“सुरक्षा नहीं तो सरकार नहीं”: शालीमार बाग की महिलाओं ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ खोला मोर्चा

"सुरक्षा नहीं तो सरकार नहीं": शालीमार बाग की महिलाओं ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ खोला मोर्चा

दिल्ली के शालीमार बाग में महिलाओं का भारी विरोध। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ लगाए “घर छोड़ो” के नारे। सुरक्षा और सुविधाओं की बदहाली पर फूटा गुस्सा।

दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में महिलाओं ने स्थानीय विधायक और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर वायरल हो रही जानकारी के अनुसार, क्षेत्र की महिलाएं बुनियादी समस्याओं और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति से इस कदर परेशान हैं कि उन्होंने सीधे तौर पर ‘घर छोड़ने’ की चेतावनी दे दी है। महिलाओं का कहना है कि उन्हें ऐसे “अच्छे दिन” नहीं चाहिए जहाँ उनके अपने ही घरों के बाहर सुरक्षा और सुविधाओं का अभाव हो।

सुरक्षा व्यवस्था पर गहराता संकट

प्रदर्शनकारी महिलाओं का सबसे बड़ा आरोप क्षेत्र में लगातार गिरती कानून-व्यवस्था को लेकर है। महिलाओं ने ‘X’ पर साझा किए गए वीडियो में अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि आज वे अपने ही मोहल्लों में असुरक्षित महसूस कर रही हैं। हालिया आपराधिक वारदातों ने इस डर को और बढ़ा दिया है, जिसके चलते महिलाओं ने मुख्यमंत्री से स्पष्ट शब्दों में जवाब मांगा है। उनका कहना है कि यदि सरकार सुरक्षा की बुनियादी गारंटी नहीं दे सकती, तो उसे सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

बुनियादी सुविधाओं की बदहाली से आक्रोश

सुरक्षा के साथ-साथ, शालीमार बाग की महिलाएं बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर भी बेहद गुस्से में हैं। महिलाओं का कहना है कि टूटी हुई सड़कें, जलभराव और जल आपूर्ति की समस्या ने उनके दैनिक जीवन को नर्क बना दिया है। “अच्छे दिन” के नारों पर तंज कसते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दिल्ली सरकार के बड़े-बड़े विज्ञापनों और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर है। सुविधाओं के अभाव में अब जनता का धैर्य जवाब दे रहा है।

मुख्यमंत्री की ‘चुप्पी’ और स्थानीय नाराजगी

महिलाओं का आरोप है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने ही निर्वाचन क्षेत्र के निवासियों से मिलने और उनकी समस्याओं को सुनने के लिए समय नहीं निकाल रही हैं। प्रदर्शन के दौरान “रेखा गुप्ता हमारा घर छोड़ दो” के नारे इसी संवादहीनता का परिणाम हैं। महिलाओं का मानना है कि चुनाव के समय वोट मांगने आने वाले नेता सत्ता में आने के बाद जनता के दर्द से पूरी तरह कट जाते हैं। यह आक्रोश केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री के खिलाफ अविश्वास की एक लहर है।

सोशल मीडिया पर समर्थन और बढ़ता दबाव

यह विरोध प्रदर्शन अब केवल शालीमार बाग की गलियों तक सीमित नहीं है। ‘X’ (ट्विटर) पर इन महिलाओं के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे दिल्ली सरकार पर चौतरफा दबाव बढ़ गया है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लपक लिया है और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों को नहीं माना गया और क्षेत्र की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करेंगी।

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