Weather Update: देश के 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है। दिल्ली-UP में बाढ़ का खतरा, जबकि हिमाचल और उत्तराखंड में लैंडस्लाइड की आशंका बढ़ी।
देश में मानसून इस समय पूरी तरह सक्रिय है और पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश का दौर जारी है। कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गंगा, यमुना, नर्मदा और चिनाब जैसी प्रमुख नदियां कई जगहों पर उफान पर हैं। वहीं पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड की घटनाएं बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को उत्तर भारत से लेकर मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र और केरल समेत कई राज्यों में मौसम खराब रहने की संभावना है।
दिल्ली में बारिश के साथ बाढ़ का खतरा
राजधानी दिल्ली में लगातार बारिश और यमुना के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। हालांकि हथनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर अब धीरे-धीरे घटने लगा है, लेकिन प्रशासन अभी भी पूरी तरह सतर्क है। फ्लड एंड इरिगेशन डिपार्टमेंट की टीम यमुना के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को संभावित बाढ़ को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
दिल्ली में आज भी बारिश और आंधी का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में खुले स्थानों, कमजोर पेड़ों और जर्जर ढांचों के आसपास लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
यूपी में कई नदियां खतरे के करीब
उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश ने नदियों का जलस्तर बढ़ा दिया है। गंगा, यमुना, शारदा और सरयू समेत कई नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर शाहजहांपुर के मिर्जापुर क्षेत्र में भी देखने को मिला है, जहां कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।
राज्य के कई जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, बागपत, मेरठ, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सीतापुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बाराबंकी, लखनऊ, उन्नाव, कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज और औरैया समेत कई इलाकों में बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के बीच प्रशासन को नदियों के जलस्तर और निचले इलाकों की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है।
मध्य प्रदेश में नर्मदा का जलस्तर बढ़ा
मध्य प्रदेश में भी मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। डिंडोरी में नर्मदा, खरमेर और चकरार नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वहीं मंडला जिले में मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। डिंडोरी और बालाघाट के ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश का असर मंडला में नर्मदा के जलस्तर पर भी दिखाई दे रहा है।
नदी किनारे बसे निचले इलाकों में पानी घुसने की आशंका बढ़ गई है। नर्मदा के जलस्तर में वृद्धि के कारण कई घाट और मंदिर भी पानी में डूब गए हैं। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है। रायसेन, नर्मदापुरम, कटनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, दमोह, सागर, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, सिवनी और पन्ना समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
बिहार और झारखंड में आंधी-बारिश का अलर्ट
बिहार के कई जिलों में भारी बारिश के साथ आंधी की संभावना जताई गई है। गया, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, रोहतास, नवादा, बांका, लखीसराय, मुंगेर, नालंदा, बक्सर, सिवान, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, बेगूसराय, सहरसा और सुपौल में मौसम खराब रहने का अनुमान है।
झारखंड में भी कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। रांची, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, जमशेदपुर, पलामू, खूंटी और दुमका में मौसम को लेकर अलर्ट है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
हिमाचल में लैंडस्लाइड से सड़कें प्रभावित
पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड का खतरा लगातार बढ़ रहा है। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भारी भूस्खलन के कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। खूनी नाला इलाके में सिहुंता नेशनल हाईवे पर पनियाला नाला के पास पहाड़ दरकने से बड़ी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया। इसके कारण हाईवे पर आवाजाही बाधित हो गई।
भारी बारिश और लैंडस्लाइड की वजह से चंबा-भरमौर और चंबा-पठानकोट नेशनल हाईवे समेत जिले की कई प्रमुख सड़कें प्रभावित हुई हैं। मौसम विभाग ने 10 और 11 अगस्त के साथ 14 और 15 अगस्त के लिए भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कांगड़ा, सिरमौर, शिमला, मंडी, चंबा, कुल्लू और सोलन में मध्यम से तेज बारिश की संभावना है।
उत्तराखंड में भी सैलाब और मलबे का खतरा
उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में लैंडस्लाइड और अचानक आने वाले सैलाब का खतरा बढ़ गया है। जोशीमठ के किमाणा इलाके में पहाड़ी नाले से मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर आने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ सहित कई जिलों में लगातार भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं।
मौसम विभाग ने राज्य में अगले दो दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और अल्मोड़ा में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।
असम में बाढ़ से डेढ़ लाख लोग प्रभावित
असम में भी बारिश और बाढ़ ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गुवाहाटी के कई इलाकों में भारी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बनी हुई है। रुक्मिणी गांव में घुटनों तक पानी भरने की खबर है। राज्य के करीब 13 जिलों में बाढ़ का असर बताया जा रहा है और लगभग डेढ़ लाख लोग प्रभावित हैं।
बाढ़ के कारण राज्य में अब तक 99 लोगों की मौत की बात सामने आई है। ऊपरी असम के गोलाघाट, शिवसागर और जोरहाट जैसे जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। करीब 11 हजार हेक्टेयर फसल के प्रभावित होने से किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है। हजारों लोगों को राहत शिविरों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
पहाड़ से मैदान तक मानसून की रफ्तार तेज
देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं लगातार भारी बारिश ने बाढ़, जलभराव और लैंडस्लाइड का खतरा भी बढ़ा दिया है। पहाड़ी राज्यों में सड़क और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में नदियों के बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में प्रशासन और राहत एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और बाढ़ या भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है।