Table of Contents
दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों में मौसम शुष्क रहेगा, जबकि केरल, कर्नाटक, पूर्वोत्तर, ओडिशा और महाराष्ट्र में बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है।
देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की गतिविधियां अब कमजोर पड़ने लगी हैं और दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में मौसम काफी हद तक शुष्क बना हुआ है। हालांकि, देश के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर अभी जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 अक्टूबर को कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, खासतौर पर पूर्वोत्तर भारत, दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत और देश के कुछ पूर्वी तथा पश्चिमी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। IMD के 2 अक्टूबर के बुलेटिन में भी अगले कुछ दिनों के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश और गरज के साथ गतिविधियों का पूर्वानुमान दिया गया है।
पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के मुताबिक 2 से 8 अक्टूबर के बीच अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। 3 अक्टूबर को असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। ऐसे में इन राज्यों में रहने वाले लोगों को मौसम में अचानक बदलाव को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जा सकती है।
पूर्वोत्तर भारत के अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान है। इन क्षेत्रों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण कुछ स्थानों पर बारिश की तीव्रता अलग-अलग रह सकती है।
40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
बारिश के साथ कुछ राज्यों में तेज हवाओं और गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार कुछ इलाकों में हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर अधिकतम गति करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है। आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले इलाकों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के आसपास सावधानी बरतना जरूरी होगा।
दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की संभावना है। केरल में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं और झोंकों के दौरान इनकी रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
केरल और कर्नाटक में बारिश का दौर
दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में अक्टूबर की शुरुआत में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। ओडिशा, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के अन्य इलाकों में भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना बनी हुई है।
बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की स्थिति विशेष रूप से चिंता का विषय हो सकती है। इसलिए मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान और चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है। IMD अपनी वेबसाइट पर जिला स्तर तक मौसम चेतावनी और अबकास्ट उपलब्ध कराता है।
6 से 8 अक्टूबर के बीच उत्तर भारत में बदल सकता है मौसम
उत्तर भारत के लोगों के लिए भी आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 6 से 8 अक्टूबर के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है।
इसका मतलब यह है कि भले ही शनिवार को दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बारिश की बड़ी गतिविधि की संभावना कम हो, लेकिन अगले कुछ दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। अक्टूबर के शुरुआती दिनों में मानसून की वापसी और पोस्ट-मानसून गतिविधियों के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की स्थिति बदल सकती है। IMD ने 1 से 14 अक्टूबर के लिए भी विस्तारित अवधि का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है।
दिल्ली में शनिवार को कैसा रहेगा मौसम?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार को मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। IMD की ओर से शनिवार के लिए दिल्ली के लिए कोई बड़ी बारिश संबंधी चेतावनी नहीं बताई गई है। शुक्रवार को राजधानी में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। लोधी रोड और आया नगर में अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
IMD के ताजा उपलब्ध आंकड़ों में 3 अक्टूबर की सुबह दिल्ली में तापमान करीब 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऐसे में दिल्ली-एनसीआर के लोगों को शनिवार को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है, जबकि दिन के समय आसमान मुख्य रूप से साफ या आंशिक रूप से बादल वाला रह सकता है।
मानसून की वापसी के बीच बदल रहा मौसम
अक्टूबर की शुरुआत के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून की वापसी और पोस्ट-मानसून गतिविधियों का असर दिखाई देने लगा है। जहां उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बारिश कम हो रही है, वहीं पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश जारी रह सकती है।
ऐसे में मौसम का मिजाज पूरे देश में एक जैसा नहीं रहेगा। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और आसपास के कई क्षेत्रों में फिलहाल अपेक्षाकृत शुष्क मौसम रह सकता है, जबकि केरल, कर्नाटक, पूर्वोत्तर राज्यों, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और कुछ अन्य हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। लोगों को अपने क्षेत्र के ताजा स्थानीय पूर्वानुमान और चेतावनियों के आधार पर ही यात्रा या बाहरी गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।