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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, महिला सुरक्षा योजनाओं और पुलिस की त्वरित कार्रवाई को सरकार की उपलब्धि बताया। उन्होंने महिला श्रम भागीदारी 36 प्रतिशत से अधिक होने का भी दावा किया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रदेश में पिछले साढ़े नौ वर्षों के दौरान अपराध और अपराधियों के खिलाफ अपनाई गई ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की सराहना की। उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन सरकार की सख्त कार्रवाई से अपराधी तत्वों पर अंकुश लगा है और राज्य में कानून का राज स्थापित करने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भयमुक्त वातावरण तैयार करना, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और समाज में न्याय तथा शांति स्थापित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। नवरात्रि के अवसर पर मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अधर्म, अत्याचार और आतंक का विनाश न्यायपूर्ण एवं भयमुक्त समाज की स्थापना के लिए आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने धार्मिक आस्था और शासन की जिम्मेदारी को जोड़ते हुए अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा महिला सशक्तीकरण के लिए उठाए गए कदमों को रेखांकित किया।
मां कालरात्रि के स्वरूप से अधर्म के विनाश का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में मां कालरात्रि के दिव्य स्वरूप का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देवी का स्वरूप दुष्ट शक्तियों, राक्षसी प्रवृत्तियों और रक्तबीज जैसी बुराइयों के विनाश का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि अपने भक्तों को अभय प्रदान करती हैं और धर्म की स्थापना का संदेश देती हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह संदेश बताता है कि अन्याय, अत्याचार और आतंक को समाप्त किए बिना न्याय, शांति और निर्भयता पर आधारित समाज की स्थापना नहीं की जा सकती। उन्होंने इस विचार को प्रदेश सरकार की अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति से जोड़ते हुए कहा कि कानून का पालन सुनिश्चित करना और आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना शासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
2017 से पहले प्रदेश में भय और अराजकता का माहौल होने का दावा
सीएम योगी ने अपने संदेश में वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उस समय माफिया, दंगाइयों और अपराधियों के कारण प्रदेश में भय तथा अव्यवस्था का माहौल था। उनके अनुसार, ऐसी परिस्थितियों का असर महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा, शिक्षा तथा आत्मनिर्भर बनने के अवसरों पर पड़ता था। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में सरकार ने अपराधियों के खिलाफ कठोर रुख अपनाया है, जिससे आपराधिक तत्वों पर नियंत्रण करने और कानून का शासन मजबूत करने में सहायता मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिसमें महिलाएं और लड़कियां बिना किसी डर के शिक्षा प्राप्त कर सकें, रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें और समाज तथा अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका निभा सकें।
मिशन शक्ति और महिला सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम
महिलाओं की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति, एकीकृत 1090 हेल्पलाइन, महिला-केंद्रित बीट पुलिसिंग और सेफ सिटी परियोजना जैसी पहलों को महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक, इन पहलों का उद्देश्य घर, सार्वजनिक स्थानों, शैक्षणिक संस्थानों और कार्यस्थलों पर महिलाओं तथा लड़कियों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना है। महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई, पुलिस की उपलब्धता और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता को उन्होंने प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा मिलने से वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी शिक्षा, नौकरी और अन्य गतिविधियों में भाग ले सकती हैं। हालांकि, इन पहलों के प्रभाव का आकलन करने के लिए शिकायतों, अपराध के आंकड़ों और पुलिस कार्रवाई से जुड़े स्वतंत्र एवं तुलनात्मक आंकड़े भी महत्वपूर्ण होते हैं।
पुलिस की प्रतिक्रिया का समय 65 मिनट से घटकर 5 मिनट होने का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस की आपातकालीन प्रतिक्रिया के समय में कमी को प्रशासनिक तैयारियों का उदाहरण बताया। उनके अनुसार, वर्ष 2016 में पुलिस के मौके पर पहुंचने का औसत समय करीब 65 मिनट था, जो अब घटकर लगभग पांच मिनट रह गया है। उन्होंने इसे महिला सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और पुलिस व्यवस्था में सुधार का प्रमाण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकालीन सहायता में तेजी आने से महिलाओं को संकट की स्थिति में समय पर मदद उपलब्ध कराने में सहूलियत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा के बेहतर माहौल के कारण महिलाएं रात की पाली में भी काम करने सहित विभिन्न आर्थिक गतिविधियों में हिस्सा ले पा रही हैं। यह दावा महिला सुरक्षा से जुड़े सरकारी प्रयासों के साथ-साथ पुलिस के कामकाज में आए बदलावों को भी सामने रखता है।
महिला श्रम भागीदारी में वृद्धि और आर्थिक विकास पर जोर
सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में महिला श्रम बल भागीदारी दर में वृद्धि का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, राज्य में यह दर पहले लगभग 12 प्रतिशत थी, जो बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी प्रदेश के विकास को नई गति दे रही है। कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र और उद्यमिता में महिलाओं की सक्रिय भूमिका से रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों के विस्तार को प्रोत्साहन मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की भागीदारी को उत्तर प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) और प्रति व्यक्ति आय में हुई वृद्धि से भी जोड़ा। उनके अनुसार, राज्य की अर्थव्यवस्था में महिलाओं का योगदान लगातार महत्वपूर्ण होता जा रहा है। श्रम भागीदारी के आंकड़ों की तुलना करते समय हालांकि संबंधित अवधि, सर्वेक्षण पद्धति और रोजगार की प्रकृति को ध्यान में रखना जरूरी है।
कानून-व्यवस्था और महिला सशक्तीकरण को बताया विकास का आधार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संदेश का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि सुरक्षित वातावरण, कानून का शासन और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। सरकार का दावा है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं ने प्रदेश में सकारात्मक बदलाव की परिस्थितियां तैयार की हैं। नवरात्रि के दौरान मां कालरात्रि के प्रतीकात्मक स्वरूप का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने अधर्म और बुराइयों के अंत को न्यायपूर्ण समाज की स्थापना से जोड़ा। उन्होंने महिला सशक्तीकरण को केवल सुरक्षा तक सीमित न मानते हुए शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए भी महत्वपूर्ण बताया। प्रदेश में इन प्रयासों का वास्तविक प्रभाव समझने के लिए कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, रोजगार और आर्थिक विकास से संबंधित आंकड़ों का लगातार मूल्यांकन आवश्यक है।