भाजपा की नाक के नीचे अपराधियों का तांडव”: मुखर्जी नगर मर्डर केस पर आम आदमी पार्टी ने भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार पर उठे सवाल

भाजपा की नाक के नीचे अपराधियों का तांडव": मुखर्जी नगर मर्डर केस पर आम आदमी पार्टी ने भाजपा की 'डबल इंजन' सरकार पर उठे सवाल

मुखर्जी नगर में युवक की हत्या के बाद दिल्ली में राजनीतिक पारा चढ़ा। आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार को घेरा, कहा- दिल्ली में अपराधियों का बोलबाला और कानून-व्यवस्था फेल।

दिल्ली में खौफ का राज: मुखर्जी नगर में युवक की सरेराह हत्या, भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार पर उठे सवाल

देश की राजधानी एक बार फिर दहल उठी है। दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए एक युवक की मीट काटने वाले चाकू (गंडासे) से सरेआम हत्या कर दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं था। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दिल्ली में आम नागरिक की सुरक्षा अब भगवान भरोसे है।

भाजपा राज में बेखौफ हुए अपराधी

आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस घटना पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि जब से दिल्ली में भाजपा की प्रत्यक्ष या परोक्ष दखल बढ़ी है, कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। ‘X’ (ट्विटर) पर जारी बयानों के अनुसार, अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे दिनदहाड़े लूट और मर्डर जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। मुखर्जी नगर जैसी व्यस्त जगह पर ऐसी नृशंस हत्या गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस की विफलता का जीता-जागता प्रमाण है।

कानून-व्यवस्था के नाम पर केवल ‘विज्ञापन’

AAP नेताओं का आरोप है कि भाजपा की केंद्र सरकार दिल्ली पुलिस का इस्तेमाल केवल राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए कर रही है, जबकि जनता की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता में कहीं नहीं है। दिल्ली की महिलाएं और युवा अब घर से निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। जिस दिल्ली को सुरक्षित बनाने के वादे किए गए थे, वह अब ‘अपराध की राजधानी’ बनती जा रही है।

सुरक्षा का खोखला दावा और जनता का डर

आम आदमी पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के ‘सुरक्षित दिल्ली’ के तमाम दावे केवल कागजों और विज्ञापनों तक सीमित हैं। जिस मुखर्जी नगर में देश भर से छात्र अपने भविष्य के सपने लेकर आते हैं, वहां सरेराह इस तरह की हिंसक वारदात होना यह बताता है कि अपराधियों के मन में पुलिस का कोई खौफ नहीं बचा है। ‘X’ पर साझा किए गए बयानों में AAP ने सवाल उठाया कि जब दिल्ली की सड़कों पर गंडासे और चाकू जैसे हथियार खुलेआम लहराए जा रहे हैं, तब दिल्ली पुलिस की गश्त और इंटेलिजेंस तंत्र कहाँ सोया हुआ है? यह विफलता केवल पुलिस की नहीं, बल्कि उस नेतृत्व की है जिसने दिल्ली को असुरक्षा की गर्त में धकेल दिया है।

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