्ते में खुश हैं पूजा
पूजा बेदी के बयान से साफ है कि वह अपने वर्तमान रिश्ते से संतुष्ट हैं। आठ साल की सगाई के बावजूद शादी नहीं करने का उनका फैसला सोच-समझकर लिया गया है। वह और मानेक अपने रिश्ते को अपनी शर्तों पर आगे बढ़ा रहे हैं।
अभिनेत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि शादी न करने का मतलब यह नहीं है कि रिश्ते में कम प्यार या प्रतिबद्धता है। उनके लिए साथ रहना, एक-दूसरे को समझना और जिंदगी में साथी बने रहना ही रिश्ते की असली पहचान है।
सोशल मीडिया और फैंस के बीच चर्चा
पूजा बेदी का यह बयान सामने आने के बाद शादी, रिश्ते और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उनके विचार उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं जो शादी को रिश्ते की अनिवार्य मंजिल नहीं मानते। पूजा ने अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर बताया कि हर कपल को अपने रिश्ते की परिभाषा खुद तय करने का अधिकार होना चाहिए।
कुल मिलाकर, पूजा बेदी और मानेक कॉन्ट्रैक्टर की आठ साल की सगाई के बावजूद शादी नहीं करने का फैसला उनकी व्यक्तिगत सोच और जीवनशैली से जुड़ा है। अभिनेत्री के लिए रिश्ते में प्यार, साथ और कमिटमेंट सबसे ज्यादा मायने रखते हैं, जबकि शादी का कानूनी दर्जा उनके लिए जरूरी नहीं है।