रेखा गुप्ता सरकार सबको मूर्ख बना रही है; किताबें बिकने के बाद स्कूल निरीक्षण का दिखावा क्यों? – सौरभ भारद्वाज

रेखा गुप्ता सरकार सबको मूर्ख बना रही है; किताबें बिकने के बाद स्कूल निरीक्षण का दिखावा क्यों? - सौरभ भारद्वाज

सौरभ भारद्वाज ने सीएम रेखा गुप्ता के स्कूल निरीक्षण को दिखावा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अभिभावक पहले ही महंगी किताबें और ड्रेस खरीद चुके हैं, तब मुख्यमंत्री का एक्शन लेना केवल एक राजनीतिक स्टंट है।

आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर तीखा हमला करते हुए उनके हालिया स्कूल निरीक्षण के दावों को ‘जनता के साथ धोखा’ करार दिया है। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि जब अभिभावक पहले ही महंगी किताबें और वर्दी खरीद चुके हैं, तब मुख्यमंत्री का निरीक्षण का दिखावा करना केवल एक राजनीतिक स्टंट है।

रेखा गुप्ता सरकार ‘एजुकेशन माफिया’ के साथ: सौरभ भारद्वाज

सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली में निजी स्कूलों का नया सत्र 01 अप्रैल से शुरू हो चुका है। अभिभावकों को 15 मार्च से 01 अप्रैल के बीच स्कूलों द्वारा बताए गए विशिष्ट वेंडरों से ही महंगी किताबें, स्टेशनरी और ड्रेस खरीदने के लिए मजबूर किया गया। भारद्वाज ने सवाल उठाया कि जब दिल्ली के लाखों अभिभावक पहले ही हजारों रुपये खर्च कर चुके हैं, तब मुख्यमंत्री 30 अप्रैल को निरीक्षण की बात करके किसे बेवकूफ बना रही हैं? उन्होंने कहा, “जो बिकना था वो बिक चुका, जो लूटना था वो लूट चुके; अब निरीक्षण का क्या फायदा?”

फीस वृद्धि पर मुख्यमंत्री की चुप्पी पर उठाए सवाल

निजी स्कूलों द्वारा की गई भारी फीस वृद्धि पर मुख्यमंत्री की चुप्पी को लेकर सौरभ भारद्वाज ने सरकार को घेरे में लिया। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के कई निजी स्कूलों ने इस सत्र में 80% तक फीस बढ़ा दी है, लेकिन रेखा गुप्ता सरकार ने इसके खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकार ने ‘दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम 2025’ लाकर मध्यम वर्ग के साथ धोखाधड़ी की है, क्योंकि यह कानून बढ़ी हुई फीस को वापस लेने या उस पर प्रभावी नियंत्रण पाने में विफल रहा है।

मध्यम वर्ग के साथ ‘धोखाधड़ी’ का आरोप

आप नेता ने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में गंभीर हैं, तो उन्हें केवल फोटो खिंचवाने के लिए स्कूलों का दौरा करने के बजाय फीस वृद्धि को वापस कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की चेतावनी केवल ‘रील’ बनाने तक सीमित है, जबकि धरातल पर अभिभावक निजी स्कूलों की मनमानी से त्रस्त हैं। भारद्वाज ने मांग की कि उन स्कूलों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए जिन्होंने अभिभावकों को ‘कैप्टिव बाइंग’ (वेंडर से ही सामान खरीदने) के लिए मजबूर किया है।

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