सत्यानिकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद AAP नेता प्रवीण ने BJP सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप लगाए। उन्होंने जनता की शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की।
दिल्ली के सत्यानिकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने की दर्दनाक घटना के बाद आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। AAP नेता प्रवीण ने आरोप लगाया कि भाजपा के शासन में इस तरह के हादसे लगातार हो रहे हैं और इसकी बड़ी वजह भ्रष्टाचार तथा प्रशासनिक लापरवाही है।
प्रवीण ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने ऐसी इमारतों को कमाई का जरिया बना दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार इस स्तर तक पहुंच गया है कि आम लोगों की शिकायतों तक को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
‘इमारतों को कमाई का जरिया बना दिया’
AAP नेता प्रवीण ने आरोप लगाया कि दिल्ली में भवन निर्माण और सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी की जा रही है। उनके मुताबिक, जब लोगों की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होती और नियमों का उल्लंघन जारी रहता है, तो ऐसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
सत्यानिकेतन की घटना के बाद भवन की स्थिति, निर्माण और सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इमारत में अतिरिक्त मंजिलों और कथित तौर पर बिना अनुमति किए गए मरम्मत कार्य सहित कई पहलुओं की जांच की जा रही है।
‘जनता की शिकायतों को किया जा रहा नजरअंदाज’
भाजपा राज में लगातार ऐसे हादसे हो रहे हैं और इसका प्रमुख कारण है कि भाजपा नेताओं ने ऐसी इमारतों को पैसा कमाने का ज़रिया बना रखा है।
बीजेपी सरकार में भ्रष्टाचार इतने चरम पर है कि जनता की शिकायतों को अनदेखा किया जा रहा है।@Aap_Praveen pic.twitter.com/UJYSJysPAW
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) September 6, 2026
प्रवीण ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के दौरान भ्रष्टाचार चरम पर है और आम जनता की शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि खतरनाक इमारतों और निर्माण संबंधी शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई की जाए, तो कई बड़े हादसों को टाला जा सकता है।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदारी कौन लेगा और उन अधिकारियों के खिलाफ कब कार्रवाई होगी, जिनकी कथित लापरवाही के कारण लोगों की जान खतरे में पड़ती है?
सत्यानिकेतन हादसे ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
दिल्ली के सत्यानिकेतन इलाके में रविवार को पांच मंजिला इमारत गिर गई थी। यह इमारत छात्रों के लिए PG के रूप में इस्तेमाल होती थी। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया। सोमवार तक सामने आई रिपोर्टों में कम से कम छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी और कई अन्य लोग घायल हुए थे।
हादसे के बाद इमारत की संरचनात्मक स्थिति, कथित अनधिकृत निर्माण और सुरक्षा इंतजामों को लेकर जांच शुरू की गई है। ऐसे में जांच के निष्कर्ष यह तय करने में अहम होंगे कि हादसे के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और क्या किसी स्तर पर नियमों या सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई थी।
AAP नेता प्रवीण ने मांग की कि सरकार केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय ऐसी व्यवस्था बनाए, जिसमें जनता की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई हो और असुरक्षित इमारतों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।