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15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले T20I में महज 18 गेंदों में आतिशी अर्धशतक जड़ा। भारत ने 126 रनों का लक्ष्य आसानी से हासिल किया और श्रेयस अय्यर ने दर्ज की पहली जीत।
वैश्विक क्रिकेट जगत में इस समय जिस सबसे युवा खिलाड़ी की चर्चा हर तरफ हो रही है, उसने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसे ‘क्रिकेट का भविष्य’ क्यों कहा जा रहा है। 15 वर्षीय सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने अंतरराष्ट्रीय करियर की मामूली शुरुआत के बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले T20I में अपने बल्ले का ऐसा जौहर दिखाया कि हर कोई हैरान रह गया। आईपीएल में अपने आक्रामक तेवरों से सुर्खियां बटोरने वाले सूर्यवंशी ने गुरुवार को महज 18 गेंदों में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय T20I अर्धशतक जड़ा।
18 गेंदों में 4 चौके और 4 छक्के: सूर्यवंशी ने रखी आसान जीत की नींव
तीन मैचों की T20I श्रृंखला के पहले मुकाबले में 126 रनों के छोटे से लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए वैभव सूर्यवंशी ने पारी की शुरुआत करते हुए ही आक्रामक रुख अपनाया।
- तूफानी बल्लेबाजी: अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का केवल चौथा मैच खेल रहे 15 साल के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर कोई रहम नहीं दिखाया। उन्होंने 4 चौके और 4 गगनचुंबी छक्कों की मदद से केवल 18 गेंदों में अपना पचासा पूरा किया।
- मैच का नतीजा: सूर्यवंशी की इस मनोरंजक और आक्रामक पारी के दम पर भारत ने 126 रनों का लक्ष्य महज 14 ओवरों के भीतर आसानी से हासिल कर लिया और श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली।
कप्तान श्रेयस अय्यर ने बांधे तारीफों के पुल: “निडर और असाधारण है वैभव”
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने मैच के बाद वैभव सूर्यवंशी की इस आतिशी पारी की जमकर सराहना की। अय्यर ने कहा कि जिस निडरता और दृष्टिकोण के साथ वैभव ने बल्लेबाजी की, वह अद्भुत थी।
“उसकी ओर से असाधारण बल्लेबाजी देखने को मिली। वह एक बेहद निडर युवा खिलाड़ी है और जिस अंदाज में उसने इस पारी को आगे बढ़ाया, वह अद्भुत था। मुझे लगता है कि वह यहाँ पहले भी खेल चुका है, इसलिए उसे पिच के मिजाज का अच्छा अंदाजा था। उसने अंडर-19 फाइनल में भी 175 रन बनाए थे, इसलिए मैदान पर उतरते ही उसका आत्मविश्वास अलग स्तर पर होता है। सीरीज की यह बहुत अच्छी शुरुआत है।”
— श्रेयस अय्यर (कप्तान, भारतीय क्रिकेट टीम)
कप्तान के रूप में श्रेयस अय्यर की पहली जीत
31 वर्षीय श्रेयस अय्यर के लिए भी यह जीत बेहद खास रही। सूर्यकुमार यादव से कप्तानी की बागडोर संभालने के बाद शुरुआती सात मैचों में जीत दर्ज न कर पाने के बाद, कप्तान के रूप में यह उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय जीत है। अपनी इस पहली जीत पर खुशी जाहिर करते हुए अय्यर ने कहा कि टीम के खिलाड़ियों ने रणनीतियों का शानदार क्रियान्वयन किया और वे इस जीत से बेहद खुश हैं।
पिच और मयंक यादव की गेंदबाजी पर क्या बोले कप्तान?
श्रेयस अय्यर ने हरारे की पिच और अपने तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन पर भी बात की। उन्होंने माना कि पिच पर असमान उछाल था, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाया।
अय्यर ने इन अटकलों को भी खारिज कर दिया कि भारतीय गेंदबाज निचले क्रम के बल्लेबाजों को जल्दी आउट करने में नाकाम रहे। उन्होंने कहा कि गेंदबाजों ने योजना के अनुसार गेंदबाजी की और जिम्बाब्वे को 122/7 पर सीमित रखना एक बेहतरीन प्रयास था।
वैभव सूर्यवंशी की यह तूफानी पारी इस बात का सबूत है कि भारतीय क्रिकेट में युवा प्रतिभाओं का भविष्य बेहद सुरक्षित हाथों में है। 15 साल की उम्र में 18 गेंदों में अर्धशतक जड़ना यह दर्शाता है कि सूर्यवंशी आने वाले समय में विश्व क्रिकेट में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।