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छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में विपक्ष का विरोध जारी है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने अमित शाह से जवाब मांगा और FCRA बिल को JPC भेजने की मांग का समर्थन किया।
छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को स्पष्ट कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर अपना रुख जारी रखेगा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगता रहेगा। संसद परिसर में विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए खड़गे ने कहा कि अगले दिन भी कोई बदलाव नहीं होगा और विपक्ष जिस तरीके से अब तक अपना विरोध दर्ज कराता आया है, उसी तरह आगे भी करता रहेगा।
खड़गे के इस बयान से साफ संकेत मिला कि छात्र प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा विपक्ष के लिए फिलहाल प्राथमिकता बना हुआ है। विपक्ष का आरोप है कि दिल्ली और देश के कुछ अन्य हिस्सों में अपने भविष्य तथा भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया। विपक्ष इसी मामले में केंद्र सरकार से जवाब और जवाबदेही की मांग कर रहा है।
संसद परिसर में लगे ‘अमित शाह जवाब दो’ के नारे
बुधवार को विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान नेताओं ने “अमित शाह जवाब दो” के नारे लगाए। विपक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री को निशाने पर लेते हुए छात्र प्रदर्शनकारियों के साथ कथित व्यवहार पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।
विपक्षी दलों का कहना है कि जब युवा अपने भविष्य और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते हैं, तो उनकी बात सुनी जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाया है कि ऐसी कार्रवाई की जिम्मेदारी किसकी है और सरकार इस पर सदन में अपना पक्ष स्पष्ट करे।
खड़गे बोले- FCRA बिल JPC को भेजा जाए
मल्लिकार्जुन खड़गे ने छात्र प्रदर्शन के मुद्दे के साथ-साथ FCRA संशोधन विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC के पास भेजने की मांग का भी समर्थन किया। जब उनसे इस मांग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विधेयक को JPC के पास भेजा जाना चाहिए।
FCRA यानी Foreign Contribution (Regulation) Act देश में व्यक्तियों, संगठनों और संस्थाओं द्वारा विदेशी योगदान स्वीकार करने और उसके इस्तेमाल को नियंत्रित करता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेश से प्राप्त धन का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों के लिए ही किया जाए।
Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 को 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था और फिलहाल यह संसद में विचाराधीन है। इसके अलावा संशोधित FCRA Rules, 2026 को 22 जून को अधिसूचित किया गया था और ये नियम लागू हो चुके हैं। विपक्ष इस विधेयक पर व्यापक चर्चा और संसदीय जांच की मांग कर रहा है।
दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित
संसद में जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है। दूसरी ओर, सरकार के सामने सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने की चुनौती बनी हुई है।
बार-बार हो रहे विरोध और नारेबाजी के कारण संसद की कार्यवाही प्रभावित होने का मुद्दा भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। विपक्ष का कहना है कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए, जबकि सत्ता पक्ष सदन की कार्यवाही चलाने पर जोर देता रहा है।
प्रियंका गांधी ने भी अमित शाह पर साधा निशाना
इससे पहले कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित रूप से लाठी और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाया। प्रियंका गांधी ने पूछा कि जब हजारों छात्र अपने भविष्य से जुड़ी एक मांग को लेकर प्रदर्शन करते हैं और उनके खिलाफ बल का इस्तेमाल होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग किए जाने की स्थिति में सरकार को जवाब देना होगा। प्रियंका गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि क्या गृह मंत्री जनता के प्रति जवाबदेह नहीं हैं। उनके बयान ने छात्र आंदोलन के मुद्दे को लेकर कांग्रेस के हमले को और तेज कर दिया।
राहुल गांधी भी मांग चुके हैं जवाब
छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी केंद्र सरकार से जवाब मांग रहे हैं। विपक्ष की ओर से लगातार यह मांग की जा रही है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में इस मामले पर अपना पक्ष रखें। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों और पुलिस कार्रवाई पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
वहीं, सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे को लेकर टकराव का असर संसद की कार्यवाही पर भी पड़ रहा है। प्रदर्शन, नारेबाजी और जवाब की मांग के कारण सदन में सामान्य कामकाज प्रभावित हो रहा है।
आगे भी जारी रह सकता है गतिरोध
मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान से संकेत मिलता है कि विपक्ष छात्र प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं है। विपक्ष लगातार अमित शाह से जवाब मांग रहा है और FCRA बिल को JPC के पास भेजने की मांग भी उठा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहने की संभावना है।
छात्रों के प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई, भर्ती और रोजगार से जुड़े सवालों के साथ-साथ FCRA विधेयक अब संसद की राजनीतिक बहस के प्रमुख मुद्दों में शामिल हो गए हैं। विपक्ष जहां जवाबदेही और संसदीय जांच पर जोर दे रहा है, वहीं सरकार के लिए सदन की कार्यवाही को सुचारू बनाए रखना अहम चुनौती है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार विपक्ष की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और संसद में जारी गतिरोध किस तरह समाप्त होता है।