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ट्विटर के पूर्व सीईओ पराग अग्रवाल एलन मस्क के साथ विवाद के बाद एआई (AI) स्टार्टअप के साथ सिलिकॉन वैली में वापसी कर रहे हैं। जानें उनकी नई योजना और फंडिंग की जानकारी।
सिलिकॉन वैली के इतिहास में कई नाटकीय बदलाव आए हैं, लेकिन पराग अग्रवाल की कहानी संभवतः सबसे अधिक चौंकाने वाली है। ट्विटर (अब X) के पूर्व सीईओ, जिन्हें एलन मस्क के अधिग्रहण के तुरंत बाद अपमानजनक तरीके से पदमुक्त कर दिया गया था, अब एक नए अवतार में वापसी कर रहे हैं। यहाँ उनकी इस यात्रा और सिलिकॉन वैली में उनके ‘दूसरे एक्ट’ का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है:
ट्विटर से विदाई: एक शांत टेक्नोलॉजिस्ट की कठिन परीक्षा
जब नवंबर 2021 में जैक डोर्सी ने पराग अग्रवाल को ट्विटर का सीईओ घोषित किया, तो दुनिया ने उन्हें एक “पसंद किए जाने वाले इंजीनियर” और “शांत कार्यकुशलता” वाले नेता के रूप में देखा। पराग, जो पहले ट्विटर के सीटीओ (CTO) थे, को एआई और मशीन लर्निंग में उनकी विशेषज्ञता के लिए जाना जाता था। हालांकि, उनका कार्यकाल एलन मस्क के साथ चली लंबी कानूनी और सार्वजनिक लड़ाई की भेंट चढ़ गया।
अक्टूबर 2022 में $44 बिलियन के अधिग्रहण के पूरा होते ही, मस्क ने पराग को पद से हटा दिया। उस समय, यह एक करियर के अंत जैसा महसूस हुआ—एक ऐसा अंत जो कानूनी मुकदमों, बकाया भुगतान (Severance pay) के विवादों और सोशल मीडिया पर सार्वजनिक अपमान से भरा था। मस्क और पराग के बीच हुई टेक्स्ट मैसेज वाली तकरार ने उन्हें वैश्विक सुर्खियों में तो ला दिया, लेकिन एक ऐसी छवि के साथ जो शायद कोई भी सीईओ नहीं चाहेगा।
द सेकंड एक्ट: एआई (AI) की दुनिया में बड़ी वापसी
दो साल के मौन के बाद, पराग अग्रवाल ने अपनी वापसी के लिए उस क्षेत्र को चुना जिसने उन्हें शुरुआती पहचान दिलाई थी—आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)। सिलिकॉन वैली के गलियारों में अब उनकी नई स्टार्टअप कंपनी ‘Shapeline’ (संभावित नाम) की चर्चा है।
पराग ने अपनी नई एआई स्टार्टअप के लिए लगभग $30 मिलियन की फंडिंग जुटाई है, जिसमें Khosla Ventures जैसे दिग्गज निवेशकों ने निवेश किया है। दिलचस्प बात यह है कि विनोद खोसला, जिन्होंने एलन मस्क के कुछ फैसलों की आलोचना की है, पराग के विजन पर बड़ा दांव लगा रहे हैं। यह स्टार्टअप बड़े भाषा मॉडल (LLMs) के विकास और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित है, जो आज के समय का सबसे हॉट मार्केट है।
एक टेक्नोलॉजिस्ट का बदला या पेशेवर विकास?
पराग की वापसी केवल एक नई कंपनी शुरू करने के बारे में नहीं है, बल्कि यह उनकी योग्यता को फिर से साबित करने की एक कोशिश है। मस्क ने ट्विटर पर उनके नेतृत्व को बार-बार चुनौती दी थी, लेकिन सिलिकॉन वैली के निवेशक अभी भी पराग को एक ऐसा दूरदर्शी मानते हैं जिसे स्केल (Scale) करना और डेटा साइंस की गहराई पता है।
उनकी नई पारी यह दिखाती है कि एक “शांत टेक्नोलॉजिस्ट” सुर्खियों के शोर से दूर रहकर भी अपनी प्रासंगिकता बनाए रख सकता है। जहाँ मस्क ट्विटर को एक अलग दिशा में ले गए, वहीं पराग उस बुनियादी तकनीक (AI) पर काम कर रहे हैं जो आने वाले दशकों में इंटरनेट का चेहरा बदल देगी। यह वापसी उन लोगों के लिए एक मिसाल है जो पेशेवर हार या सार्वजनिक अपमान का सामना करते हैं।
सिलिकॉन वैली का नया पावर गेम
पराग अग्रवाल की ‘सेकंड एक्ट’ यह साबित करती है कि सिलिकॉन वैली में प्रतिभा और नेटवर्क का कोई विकल्प नहीं है। उनके पास न केवल तकनीकी ज्ञान है, बल्कि अब उनके पास एक “अंडरडॉग” वाली कहानी भी है जो निवेशकों को आकर्षित करती है। आने वाले वर्षों में, यदि पराग का नया एआई वेंचर सफल होता है, तो यह मस्क-अग्रवाल प्रतिद्वंद्विता का सबसे शानदार जवाब होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पराग की यह नई पारी उन्हें उन ऊंचाइयों पर वापस ले जाएगी जहाँ से उन्हें अचानक नीचे धकेला गया था।