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क्या आप भी ईयरबड्स का इस्तेमाल सिर्फ गाने और कॉलिंग के लिए करते हैं? जानें वायरलेस ईयरफोन के 5 ऐसे सीक्रेट फीचर्स जो फोटो क्लिक करने से लेकर सेहत ट्रैक करने में मदद करेंगे।
आज के इस आधुनिक और डिजिटल दौर में वायरलेस ईयरबड्स (TWS Earbuds) और नेकबैंड हमारी डेली लाइफ का एक अहम हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन क्या आपको भी ऐसा लगता है कि ईयरफोन या ईयरबड्स का इस्तेमाल सिर्फ गाने सुनने और फोन कॉल पर बात करने तक ही सीमित है? अगर हाँ, तो शायद आप इसके पूरे पोटेंशियल से अनजान हैं। आज के समय में आ रहे मॉडर्न और प्रीमियम ईयरबड्स एडवांस टेक्नोलॉजी से लैस हैं, जिनमें कई ऐसे छिपे हुए फीचर्स और ट्रिक्स मिलते हैं, जिनके बारे में ज्यादातर यूज़र्स को पता ही नहीं होता। इन ट्रिक्स की मदद से आप दूर रखे फोन से फोटो क्लिक करने से लेकर, भारी शोर-शराबे के बीच भी अपने काम पर पूरा फोकस कर सकते हैं। आइए जानते हैं ईयरबड्स की 5 ऐसी सीक्रेट ट्रिक्स, जो आपके डेली रूटीन को बेहद स्मार्ट और आसान बना देंगी।
1. ईयरफोन से करें कैमरा कंट्रोल (रिमोट शटर ट्रिक)
अगर आप अकेले कहीं घूमने गए हैं या फिर आपको एक परफेक्ट ग्रुप फोटो या सेल्फी लेनी है, तो अब आपको किसी तीसरे व्यक्ति को ढूंढने या फोन में लंबा टाइमर लगाने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आप अपने ईयरफोन को एक वायरलेस कैमरा रिमोट शटर की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। बाज़ार में आने वाले कई प्रीमियम और मिड-रेंज TWS ईयरबड्स में यह फीचर इन-बिल्ट आता है, जहाँ बड्स पर सिंगल या डबल टैप करने पर कैमरा एक्टिवेट हो जाता है।
वहीं, जिन डिवाइसेज में यह फीचर सीधे काम नहीं करता, वहाँ आप थर्ड-पार्टी कैमरा कंट्रोल ऐप्स की मदद ले सकते हैं। अपने फोन को ट्राइपॉड पर सेट करें, फ्रेम तय करें और बस अपने ईयरबड्स के प्ले/पॉज या वॉल्यूम बटन को दबाएं; आपका फोन तुरंत फोटो क्लिक कर देगा या वीडियो रिकॉर्डिंग ऑन कर देगा।
2. कंटेंट क्रिएशन और रिकॉर्डिंग के लिए बनाएं माइक्रोफोन
यदि आप सोशल मीडिया के लिए रील्स, यूट्यूब शॉट्स या इंफॉर्मेटिव वीडियो बनाते हैं, या फिर ऑनलाइन क्लासेज और ऑफिशियल मीटिंग्स अटेंड करते हैं, तो आपको एक महंगे कॉलर माइक को खरीदने की जरूरत नहीं है। आपके वायरलेस ईयरबड्स का माइक्रोफोन इस काम को बखूबी अंजाम दे सकता है।
आप एक बड को अपने कान में लगा सकते हैं और दूसरे ईयरबड को अपने शर्ट के कॉलर पर एक क्लिप की मदद से अटैच कर सकते हैं। इसके एडवांस माइक्रोफोन्स आपकी आवाज़ को बेहद स्पष्टता (Clear Voice) के साथ रिकॉर्ड करते हैं। यहाँ तक कि वायर्ड ईयरफोन के इन-लाइन माइक को भी मुंह के पास रखकर आप बिना किसी डिस्टॉर्शन के क्रिस्प ऑडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं।
3. ANC फीचर से मिलेगा काम और पढ़ाई पर फुल फोकस
आजकल न सिर्फ महंगे बल्कि बेहद किफायती और बजट रेंज के ईयरबड्स में भी Active Noise Cancellation (ANC) फीचर देखने को मिल रहा है। यह फीचर बाहर के अनचाहे शोर, जैसे गाड़ियों के हॉर्न, कंस्ट्रक्शन की आवाज़ या दफ्तर के शोर-शराबे को काफी हद तक ब्लॉक या न्यूट्रलाइज कर देता है।
यदि आप सफर कर रहे हैं, घर पर पढ़ाई कर रहे हैं या ऑफिस में किसी जरूरी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं और आपको शांति चाहिए, तो बिना कोई गाना बजाए सिर्फ ANC मोड को ऑन कर लीजिए। यह आपके आसपास एक साइलेंट ज़ोन बना देगा, जिससे आपका फोकस और प्रोडक्टिविटी दोनों कई गुना बढ़ जाएंगे।
4. फोन को बनाएं जासूसी या रिमोट लिस्निंग डिवाइस
स्मार्टफोन निर्माता कंपनियां अब सॉफ्टवेयर लेवल पर बेहद कमाल के एक्सेसिबिलिटी फीचर्स दे रही हैं। आईफोन में ‘Live Listen’ और एंड्रॉइड फोन्स में ‘Sound Amplifier’ या ‘Hearing Aid’ जैसे फीचर्स मिलते हैं। इस फीचर को ऑन करने के बाद आपका फोन एक पावरफुल माइक्रोफोन की तरह काम करने लगता है और फोन के आसपास होने वाली हर बारीक आवाज़ सीधे आपके कानों में लगे ईयरबड्स में सुनाई देती है।
यह फीचर मूल रूप से उन लोगों की मदद के लिए बनाया गया है जिन्हें कम सुनाई देता है, ताकि वे भीड़ में भी सामने वाले की बात सुन सकें। हालांकि, इसका इस्तेमाल दूसरे कमरे में रखे फोन के जरिए बच्चे के रोने की आवाज़ पर नज़र रखने या दूर की बातचीत को स्पष्ट रूप से सुनने के लिए भी किया जा सकता है।
5. ईयरबड्स अब संभालेंगे आपकी सेहत का ज़िम्मा (हेल्थ ट्रैकिंग)
ऑडियो इंडस्ट्री में हो रहे बदलावों के कारण अब ईयरबड्स सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रहे, बल्कि एक स्मार्ट हेल्थ ट्रैकर में तब्दील हो रहे हैं। कुछ प्रीमियम और फ्लैगशिप ब्रांड्स के ईयरबड्स में इन-बिल्ट सेंसर्स दिए जा रहे हैं जो सीधे आपके कान की त्वचा से हार्ट रेट मॉनिटरिंग (Heart Rate) और बॉडी टेम्परेचर को ट्रैक कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, ये बड्स वर्कआउट के दौरान आपकी कैलोरी बर्न और स्टेप्स को भी काउंट करते हैं। कुछ एडवांस मॉडल्स में तो इन-एप ‘हियरिंग टेस्ट’ (Hearing Test) का फीचर भी आता है, जो अलग-अलग फ्रीक्वेंसी की आवाजें निकालकर आपकी सुनने की क्षमता की जांच करता है और एक विस्तृत हेल्थ रिपोर्ट तैयार करता है कि आपको किस वॉल्यूम पर संगीत सुनना चाहिए।