उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर देश को बधाई दी। उन्होंने भगवान बुद्ध के अहिंसा, करुणा और निस्वार्थ सेवा के संदेश को वर्तमान समय में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक संदेश साझा करते हुए उन्होंने भगवान बुद्ध के जीवन और उनके सिद्धांतों को आधुनिक युग में शांति का मार्गदर्शक बताया।
शांति, करुणा और अहिंसा का संदेश
Greetings to all on the auspicious occasion of Buddha Purnima.
The life and teachings of Lord Buddha continue to illuminate the path of compassion, non-violence, and wisdom. His timeless message of peace, harmony, and selfless service remains deeply relevant in today’s world.… pic.twitter.com/XzyEb4taXU
— Vice-President of India (@VPIndia) May 1, 2026
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने अपने संदेश में कहा कि भगवान बुद्ध का जीवन और उनकी शिक्षाएं आज भी करुणा, अहिंसा और ज्ञान के मार्ग को आलोकित कर रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि शांति, सद्भाव और निस्वार्थ सेवा का बुद्ध का कालातीत संदेश आज की दुनिया में पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। उनके अनुसार, बुद्ध के विचार केवल धार्मिक उपदेश नहीं बल्कि मानवता के कल्याण का एक व्यावहारिक मार्ग हैं।
मानवता के कल्याण का आह्वान
उपराष्ट्रपति ने आशा व्यक्त की कि यह पवित्र दिन सभी को दया भाव अपनाने और समाज में आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा, “यह पावन पर्व हमें सभी के कल्याण के लिए काम करने की प्रेरणा दे।” उनका यह संदेश वैश्विक शांति और मानवता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें उन्होंने बुद्ध के ‘करुणा’ और ‘सेवा’ के सिद्धांतों को जीवन में उतारने की बात कही।
सामाजिक समरसता और बुद्ध की शिक्षाएं
सी.पी. राधाकृष्णन का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब दुनिया को संघर्षों के समाधान के लिए बुद्ध के प्रेम और शांति के मार्ग की आवश्यकता है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे भगवान बुद्ध के आदर्शों को अपनाकर एक न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।