टेक महिंद्रा के सीईओ मोहित जोशी का FY26 में वेतन ₹67.5 करोड़ रहा। आनंद महिंद्रा ने कहा, एआई उद्योग को नई दिशा देगा।
टेक महिंद्रा ने हाल ही में अपना वार्षिक वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) का रिपोर्ट कार्ड जारी किया है, जिसमें कंपनी के शीर्ष नेतृत्व के वेतन से लेकर भविष्य की विकास योजनाओं तक का खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, टेक महिंद्रा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मोहित जोशी का कुल वेतन पैकेज 67.5 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 11.7% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। यह वेतन पैकेज ब्रिटिश पाउंड में घोषित किया गया था, जिसमें मूल वेतन के साथ-साथ प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन, बोनस और स्टॉक विकल्पों से प्राप्त लाभ शामिल हैं।
उद्योग जगत में वेतन की तुलना
मोहित जोशी का यह वेतन उन्हें भारतीय आईटी उद्योग के सबसे अधिक वेतन पाने वाले शीर्ष अधिकारियों में से एक बनाता है। यदि अन्य आईटी दिग्गजों से इसकी तुलना की जाए, तो जोशी का वेतन विप्रो के सीईओ श्रीनिवास पल्ली (45 करोड़ रुपये) और टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन (28 करोड़ रुपये) से अधिक है। हालांकि, इंफोसिस के सीईओ सलिल पारेख का वेतन 82.6 करोड़ रुपये रहा, और एचसीएल टेक के सीईओ सी विजयकुमार पिछले वित्तीय वर्ष में 94.6 करोड़ रुपये की कमाई के साथ उद्योग में सबसे आगे रहे। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि जोशी का वेतन टेक महिंद्रा के एक औसत कर्मचारी के वेतन का 1,085.27 गुना है, जबकि कंपनी के औसत कर्मचारी के वेतन में इस वर्ष 4.89% की गिरावट दर्ज की गई है।
आनंद महिंद्रा का एआई पर दृष्टिकोण
कंपनी के समूह अध्यक्ष आनंद महिंद्रा ने शेयरधारकों को संबोधित करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भविष्य का मुख्य स्तंभ बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई उद्योग को प्रतिस्थापित (replace) नहीं करेगा, बल्कि उसे पूरी तरह से नया आकार देगा। उन्होंने कहा, “एआई हमारे उद्योग को पुनर्गठित करेगा, काम की प्रकृति को बदलेगा और सॉफ्टवेयर व सेवाओं के अर्थशास्त्र को चुनौती देगा। लेकिन साथ ही, यह हमारे उद्योग के लिए अब तक के सबसे बड़े अवसरों में से एक साबित होगा।”
मोहित जोशी ने बताया कि कंपनी के लिए FY26 ‘स्थिरीकरण से गति’ (stabilisation to acceleration) की ओर बढ़ने का वर्ष था। अब FY27 का ध्यान निष्पादन, परिचालन अनुशासन और उच्च-मूल्य वाली सेवाओं के विस्तार पर होगा। अप्रैल 2024 में शुरू किया गया ‘प्रोजेक्ट फोर्टियस’ (Project Fortius) आने वाले वर्षों में भी कंपनी की रणनीति का मुख्य केंद्र बना रहेगा।
राजस्व, मुनाफा और मार्जिन में सुधार
वित्तीय परिणामों की बात करें तो टेक महिंद्रा ने FY26 में मजबूत प्रदर्शन किया है। कंपनी का राजस्व 7.2% बढ़कर 56,815 करोड़ रुपये हो गया, जबकि शुद्ध लाभ 13.2% की वृद्धि के साथ 4,811 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। परिचालन मार्जिन में भी 290 आधार अंकों (bps) का सुधार हुआ है और यह 12.6% पर आ गया है। कंपनी का दावा है कि वह पिछले 10 वर्षों की अपनी सबसे बड़ी ‘लार्ज-डील बुकिंग’ के साथ FY27 में प्रवेश कर रही है, जिसमें कंसल्टिंग और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) प्रमुख विकास के अवसर हैं।
तकनीकी नवाचार और चुनौतियां
हालांकि प्रबंधन ने कुछ चुनौतियों की ओर भी इशारा किया है। वैश्विक व्यापक आर्थिक अनिश्चितता के कारण ग्राहक बड़ी तकनीकी निवेशों में देरी कर सकते हैं, जिससे ऑर्डर के राजस्व में बदलने की प्रक्रिया (order-to-revenue conversion) धीमी हो सकती है। इन चुनौतियों के बावजूद, टेक महिंद्रा जेनेरिक एआई के मोर्चे पर काफी आक्रामक है। कंपनी के सबसे बड़े क्लाइंट खातों में 90-95% तक एआई का एकीकरण किया जा चुका है।
इसके अतिरिक्त, टेक महिंद्रा भारत के ‘इंडिया एआई मिशन’ (IndiaAI Mission) में भाग लेने वाली एकमात्र आईटी सेवा कंपनी है। कंपनी ‘प्रोजेक्ट सिंधु’ (Project Indus) के तहत हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के लिए बड़े भाषा मॉडल विकसित कर रही है, साथ ही ‘प्रोजेक्ट गरुड़’ के माध्यम से मालिकाना जेनेरेटिव एआई कार्यक्रम पर काम कर रही है। कुल मिलाकर, टेक महिंद्रा नवाचार और परिचालन दक्षता के दम पर भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को पूरी तरह तैयार कर रही है।