गर्मी में प्यासी नहीं रहेगी जनता: मंत्री रणबीर गंगवा का अधिकारियों को सख्त निर्देश, ‘अलर्ट मोड’ पर काम करने के आदेश

गर्मी में प्यासी नहीं रहेगी जनता: मंत्री रणबीर गंगवा का अधिकारियों को सख्त निर्देश, 'अलर्ट मोड' पर काम करने के आदेश

 

जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने गर्मियों में पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाने के लिए विभाग को अलर्ट मोड पर रखा है। अधिकारियों को फील्ड में रहकर शिकायतों का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।

गर्मियों के इस चुनौतीपूर्ण मौसम में प्रदेश की जनता को पेयजल की किल्लत न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने विभाग को पूरी तरह ‘अलर्ट मोड’ पर रहने के निर्देश दिए हैं ताकि जलापूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।

अधिकारियों के लिए ‘फील्ड ड्यूटी’ अनिवार्य

मंत्री रणबीर गंगवा ने विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में उतरकर काम करें। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में आमजन को पानी की बूंद-बूंद के लिए न तरसना पड़े, यह विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

शिकायतों का त्वरित समाधान

जलापूर्ति व्यवस्था को पूरी क्षमता के साथ संचालित रखने पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा:

  • त्वरित कार्यवाही: जल आपूर्ति से संबंधित किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए और उसका तुरंत समाधान सुनिश्चित किया जाए।
  • निरंतर मॉनिटरिंग: अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पाइपलाइनों में दबाव (Pressure) बना रहे और हर अंतिम छोर तक पानी पहुंचे।
  • सतर्कता: जहां भी पेयजल की समस्या की आशंका हो, वहां वैकल्पिक व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाए।

‘जनता की सेवा ही संकल्प’

मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि सरकार जनता की सुविधाओं के लिए प्रतिबद्ध है। गर्मियों का सीजन चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन यदि विभाग का हर अधिकारी और कर्मचारी जिम्मेदारी से अपनी ड्यूटी का पालन करे, तो पानी की समस्या को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।

अधिकारियों को कड़ी चेतावनी

मंत्री ने स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने विभाग को जलापूर्ति के आंकड़ों और शिकायतों के निवारण की दैनिक रिपोर्ट तैयार रखने के भी निर्देश दिए हैं।

इस कदम से प्रदेश भर के निवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि सरकार अब जमीनी स्तर पर पेयजल नेटवर्क की निगरानी सीधे मंत्री स्तर से कर रही है।

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