अरविंद केजरीवाल ने सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर दावा किया कि सुबह तक ACB की कोई योजना नहीं थी, लेकिन दोपहर में अमित शाह के कथित फोन के बाद गिरफ्तारी हुई।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र और BJP पर गंभीर आरोप लगाए हैं। केजरीवाल ने दावा किया कि एक ACB अधिकारी के अनुसार सुबह तक सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करने की कोई योजना नहीं थी, लेकिन दोपहर में कथित तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का सीधा फोन आया और इसके बाद जैन की गिरफ्तारी की गई। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
‘अमित शाह के फोन के बाद गिरफ्तारी’
केजरीवाल के मुताबिक, ACB अधिकारी ने उन्हें बताया कि सुबह तक सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी की कोई योजना नहीं थी। उनका आरोप है कि दोपहर में अमित शाह की ओर से कथित तौर पर गिरफ्तारी का निर्देश आया और उसके बाद कार्रवाई की गई। केजरीवाल ने इस दावे के आधार पर जांच एजेंसियों की स्वतंत्रता और गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल उठाया।
AAP प्रमुख ने आरोप लगाया कि अगर किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी किसी अपराध में उसकी भूमिका के बजाय राजनीतिक नेतृत्व के निर्देश पर होती है, तो यह देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
ACB ने सत्येंद्र जैन को किया गिरफ्तार
सत्येंद्र जैन को दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने गिरफ्तार किया है। रिपोर्टों के अनुसार, मामले में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े टेंडर और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की जा रही है। जैन के साथ पांच अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जांच एजेंसी के अनुसार, मामला दिल्ली जल बोर्ड की टेंडर प्रक्रिया और कथित वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़ा है। दूसरी ओर, AAP ने गिरफ्तारी को राजनीतिक कार्रवाई बताया है और इसे पार्टी नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश करार दिया है।
केजरीवाल ने उठाए गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल
हमारे देश में गिरफ्तारी अब 2 लोगों के इशारे पर होती है। कोई बेगुनाह है इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता… https://t.co/0rMWi5IAkn
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) August 19, 2026
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं तो कानून के तहत जांच और कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन केवल राजनीतिक इच्छा के आधार पर गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में विपक्षी नेताओं के खिलाफ जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
केजरीवाल ने सवाल उठाया कि क्या अब देश में गिरफ्तारी इस आधार पर होगी कि किसी व्यक्ति ने अपराध किया है या नहीं, या फिर यह तय होगा कि सत्ता में बैठे लोग किसे गिरफ्तार करवाना चाहते हैं।
BJP ने AAP के आरोपों को किया खारिज
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद AAP और BJP के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। AAP ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है, जबकि BJP ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ACB की जांच में कथित भ्रष्टाचार और पैसों के लेन-देन से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। BJP के अनुसार, जांच एजेंसी ने कथित मनी ट्रेल के आधार पर कार्रवाई की है।
इसलिए इस मामले में AAP की ओर से लगाए गए राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप और जांच एजेंसी की ओर से बताए जा रहे कथित भ्रष्टाचार के आरोप अलग-अलग दावे हैं। अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
सत्येंद्र जैन पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
सत्येंद्र जैन पहले भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। मई 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। वह 2024 में जमानत पर जेल से बाहर आए थे।
इसके अलावा, ACB ने पिछले वर्षों में जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य मामलों में भी जांच शुरू की है। 2024 में दिल्ली के उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद एक कथित रिश्वत मामले की जांच ACB को सौंपी गई थी। AAP ने उस समय भी आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें राजनीतिक साजिश बताया था।
‘गिरफ्तारी अब अपराध से नहीं, इशारे से होती है’
केजरीवाल ने अपने बयान में आरोप लगाया कि देश में अब गिरफ्तारी का आधार अपराध नहीं बल्कि सत्ता में बैठे लोगों की इच्छा बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के दोषी या निर्दोष होने से ज्यादा महत्वपूर्ण यह हो गया है कि उसे गिरफ्तार करने का फैसला कौन कर रहा है।
AAP प्रमुख ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान के लिए गंभीर चुनौती बताया। उनका कहना है कि जांच एजेंसियों को राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर कानून और सबूतों के आधार पर काम करना चाहिए।
गिरफ्तारी ने बढ़ाई दिल्ली की सियासी गर्मी
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर AAP और BJP के बीच टकराव तेज हो गया है। AAP इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि BJP का कहना है कि ACB ने कथित भ्रष्टाचार के सबूतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि केजरीवाल द्वारा लगाए गए कथित फोन कॉल और गिरफ्तारी के निर्देश वाले आरोपों की कोई स्वतंत्र पुष्टि होती है या नहीं। वहीं, सत्येंद्र जैन के खिलाफ दर्ज मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ आरोपों की वास्तविक स्थिति भी सामने आएगी। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष के आरोप को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।