राम मंदिर चढ़ावे पर सपा का प्रदर्शन खत्म होने की ओर, संसद में बोरी भरकर लाई ₹1.57 लाख की रकम

राम मंदिर चढ़ावे पर सपा का प्रदर्शन खत्म होने की ओर, संसद में बोरी भरकर लाई ₹1.57 लाख की रकम

 

राम मंदिर चढ़ावे की रकम में कथित चोरी के आरोपों को लेकर सपा का विरोध प्रदर्शन जारी है। सांसद ₹1.57 लाख की चंदे की रकम बोरी में भरकर संसद पहुंचे।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में चोरी के आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी का संसद परिसर में चल रहा विरोध प्रदर्शन अब खत्म होने जा रहा है। मॉनसून सत्र के आखिरी दिन से एक दिन पहले सपा सांसदों ने फिर संसद परिसर में दानपात्र रखकर चंदा जुटाया। पार्टी का दावा है कि पिछले करीब दो हफ्तों के प्रदर्शन के दौरान सांसदों और अन्य लोगों से एक लाख 57 हजार रुपये की रकम जमा हुई है।

 

संसद परिसर में बोरी में भरकर लाए चंदे की रकम

सपा सांसद बुधवार को इस रकम को एक बोरी में भरकर संसद परिसर में लेकर पहुंचे। सांसदों ने आरोप लगाया कि अगर यह रकम राम मंदिर पहुंचाई गई तो वहां भी इसके चोरी होने का खतरा हो सकता है। सपा ने ऐलान किया है कि संसद का मॉनसून सत्र खत्म होने के बाद यह पूरी रकम दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में दान की जाएगी।

अवधेश प्रसाद का दावा- घट गई भक्तों की संख्या

अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर में श्रद्धालुओं और चढ़ावे को लेकर भी बड़े दावे किए। उनका कहना है कि चोरी के खुलासे के बाद मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई है और पहले जहां रोज करोड़ों रुपये का चढ़ावा आता था, अब यह रकम घटकर कुछ लाख रुपये रह गई है।

प्रियंका गांधी ने भी सरकार पर साधा निशाना

इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने वोट के लिए भगवान राम के नाम का इस्तेमाल किया और अब जब विपक्ष मंदिर में चढ़ावे की रकम को लेकर चर्चा की मांग कर रहा है, तो सरकार इससे बच रही है।

राम मंदिर की व्यवस्था में भी बदलाव की तैयारी

राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बीच मंदिर की व्यवस्थाओं में बदलाव की प्रक्रिया भी चल रही है। ट्रस्ट की ओर से प्रोफेशनल सीईओ की नियुक्ति के लिए इंटरव्यू किए जा रहे हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश में अगले चुनावों को देखते हुए यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी अहम होता जा रहा है। समाजवादी पार्टी इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश में है। संसद परिसर में दानपात्र रखकर चंदा जुटाना इसी राजनीतिक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। दूसरी ओर, बीजेपी और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार इस मुद्दे का अपने तरीके से जवाब दे रही है।

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