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वर्ल्ड कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव को भारतीय टी20 टीम से ड्रॉप कर दिया गया है। जानिए श्रेयस अय्यर को कप्तानी मिलने और सूर्या की टीम में वापसी को लेकर बीसीसीआई का नया अपडेट।
भारतीय क्रिकेट के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक और ‘मिस्टर 360 डिग्री’ के नाम से मशहूर सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) के लिए समय चक्र बहुत तेजी से घूमा है। साल 2026 के आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप (2026 T20 World Cup) में भारत को अपनी कप्तानी में ऐतिहासिक खिताब जिताने के बावजूद, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयन समिति ने उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। वर्ल्ड कप के बाद के दौरों के लिए चयनकर्ताओं ने स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) को भारतीय टी20 टीम का नया कप्तान नियुक्त किया है। आगामी सितंबर महीने में सूर्यकुमार यादव 36 वर्ष के होने जा रहे हैं, और अगला टी20 विश्व कप साल 2028 में होना तय है। बढ़ती उम्र और टीम से बाहर होने के बाद कई क्रिकेट विश्लेषक यह मान रहे हैं कि सूर्या की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी अब बेहद मुश्किल नजर आ रही है।
“सूर्या के लिए दरवाजे अभी बंद नहीं हुए हैं” — बीसीसीआई सूत्र का बड़ा दावा
तमाम अटकलों और निराशाजनक खबरों के बीच, भारतीय क्रिकेट प्रेमियों और सूर्यकुमार यादव के फैंस के लिए एक सकारात्मक खबर भी सामने आ रही है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई ने अभी तक राष्ट्रीय टीम में सूर्या की वापसी के रास्ते पूरी तरह से बंद नहीं किए हैं। हालांकि, टीम में दोबारा जगह बनाने के लिए उन्हें घरेलू क्रिकेट में रनों की झड़ी लगानी होगी और अपने चयन के पक्ष को बेहद मजबूत करना होगा। समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) ने बीसीसीआई के एक सूत्र के हवाले से कहा:
“सूर्यकुमार यादव के लिए भारतीय टीम के दरवाजे अभी भी खुले हैं। भले ही वह वर्तमान में चयनकर्ताओं की प्राथमिकताओं या टीम के रोडमैप का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन अगर वे घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हैं और लगातार रन बनाते हैं, तो वे राष्ट्रीय टीम में वापसी के हकदार बने रहेंगे।”
इस स्थिति में सूर्या को अब दोबारा भारतीय घरेलू क्रिकेट का रुख करना होगा, जहाँ वे मुंबई की टीम का प्रतिनिधित्व करते हैं। टीम इंडिया की नीली जर्सी दोबारा पहनने के लिए उन्हें न केवल मानसिक रूप से खुद को प्रेरित रखना होगा, बल्कि मुंबई के लिए खेलते हुए असाधारण और मैच जिताऊ पारियां भी खेलनी होंगी।
उतार-चढ़ाव भरा रहा है सूर्या का हालिया फॉर्म
सूर्यकुमार यादव का हालिया फॉर्म उनके कद के अनुरूप काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है, जो उनके टीम से बाहर होने की मुख्य वजह बना। पिछले साल (2025) सूर्या का बल्ला पूरी तरह खामोश नजर आया, जहाँ वे लगातार 19 पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं बना सके थे। हालांकि, इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दौरान उन्होंने फॉर्म में वापसी के संकेत दिए, जहाँ उन्होंने 5 मैचों में शानदार 3 अर्धशतक जड़े। इसके बाद उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने पहले मैच में 84* रनों की मैच जिताऊ पारी खेलकर भारत के अभियान की दमदार शुरुआत की थी।
लेकिन इस शानदार शुरुआत के बाद टूर्नामेंट के बाकी बचे 8 मैचों में वे पूरी तरह फीके साबित हुए। इन 8 पारियों में वे केवल 158 रन ही बना सके, जिसमें फाइनल मुकाबले में शून्य (Duck) पर आउट होना भी शामिल था। इसके बाद आईपीएल 2026 (IPL 2026) में भी मुंबई इंडियंस (MI) के लिए खेलते हुए उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जहाँ उन्होंने 13 पारियों में केवल 270 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 147.54 का रहा, जो उनके सामान्य स्ट्राइक रेट से काफी कम था। इसी लचर प्रदर्शन के बाद चयनकर्ताओं ने कड़ा फैसला लेते हुए उन्हें भारतीय टी20 टीम से ड्रॉप कर दिया।
सूर्या को बाहर करने के बाद जीत को तरस रही है टीम इंडिया
दिलचस्प बात यह है कि सूर्यकुमार यादव जैसे अनुभवी मैच-विजेता खिलाड़ी को बाहर करने के बाद भारतीय टी20 टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। नए कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में टीम इंडिया अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष कर रही है। भारत ने अपने पिछले 7 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से 6 मैचों में करारी हार का सामना किया है, जबकि एक मैच बारिश के कारण बिना किसी नतीजे (No Result) के समाप्त हो गया।
इस शर्मनाक प्रदर्शन और लगातार मिल रही हार के पीछे भारतीय बल्लेबाजों का आयरलैंड और इंग्लैंड की विदेशी परिस्थितियों व पिचों के अनुकूल खुद को न ढाल पाना सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। खेल के सबसे छोटे प्रारूप में मिली इन असफलताओं के बाद, भारतीय टीम आज से शुरू हो रहे एकदिवसीय (ODI) मैचों के मोड में स्विच करने जा रही है, जहाँ टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ नए सिरे से शुरुआत कर जीत की पटरी पर लौटने की उम्मीद करेगी। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या चयनकर्ता भविष्य में अपनी रणनीति बदलते हुए सूर्यकुमार यादव के अनुभव को दोबारा टीम में जगह देते हैं या नहीं।