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झारखंड में छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज को लेकर संसद में BJP और विपक्ष आमने-सामने हैं। BJP ने राहुल गांधी पर निशाना साधा, जबकि प्रियंका गांधी ने अमित शाह से जवाब मांगा।
झारखंड की राजधानी रांची में छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज को लेकर बुधवार को संसद परिसर में राजनीतिक घमासान देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के झारखंड से जुड़े सांसदों ने संसद में प्रदर्शन करते हुए छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। BJP सांसदों ने झारखंड की JMM-कांग्रेस गठबंधन सरकार पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित तौर पर कठोर व्यवहार करने का आरोप लगाया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और उन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी पर BJP का हमला
BJP सांसदों का आरोप था कि राहुल गांधी दिल्ली में छात्र आंदोलनों और प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आवाज उठाते हैं, लेकिन झारखंड में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर चुप हैं। BJP नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण हैं, तो फिर अलग-अलग राज्यों में होने वाले आंदोलनों को लेकर अलग-अलग रुख क्यों अपनाया जा रहा है। भाजपा सांसदों ने झारखंड में छात्रों के साथ हुई कार्रवाई को गंभीर मुद्दा बताते हुए राज्य सरकार से जवाबदेही की मांग की।
BJP के प्रदर्शन के समानांतर विपक्षी नेताओं ने भी संसद में केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध जारी रखा। विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाना बनाते हुए “अमित शाह जवाब दो” के नारे लगाए। विपक्ष का आरोप है कि दिल्ली और अन्य राज्यों में छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस द्वारा जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया गया और इस पूरे मामले में केंद्र सरकार को जवाब देना चाहिए।
प्रियंका गांधी ने अमित शाह से मांगा जवाब
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने छात्र आंदोलनों के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। राष्ट्रीय राजधानी में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि जब हजारों छात्र अपने भविष्य से जुड़े किसी मुद्दे को लेकर आवाज उठाते हैं, तो उनके खिलाफ लाठी और कथित तौर पर पैलेट गन का इस्तेमाल किए जाने की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी बनती है।
प्रियंका गांधी ने सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गृह मंत्री जनता के प्रति जवाबदेह नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि छात्र अपने भविष्य को लेकर अपनी बात रखने के लिए एकजुट होते हैं और उनके खिलाफ बल का इस्तेमाल किया जाता है, तो विपक्ष चुप नहीं बैठ सकता। उन्होंने संकेत दिया कि कांग्रेस और विपक्षी दल इस मुद्दे को संसद में लगातार उठाते रहेंगे।
भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक का मुद्दा
छात्र आंदोलनों के पीछे भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मुद्दे भी प्रमुख बताए जा रहे हैं। दिल्ली, झारखंड और बिहार में छात्र एवं नौकरी के अभ्यर्थी अलग-अलग मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा कथित अनियमितताओं की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इन मामलों को लेकर केंद्र सरकार से सदन में औपचारिक बयान देने की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए तथा परीक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
रांची में विधानसभा के बाहर हुआ था प्रदर्शन
झारखंड में छात्र आंदोलन उस समय तेज हुआ जब प्रदर्शनकारी रांची में राज्य विधानसभा के बाहर अपनी मांगों को लेकर जुटे। छात्र और नौकरी के अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
बताया गया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से बैरिकेड पार किए जाने के बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल का इस्तेमाल किया। इसके बाद छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाए और युवाओं की समस्याओं का समाधान किया जाए।
जांच और गिरफ्तारियों ने बढ़ाई सियासी हलचल
भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। संबंधित दावों के मुताबिक, मामले में अब तक करीब 20 लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच का भी जिक्र किया गया है। जांच आगे बढ़ने के साथ ही छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से मामले में पारदर्शिता की मांग तेज हो गई है।
विपक्ष का कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। वहीं, सरकार और संबंधित पक्षों की ओर से जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।
संसद में आमने-सामने सत्ता और विपक्ष
झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर संसद में BJP और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर BJP सांसद झारखंड की JMM-कांग्रेस सरकार पर छात्रों के साथ कथित कठोर व्यवहार का आरोप लगाकर राहुल गांधी को घेर रहे हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस और विपक्षी दल केंद्र सरकार से छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई पर जवाब मांग रहे हैं।
छात्रों से जुड़े भर्ती और परीक्षा संबंधी मुद्दे अब संसद के राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं। दोनों पक्ष अपने-अपने आरोपों और मांगों के साथ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद की कार्यवाही के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी प्रमुख केंद्र बना रह सकता है। छात्रों के भविष्य, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग अब राजनीतिक टकराव का महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है।