भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुआ। दिन की शुरुआत शानदार रही, लेकिन बाद में मुनाफावसूली से बाजार की तेजी थम गई।
25 जून 2026, गुरुवार का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। बाजार ने दिन की शुरुआत काफी मजबूत और सकारात्मक नोट पर की, लेकिन सत्र के दूसरे भाग में भारी मुनाफावसूली के कारण सूचकांक अपनी शुरुआती बढ़त को बरकरार नहीं रख पाए और मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 109.25 अंक (0.14%) की मामूली बढ़त के साथ 77,100.47 के स्तर पर स्थिर हुआ, जबकि निफ्टी 50 ने 34.35 अंक (0.14%) की वृद्धि दर्ज करते हुए 24,056.00 पर अपना कारोबार समाप्त किया।
शुरुआती उत्साह और बाजार की गतिशीलता
सत्र के शुरुआती घंटों में बाजार का रुख बेहद आशावादी था। वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर कंपनियों के बेहतर मार्गदर्शन और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने निवेशकों के उत्साह को बढ़ाया था। ईरान और अमेरिका के बीच जारी शांति प्रयासों और तनाव में कमी की खबरों ने भी बाजार को गति प्रदान की। इसका परिणाम यह हुआ कि सेंसेक्स सत्र के दौरान 812 अंकों की जोरदार छलांग लगाकर 77,803.18 के उच्च स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी ने 24,261.60 का इंट्राडे हाई छुआ।
सेक्टोरल प्रदर्शन: ऑटो की चमक और आईटी का दबाव
क्षेत्रीय सूचकांकों की बात करें तो निफ्टी ऑटो इंडेक्स दिन का सबसे प्रमुख विजेता रहा, जिसमें 2.25% की शानदार तेजी देखी गई। मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और अन्य ऑटो शेयरों में हुई खरीदारी ने इस सूचकांक को ऊपर खींचा। निवेशकों का मानना है कि ऑटो सेक्टर के ग्रोथ ड्राइवर जैसे प्रीमियमकरण, इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च अभी भी मजबूत बने हुए हैं। साथ ही, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मुद्रास्फीति की चिंता कम होने के कारण ब्याज दर के प्रति संवेदनशील ऑटो सेक्टर को बड़ा सहारा मिला।
वहीं दूसरी ओर, आईटी, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर में दबाव बना रहा। आईटी सेक्टर पर एआई-संचालित व्यवधान और वैश्विक स्तर पर तकनीक खर्च में सुस्ती की चिंताओं का असर दिखा, जिससे निफ्टी आईटी सूचकांक 0.86% नीचे फिसला। निफ्टी मेटल और निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में भी क्रमश: 1.37% और 0.87% की गिरावट दर्ज की गई।
व्यापक बाजार और निवेशकों का रुख
बेंचमार्क सूचकांकों के विपरीत, व्यापक बाजार (broader markets) में अधिक कमजोरी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.55% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.47% की गिरावट आई। यह दर्शाता है कि सत्र के दूसरे भाग में निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर अपने मुनाफे को सुरक्षित करना बेहतर समझा। इंडिगो (IndiGo) ने अपनी परिचालन दक्षता में सुधार की उम्मीदों के बीच लगभग 4.8% की बढ़त हासिल की और सेंसेक्स के प्रमुख विजेताओं में शामिल रहा। इसके अलावा एमएंडएम, एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं, पावर ग्रिड, बेल (BEL) और इंफोसिस जैसे दिग्गज शेयरों ने बाजार की तेजी को रोकने का काम किया।
भविष्य की राह
25 जून का सत्र यह स्पष्ट करता है कि बाजार में अभी भी सतर्कता का माहौल है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में कमी और शांति की उम्मीदें सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं और टेक सेक्टर की चुनौतियां निवेशकों को ऊंचे स्तरों पर सतर्क रहने के लिए मजबूर कर रही हैं। विदेशी पूंजी का प्रवाह और अमेरिकी मौद्रिक नीति से जुड़े अपडेट आने वाले दिनों में बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। फिलहाल, बाजार एक ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में है, जहाँ निवेशक प्रत्येक गिरावट पर खरीदारी के अवसर तलाश रहे हैं, लेकिन भारी मुनाफावसूली से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं।