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क्रिकेट इतिहास के महानतम ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स का 89 वर्ष की आयु में बारबाडोस में निधन हो गया। सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली समेत खेल जगत ने शोक व्यक्त किया है।
क्रिकेट इतिहास के सबसे महानतम और बहुमुखी खिलाड़ियों में शुमार वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज सर गारफील्ड सोबर्स (Sir Garfield Sobers) का शुक्रवार को बारबाडोस में 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद वैश्विक क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली और महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर सहित दुनिया भर के मौजूदा और पूर्व क्रिकेटरों ने सोशल मीडिया के माध्यम से सर गैरी सोबर्स को याद करते हुए अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
अद्भुत और बेमिसाल थे सर गैरी सोबर्स के आंकड़े
सर गारफील्ड सोबर्स केवल एक खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि वे अपने आप में क्रिकेट की एक मुकम्मल संस्था थे। एक बल्लेबाज के रूप में उनके आंकड़े किसी भी खिलाड़ी के लिए एक सपना हो सकते हैं। उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए खेले 93 टेस्ट मैचों में 57.78 के शानदार और बेमिसाल औसत से 8,032 रन बनाए। उनके ये आंकड़े अकेले ही उन्हें दुनिया के महानतम बल्लेबाजों की कतार में खड़ा करने के लिए पर्याप्त हैं।
इसके साथ ही, सोबर्स एक जादुई गेंदबाज भी थे, जो मध्यम गति की तेज गेंदबाजी के साथ-साथ स्पिन गेंदबाजी करने में भी माहिर थे। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 34 के औसत से 235 विकेट चटकाए। बल्लेबाजी और गेंदबाजी का यह दुर्लभ और ऐतिहासिक संयोजन ही उन्हें क्रिकेट इतिहास का अब तक का सबसे महान ऑलराउंडर बनाता है।
‘क्रिकेट ने अपना सबसे अनमोल रत्न खो दिया’ — विराट कोहली
भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने शनिवार की सुबह ट्वीट कर सर गारफील्ड सोबर्स के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
विराट कोहली ने अपने ट्वीट में लिखा:
“क्रिकेट ने आज अपने सबसे महान खिलाड़ियों में से एक को खो दिया है। सर गारफील्ड सोबर्स की आत्मा को शांति मिले। आपकी विरासत और खेल के प्रति आपका योगदान आने वाली कई पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।”
सचिन तेंदुलकर ने याद किए 2003 वर्ल्ड कप के पुराने दिन
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर सर गैरी सोबर्स के निधन की खबर सुनकर बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने सोबर्स के साथ बिताए गए अपने पुराने और सुनहरे पलों को याद किया।
सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट कर कहा:
“यह विश्वास करना और स्वीकार करना बेहद कठिन है कि सर गैरी अब हमारे बीच नहीं रहे। मैं पिछले कुछ वर्षों में उनके साथ साझा की गई यादों को याद कर रहा हूँ। 2003 के विश्व कप के दौरान उनके हाथों ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ की ट्रॉफी लेने से लेकर, मेरे शतकों के ऐतिहासिक मील के पत्थर पर उनके द्वारा कहे गए सम्मानजनक और गर्मजोशी से भरे शब्द आज भी मेरे दिल में ताजा हैं।”
एक नजर सर गारफील्ड सोबर्स के जीवन और करियर पर
गैरी और गैरी (Garry) दोनों नामों से मशहूर गारफील्ड सेंट ऑब्रुन सोबर्स का जन्म 28 जुलाई 1936 को ब्रिजटाउन, बारबाडोस में हुआ था। वे अपने माता-पिता की छह संतानों में पांचवें नंबर पर थे। बचपन से ही खेल के प्रति उनका गहरा लगाव था, जिसने आगे चलकर उन्हें वेस्टइंडीज क्रिकेट का सबसे चमकदार सितारा बना दिया।
सर गारफील्ड सोबर्स के जाने से क्रिकेट के एक सुनहरे युग का अंत हो गया है। उन्होंने मैदान पर जो खेल भावना, अनुशासन और आक्रामकता दिखाई, वह आज के आधुनिक क्रिकेट की नींव मानी जाती है। बारबाडोस से लेकर भारत तक, हर क्रिकेट प्रेमी आज नम आंखों से इस महान लीजेंड को नमन कर रहा है।