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उज्जैन की शाही मस्जिद के आसपास सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई जारी है। हाईकोर्ट में समझौते के बाद मस्जिद का तीन फीट हिस्सा हटाने पर सहमति बनी है।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद के आसपास सड़क चौड़ीकरण से जुड़ी कार्रवाई मंगलवार को पुलिस की कड़ी निगरानी के बीच आगे बढ़ी। मस्जिद के आसपास स्थित कुछ दुकानों को हटाया गया और ढांचे के आसपास निर्माण संबंधी सामग्री भी पहुंचाई गई। इससे एक दिन पहले सोमवार को सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई थी। पथराव की घटना के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया था। इसके बाद प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
मंगलवार सुबह इलाके में शांतिपूर्ण माहौल
मंगलवार सुबह शाही मस्जिद और उसके आसपास का क्षेत्र शांतिपूर्ण रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को सतर्क रखा गया है। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। सोमवार की घटना को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। प्रशासन की निगरानी में सड़क चौड़ीकरण से संबंधित काम आगे बढ़ाया जा रहा है।
उज्जैन में यह कार्रवाई सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों से जुड़े सड़क चौड़ीकरण कार्य का हिस्सा बताई गई है। शहर में आगामी धार्मिक आयोजन के मद्देनजर यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए कई स्थानों पर सड़क एवं अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े काम किए जा रहे हैं। इसी क्रम में क्षत्रिय चौक स्थित शाही मस्जिद के उस हिस्से को लेकर विवाद सामने आया, जो प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण की सीमा में आ रहा था।
सोमवार को पथराव के बाद बिगड़ी थी स्थिति
सोमवार को मस्जिद के हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू होने के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए थे। कार्रवाई का विरोध कर रही भीड़ और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई। इसके बाद पथराव की घटनाएं सामने आईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स यानी आरएएफ के जवानों को भी मौके पर तैनात किया गया।
तनाव को देखते हुए उज्जैन शहर में 2,500 से अधिक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती की गई थी। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा भी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई थी।
प्रशासन ने स्वैच्छिक सहयोग की बात कही
जिला कलेक्टर रोशन कुमार ने इससे पहले कहा था कि क्षत्रिय चौक स्थित शाही मस्जिद का जो हिस्सा सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आ रहा है, उसे संबंधित समुदाय और धार्मिक समूह के सदस्य स्वेच्छा से हटाने में सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन ने इस कार्रवाई को आपसी सहमति और सहयोग से आगे बढ़ाने की बात कही थी।
कलेक्टर ने लोगों से अपील की थी कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों और गलत सूचनाओं पर विश्वास न करें। प्रशासन के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण जैसे कार्यों में प्रभावित व्यक्तियों और धार्मिक एवं सामुदायिक समूहों का सहयोग प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा करने में मदद करता है।
हाईकोर्ट में भी पहुंचा था मामला
शाही मस्जिद से संबंधित विवाद को लेकर मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंचा था। अदालत में दायर याचिका का निपटारा मस्जिद कमेटी और राज्य प्रशासन के बीच हुए समझौते के बाद किया गया। मस्जिद कमेटी की ओर से अधिवक्ता कुलदीप पाठक ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति जयकुमार पिल्लई की खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई की।
अधिवक्ता के अनुसार, इससे पहले एकल पीठ ने मस्जिद कमेटी की याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उसके खिलाफ अपील दाखिल की गई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद सड़क चौड़ीकरण से संबंधित मुद्दे पर समझौता हुआ।
तीन फीट हिस्सा हटाने पर बनी सहमति
मस्जिद कमेटी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, प्रशासन और कमेटी के बीच हुए समझौते के तहत मस्जिद के ढांचे के करीब तीन फीट हिस्से को हटाने पर सहमति बनी है। इस हिस्से को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इससे पहले प्रशासन की ओर से करीब 9.5 फीट जगह खाली कराने की मांग की गई थी। बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने पर इसे घटाकर तीन फीट किए जाने की बात सामने आई।
समझौते में प्रभावित दुकानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं। अधिवक्ता के अनुसार, प्रशासन ने अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो यानी एफएआर, निर्धारित अधिग्रहण मानकों के अनुरूप मुआवजा और मस्जिद परिसर में मौजूद मीनार को दूसरी जगह स्थानांतरित करने पर सहमति जताई है।
अदालत ने समझौते की शर्तों के पालन का दिया निर्देश
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को समझौते की शर्तों और अदालत में दाखिल हलफनामों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। इस तरह सड़क चौड़ीकरण को लेकर चल रहा कानूनी विवाद फिलहाल समझौते के आधार पर निपट गया है। अब प्रशासन की निगरानी में तय शर्तों के अनुसार निर्माण और हटाने से जुड़ी कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल उज्जैन में प्रशासन की प्राथमिकता इलाके में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की है। शाही मस्जिद के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और अधिकारियों द्वारा स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। सड़क चौड़ीकरण का काम अदालत में हुए समझौते की शर्तों और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। सिंहस्थ की तैयारियों के बीच इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन और स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।