मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खरीफ 2025 फसल मुआवजे के ₹370.52 करोड़ और भावांतर भरपाई के ₹38.88 करोड़ जारी किए। अब किसानों को व्हाट्सएप पर J-Form और नई ‘किसान एप’ की सुविधा मिलेगी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों के कल्याण के लिए बड़े वित्तीय पैकेज और डिजिटल सुधारों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने ‘अन्नदाता’ को सशक्त बनाने और आपदा के समय आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए खरीफ 2025 की फसल मुआवजे की राशि जारी करने के साथ-साथ बागवानी किसानों के लिए भी खजाना खोल दिया है।
खरीफ 2025 फसल मुआवजा: 1.50 लाख किसानों को मिली ₹370.52 करोड़ की राहत
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने आज खरीफ 2025 फसल नुकसान के मुआवजे के रूप में 370.52 करोड़ रुपये की राशि जारी की, जिससे 1,50,583 किसानों को लाभ मिला।
इसके अलावा भावांतर भरपाई योजना के तहत आलू और फूलगोभी उत्पादक 5,296 किसानों को 38.88 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई।…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) May 8, 2026
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के 1,50,583 किसानों के लिए बड़ी राहत की घोषणा करते हुए खरीफ 2025 सीजन में फसल नुकसान के मुआवजे के रूप में ₹370.52 करोड़ की राशि जारी की। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “हमारी सरकार किसानों के हर सुख-दुख में उनके साथ खड़ी है। ‘ई-क्षतिपूर्ति’ पोर्टल के माध्यम से हमने प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है, ताकि फसल खराबे का उचित मुआवजा सीधे असली हकदार तक समय पर पहुंच सके।”
भावांतर भरपाई योजना: आलू और फूलगोभी उत्पादकों को ₹38.88 करोड़
बागवानी फसलों की खेती करने वाले किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के तहत ₹38.88 करोड़ की राशि वितरित की। इसका लाभ उन 5,296 किसानों को मिला है जिन्होंने आलू और फूलगोभी की फसल उगाई थी। इस योजना के तहत सरकार बाजार भाव और संरक्षित मूल्य के बीच के अंतर की भरपाई करती है। सीएम सैनी ने स्पष्ट किया कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जो न केवल अनाज बल्कि 24 अन्य फसलों की भी एमएसपी और भावांतर के माध्यम से सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।
डिजिटल क्रांति: अब व्हाट्सएप पर सीधे मिलेगा J-Form, नई ‘किसान एप’ लॉन्च
किसानों की सुविधाओं को डिजिटल रूप देते हुए मुख्यमंत्री ने एक नई एप (Kisan App) की शुरुआत की है। इस एप और नई व्यवस्था के जरिए अब रबी सीजन में एमएसपी पर खरीदी गई फसलों के J-Form सीधे किसानों के व्हाट्सएप नंबर पर भेजे जाएंगे।
- बिचौलिए खत्म: अब किसानों को J-Form या अपनी फसल की रसीद लेने के लिए आढ़तियों या दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे।
- त्वरित ऋण सुविधा: व्हाट्सएप पर प्राप्त क्यूआर (QR) कोड आधारित J-Form के जरिए किसान बैंकों से लोन और अन्य सुविधाओं का लाभ तुरंत उठा सकेंगे।
- पारदर्शिता: एप के जरिए किसान अपनी फसल की बुवाई, सत्यापन, गेट पास और पेमेंट स्टेटस की जानकारी रियल-टाइम में देख पाएंगे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जोर देकर कहा कि तकनीक का उपयोग कर हरियाणा सरकार ने मंडियों में भीड़ और लंबी कतारों को खत्म कर दिया है। सुशासन के इस मॉडल से किसान न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं, बल्कि उनका स्वाभिमान भी सुरक्षित हो रहा है।