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Juniper Green Energy के 1,800 करोड़ रुपये के IPO का दूसरा दिन निवेशकों के लिए अहम रहा। जानें लेटेस्ट सब्सक्रिप्शन स्टेटस, GMP, प्राइस बैंड, लॉट साइज, लिस्टिंग डेट और ब्रोकरेज की निवेश सलाह।
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी जूनिपर ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (Juniper Green Energy Ltd.) का 1,800 करोड़ रुपये का मेनबोर्ड आईपीओ निवेशकों के लिए खुल चुका है। यह सार्वजनिक निर्गम (IPO) 31 जुलाई से खुला है और 3 अगस्त तक निवेश के लिए उपलब्ध रहेगा। कंपनी ने प्रति शेयर 214 रुपये से 225 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। हरित ऊर्जा (Renewable Energy) क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रही इस कंपनी के आईपीओ को लेकर निवेशकों के बीच अच्छी दिलचस्पी देखने को मिल रही है। कंपनी के शेयर 6 अगस्त को BSE और NSE पर सूचीबद्ध होने की संभावना है।
दूसरे दिन कैसा रहा सब्सक्रिप्शन?
आईपीओ के दूसरे दिन दोपहर तक इस इश्यू को कुल 0.48 गुना (0.48x) सब्सक्रिप्शन मिला था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, निवेशकों ने लगभग 2.67 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन किया, जबकि कंपनी ने कुल 5.60 करोड़ शेयर जारी किए हैं।
रिटेल निवेशकों का हिस्सा लगभग 0.21 गुना सब्सक्राइब हुआ।
गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की श्रेणी में लगभग 0.08 गुना आवेदन प्राप्त हुए।
वहीं योग्य संस्थागत खरीदार (QIB) श्रेणी में 1.25 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया, जिससे बड़े निवेशकों की सकारात्मक रुचि का संकेत मिला।
एंकर निवेशकों से जुटाए 539 करोड़ रुपये
आईपीओ खुलने से पहले ही कंपनी ने एंकर निवेशकों से लगभग 539.4 करोड़ रुपये जुटा लिए थे। कंपनी ने 31 संस्थागत फंडों को 225 रुपये प्रति शेयर की ऊपरी कीमत पर 2.4 करोड़ इक्विटी शेयर आवंटित किए।
एंकर निवेशकों में Abu Dhabi Investment Authority, Nippon India Mutual Fund, ICICI Prudential Mutual Fund, SBI Mutual Fund, WhiteOak Capital, Bajaj Life Insurance, Tata AIG General Insurance और HDFC Life Insurance जैसी प्रमुख संस्थाएं शामिल हैं। बड़े संस्थागत निवेशकों की भागीदारी को बाजार आमतौर पर सकारात्मक संकेत के रूप में देखता है।
प्राइस बैंड और लॉट साइज
कंपनी ने IPO का प्राइस बैंड 214-225 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया है। एक आवेदन के लिए 66 शेयरों का एक लॉट तय किया गया है।
यदि कोई रिटेल निवेशक ऊपरी प्राइस बैंड यानी 225 रुपये पर आवेदन करता है, तो उसे कम से कम 14,850 रुपये का निवेश करना होगा।
क्या कह रहा है Grey Market Premium (GMP)?
ग्रे मार्केट में Juniper Green Energy के शेयरों का Grey Market Premium (GMP) लगभग 8 रुपये प्रति शेयर बताया जा रहा है।
यदि GMP के आधार पर अनुमान लगाया जाए तो कंपनी के शेयर लगभग 233 रुपये के स्तर पर सूचीबद्ध हो सकते हैं। यानी निवेशकों को करीब 3.56 प्रतिशत का संभावित लिस्टिंग गेन मिल सकता है। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि GMP किसी आधिकारिक एक्सचेंज का आंकड़ा नहीं होता और इसमें लगातार बदलाव होता रहता है। इसलिए निवेश का निर्णय केवल GMP के आधार पर नहीं लेना चाहिए।
ब्रोकरेज फर्मों की क्या है राय?
अधिकांश प्रमुख ब्रोकरेज हाउस ने इस आईपीओ पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया है और लंबी अवधि के निवेश के लिए इसे आकर्षक बताया है।
SBI Securities ने इस IPO को ‘Subscribe’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज के अनुसार कंपनी की Wind-Solar Hybrid (WSH) और Firm and Dispatchable Renewable Energy (FDRE) परियोजनाओं में मजबूत उपस्थिति है।
ब्रोकरेज का कहना है कि वित्त वर्ष 2024 से 2026 के दौरान कंपनी ने:
35.5% Revenue CAGR
33.9% EBITDA CAGR
और 0.5% PAT CAGR दर्ज किया है।
SBI Securities का अनुमान है कि कंपनी की 7,910 मेगावाट क्षमता पूरी तरह चालू होने के बाद उसका संभावित वार्षिक राजस्व 6,000 से 6,500 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
Ventura ने भी दी ‘Subscribe’ रेटिंग
ब्रोकरेज फर्म Ventura ने भी इस IPO को ‘Subscribe’ रेटिंग दी है। Ventura के अनुसार कंपनी का पोर्टफोलियो केवल सोलर तक सीमित नहीं है बल्कि वह विंड, हाइब्रिड और Battery Energy Storage System (BESS) जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से विस्तार कर रही है।
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने:
718.9 करोड़ रुपये का ऑपरेशनल रेवेन्यू
और 40.5 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (Net Profit) दर्ज किया।
Ventura का मानना है कि कंपनी के दीर्घकालिक Power Purchase Agreements (PPAs), मजबूत प्रोजेक्ट डेवलपमेंट क्षमता और स्केलेबल बिजनेस मॉडल भविष्य की वृद्धि के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
किन जोखिमों पर रखें नजर?
हालांकि ब्रोकरेज कंपनियों ने निवेश की सलाह दी है, लेकिन कुछ जोखिमों की ओर भी ध्यान दिलाया है।
मुख्य जोखिमों में शामिल हैं:
कंपनी पर अपेक्षाकृत अधिक कर्ज (High Leverage)
परियोजनाओं के समय पर पूरा होने का जोखिम
सरकारी डिस्कॉम्स और यूटिलिटी कंपनियों पर निर्भरता
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में नीतिगत बदलाव
IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग
कंपनी इस IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग मुख्य रूप से अपने कर्ज को कम करने में करेगी।
लगभग 683.24 करोड़ रुपये कंपनी अपने कर्ज के भुगतान या प्री-पेमेंट में लगाएगी।
करीब 728.69 करोड़ रुपये अपनी तीन सहायक कंपनियों—Juniper Green Gamma One, Juniper Green Kite और Juniper Green Power Five—को दिए जाएंगे, ताकि वे भी अपने ऋण का भुगतान कर सकें।
शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट कार्यों में किया जाएगा।
क्या निवेश करना चाहिए?
यदि आप रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में लंबी अवधि का निवेश करना चाहते हैं, तो Juniper Green Energy का IPO एक दिलचस्प विकल्प हो सकता है। कंपनी का बिजनेस मॉडल, बढ़ता प्रोजेक्ट पाइपलाइन, संस्थागत निवेशकों का भरोसा और ब्रोकरेज की सकारात्मक राय इसके पक्ष में दिखाई देती है। हालांकि किसी भी IPO में निवेश से पहले अपनी वित्तीय स्थिति, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश अवधि का आकलन करना आवश्यक है। विशेषज्ञ भी इसे मुख्य रूप से लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए उपयुक्त मान रहे हैं।