सत्यानिकेतन बिल्डिंग हादसे पर संजय सिंह का सवाल- ‘इस देश में इंसानी जान की कीमत कितनी रह गई?’

सत्यानिकेतन बिल्डिंग हादसे पर संजय सिंह का सवाल- ‘इस देश में इंसानी जान की कीमत कितनी रह गई?’

सत्यानिकेतन बिल्डिंग हादसे पर संजय सिंह ने सवाल उठाते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही बताया। उन्होंने रेखा गुप्ता सरकार से राहत कार्य तेज करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

 

दिल्ली के सत्यानिकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने की दर्दनाक घटना को लेकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने हादसे को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतने की अपील की।

संजय सिंह ने सवाल किया कि आखिर इस देश में इंसानी जिंदगी की कीमत कितनी रह गई है? उन्होंने कहा कि कभी कुंभ में भगदड़, कभी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हादसा, कभी आग और अब इमारतों के गिरने से लोगों की जान जा रही है। उन्होंने लगातार हो रहे ऐसे हादसों को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।

सत्यानिकेतन हादसे में मलबे में फंसे लोगों को लेकर जताई चिंता

संजय सिंह ने सत्यानिकेतन में हुई इमारत गिरने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि शुरुआती जानकारी में करीब 30 से 40 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई थी। हादसा दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित छात्र बहुल इलाके में हुआ, जहां गिरी इमारत का इस्तेमाल PG के तौर पर किया जा रहा था।

बाद की रिपोर्टों के अनुसार बचाव अभियान में कई लोगों को बाहर निकाला गया और सोमवार तक मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई थी। राहत एवं बचाव अभियान जारी रहा।

‘बेसमेंट में निर्माण कार्य के दौरान हुआ हादसा’

संजय सिंह ने कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार इमारत के बेसमेंट में निर्माण या मरम्मत का काम चल रहा था, जिसके दौरान यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों और रिपोर्टों में भी बेसमेंट में पानी भरने तथा मरम्मत/निर्माण कार्य किए जाने की बात सामने आई है।

उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला बताते हुए कहा कि भवनों की सुरक्षा और निर्माण नियमों की निगरानी में किसी भी स्तर पर चूक होती है तो उसका खामियाजा आम लोगों को अपनी जान देकर नहीं भुगतना चाहिए।

हालांकि, इमारत गिरने के सटीक कारणों और जिम्मेदारी को लेकर आधिकारिक जांच महत्वपूर्ण है। शुरुआती जांच में कथित अनधिकृत निर्माण, बेसमेंट में काम और सुरक्षा मानकों से जुड़े कई पहलुओं की जांच की जा रही है।

संजय सिंह की रेखा गुप्ता सरकार से अपील

संजय सिंह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार से राहत और बचाव अभियान में पूरी गंभीरता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी मांग की कि इस घटना के बाद ऐसे कड़े और प्रभावी कदम उठाए जाएं, जिससे भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति न हो।

‘जिम्मेदारी तय हो और सख्त कार्रवाई हो’

संजय सिंह का कहना है कि हादसे के बाद केवल राहत कार्य और जांच की घोषणा पर्याप्त नहीं है। भवन निर्माण और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन या प्रशासनिक लापरवाही की पुष्टि होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

दिल्ली सरकार ने मामले में मजिस्ट्रियल जांच और भवन मालिक के खिलाफ FIR की कार्रवाई की घोषणा की है। ऐसे में जांच के निष्कर्ष यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि हादसे के लिए कौन-कौन से व्यक्ति या संस्थाएं जिम्मेदार थीं।

 

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