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RBI MPC के रेपो रेट फैसले से पहले भारतीय शेयर बाजार में गिरावट रही। Sensex 446 अंक टूटकर 72,621 और Nifty 156 अंक गिरकर 22,619 के स्तर पर पहुंचा।
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 7 अक्टूबर को कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। निवेशकों ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के रेपो रेट पर फैसले से पहले सतर्क रुख अपनाया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में दबाव देखने को मिला। सुबह 9:17 बजे बीएसई सेंसेक्स 446.56 अंक यानी 0.61 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72,621.25 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसी समय एनएसई निफ्टी 50 भी 156.20 अंक यानी 0.69 प्रतिशत टूटकर 22,619.90 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में आई इस शुरुआती गिरावट से संकेत मिला कि निवेशक RBI के नीतिगत फैसले से पहले बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं।
RBI MPC के फैसले का इंतजार
बुधवार के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ा घरेलू ट्रिगर RBI की मौद्रिक नीति समिति का फैसला है। केंद्रीय बैंक की ओर से रेपो रेट को लेकर किए जाने वाले फैसले का असर बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, ऑटो, रियल एस्टेट और अन्य ब्याज दर संवेदनशील क्षेत्रों पर पड़ सकता है। यही वजह है कि निवेशक नीति घोषणा से पहले बाजार में सतर्कता बरत रहे हैं।
रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक अवधि के लिए पैसा उपलब्ध कराता है। इसमें बदलाव होने पर बैंकों की फंडिंग लागत और आगे चलकर कर्ज की ब्याज दरों पर असर पड़ सकता है। इसलिए MPC के फैसले पर बाजार की नजर बनी हुई है। निवेशक सिर्फ रेपो रेट के आंकड़े पर ही नहीं, बल्कि RBI के आगे के नीतिगत रुख और आर्थिक विकास तथा महंगाई को लेकर उसके आकलन पर भी ध्यान देंगे।
शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty पर दबाव
बुधवार सुबह बाजार खुलने के साथ ही प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी देखने को मिली। सेंसेक्स 446.56 अंक की गिरावट के साथ 72,621.25 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 में 156.20 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,619.90 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
दोनों प्रमुख सूचकांकों में करीब 0.6 से 0.7 प्रतिशत की गिरावट यह दर्शाती है कि निवेशकों के बीच फिलहाल अनिश्चितता बनी हुई है। RBI के फैसले से पहले बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ना स्वाभाविक माना जा रहा है, क्योंकि किसी भी नीतिगत संकेत से ब्याज दरों और आर्थिक गतिविधियों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदल सकती हैं।
Midcap और Smallcap शेयर भी दबाव में
बड़े शेयरों के साथ बुधवार को व्यापक बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली। हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गिरावट सेंसेक्स और निफ्टी की तुलना में अपेक्षाकृत सीमित रही। शुरुआती कारोबार में Nifty Midcap Select में 0.57 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा Nifty Midcap 100 भी 0.58 प्रतिशत नीचे कारोबार करता नजर आया। वहीं Nifty Smallcap 100 में 0.32 प्रतिशत की गिरावट रही। इससे संकेत मिलता है कि व्यापक बाजार में भी निवेशक सतर्क हैं, लेकिन छोटे और मझोले शेयरों में बिकवाली का दबाव फिलहाल बड़े सूचकांकों की तुलना में कुछ कम है।
ब्याज दर संवेदनशील सेक्टर पर रहेगी नजर
RBI के फैसले का असर खास तौर पर उन क्षेत्रों पर देखने को मिल सकता है जो ब्याज दरों में बदलाव के प्रति संवेदनशील होते हैं। बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के अलावा ऑटो तथा रियल एस्टेट सेक्टर भी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति से प्रभावित हो सकते हैं।
अगर RBI की नीति बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहती है तो शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में स्थिरता लौट सकती है। वहीं, अगर केंद्रीय बैंक का रुख उम्मीद से अलग रहता है तो कारोबार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। निवेशक RBI गवर्नर के बयान और भविष्य की नीति को लेकर दिए गए संकेतों को भी ध्यान से देखेंगे।
वैश्विक संकेतों का भी बाजार पर असर
घरेलू घटनाक्रम के अलावा भारतीय शेयर बाजार पर वैश्विक संकेतों का भी असर बना हुआ है। अमेरिकी बाजारों की चाल, एशियाई बाजारों का प्रदर्शन, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय इक्विटी बाजार की दिशा प्रभावित कर सकती हैं।
हालांकि, बुधवार के कारोबार में सबसे महत्वपूर्ण घरेलू घटनाक्रम RBI MPC का फैसला है। बाजार में पहले से ही इस बात को लेकर सतर्कता है कि केंद्रीय बैंक महंगाई और आर्थिक विकास के बीच किस तरह संतुलन बनाता है।
निवेशकों के लिए अहम रहेगा आज का कारोबार
बुधवार का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शुरुआती गिरावट के बाद बाजार की दिशा RBI के फैसले के साथ बदल सकती है। सेंसेक्स और निफ्टी में शुरुआती कमजोरी के बावजूद पूरे दिन का रुझान केवल शुरुआती आंकड़ों से तय नहीं होगा।
निवेशकों की नजर अब RBI की घोषणा, रेपो रेट, मौद्रिक नीति के रुख और केंद्रीय बैंक के आगे के संकेतों पर रहेगी। इसके अलावा वैश्विक बाजारों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों से भी बाजार को दिशा मिल सकती है। फिलहाल Sensex और Nifty में गिरावट के साथ हुई शुरुआत यह बताती है कि निवेशक RBI के फैसले से पहले सतर्कता बरत रहे हैं और बाजार किसी स्पष्ट संकेत का इंतजार कर रहा है।