हरियाणा सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने और खेती की लागत घटाने पर जोर दे रही है। सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
हरियाणा राज्य अब ‘प्राकृतिक खेती’ (Natural Farming) के माध्यम से समृद्धि और सतत विकास (Sustainable Development) के एक नए युग की ओर कदम बढ़ा रहा है। राज्य सरकार किसानों को रसायनों पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण के अनुकूल खेती की तकनीकों को अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है।
किसानों की आय में वृद्धि और लागत में कमी
प्राकृतिक खेती अपनाकर हरियाणा बढ़ रहा है समृद्धि और सतत विकास की ओर।
किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत घटाने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने उठाए कई कदम।#Haryana #DIPRHaryana pic.twitter.com/ntTaZD2sI5
— DPR Haryana (@DiprHaryana) May 28, 2026
हरियाणा सरकार की नीतियों का मुख्य केंद्र किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाना है। प्राकृतिक खेती को अपनाने से खेती की लागत में भारी कमी आती है, क्योंकि इसमें महंगे उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता है। इससे न केवल किसान की बचत बढ़ रही है, बल्कि उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य भी मिल रहा है।
सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम:
प्रशिक्षण कार्यक्रम: सरकार पूरे राज्य में किसानों को प्राकृतिक खेती के गुर सिखाने के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रही है।
- वित्तीय सहायता: प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है।
- पर्यावरण संरक्षण: रसायनों के उपयोग को कम करके सरकार मिट्टी की उर्वरता और भूजल को सुरक्षित रखने की दिशा में काम कर रही है।
- बाजार की सुविधा: प्राकृतिक उत्पादों के लिए बेहतर बाजार और उचित दाम सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
‘सतत विकास’ का संकल्प
हरियाणा सरकार के प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रदेश को ‘स्वच्छ और हरित’ बनाने का संकल्प लिया गया है। प्राकृतिक खेती केवल एक कृषि तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी को एक सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण देने का माध्यम है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का अधिक से अधिक कृषि क्षेत्र जैविक और प्राकृतिक खेती के दायरे में आए।
विकास की नई दिशा
यह पहल न केवल हरियाणा के कृषि ढांचे को आधुनिक और सुरक्षित बनाएगी, बल्कि यह देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बनकर उभरेगी। सरकार के इन प्रयासों से किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौट रही है और प्रदेश आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।