Diabetes Tips: खाना खाने के बाद सिर्फ 10 मिनट चलें, ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मिल सकती है मदद

Diabetes Tips: खाना खाने के बाद सिर्फ 10 मिनट चलें, ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मिल सकती है मदद

 

डायबिटीज मरीजों के लिए खाना खाने के बाद 10-15 मिनट की वॉक क्यों फायदेमंद हो सकती है? जानें ब्लड शुगर, ग्लूकोज स्पाइक और इंसुलिन सेंसिटिविटी पर इसका असर।

खाना खाने के बाद अक्सर लोग आराम करने के लिए सोफे पर लेट जाते हैं या ऑफिस में अपनी कुर्सी पर बैठकर काम करने लगते हैं। लेकिन अगर आपको डायबिटीज है, तो खाने के तुरंत बाद लंबे समय तक बैठे रहना या लेटना ब्लड शुगर के लिए अच्छा नहीं माना जाता। विशेषज्ञों के अनुसार भोजन के बाद थोड़ी देर की हल्की शारीरिक गतिविधि शरीर को ग्लूकोज का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद कर सकती है। हैदराबाद स्थित अपोलो हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया है कि भोजन के बाद महज 10 मिनट की वॉक ब्लड ग्लूकोज में होने वाली बढ़ोतरी को कम करने में मदद कर सकती है। खासतौर पर डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए खाने के बाद थोड़ी देर टहलना रोजमर्रा की एक उपयोगी आदत हो सकती है।

खाने के बाद ब्लड शुगर क्यों बढ़ता है?

जब हम खाना खाते हैं तो भोजन पचने के बाद उसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट ग्लूकोज में बदलते हैं। यह ग्लूकोज शरीर के लिए ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है और भोजन के बाद कुछ समय के लिए ब्लड में इसका स्तर बढ़ना सामान्य प्रक्रिया है। डायबिटीज में शरीर इंसुलिन का पर्याप्त उत्पादन नहीं कर पाता या इंसुलिन का प्रभाव कम हो जाता है, जिसके कारण ब्लड ग्लूकोज का स्तर सामान्य से अधिक बढ़ सकता है।

भोजन के बाद यदि व्यक्ति लगातार बैठा या लेटा रहे तो शरीर की मांसपेशियों की गतिविधि कम रहती है। इसके विपरीत हल्की वॉक करने से मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और वे ब्लड में मौजूद ग्लूकोज का इस्तेमाल ऊर्जा के लिए कर सकती हैं। इससे भोजन के बाद होने वाले ग्लूकोज स्पाइक को कम करने में मदद मिल सकती है।

सिर्फ 10-15 मिनट की वॉक हो सकती है फायदेमंद

डायबिटीज वाले लोगों के लिए हर भोजन के बाद लंबी दूरी तक चलना जरूरी नहीं है। विशेषज्ञ की बताई सलाह के अनुसार 10 से 15 मिनट की हल्की वॉक भी उपयोगी हो सकती है। इसका उद्देश्य बहुत तेज गति से चलकर थकना नहीं, बल्कि भोजन के बाद शरीर को सक्रिय रखना है।

अगर कोई व्यक्ति नाश्ते के बाद 10 मिनट, दोपहर के भोजन के बाद 10 मिनट और रात के खाने के बाद 10 मिनट चलता है तो दिन में कुल 30 मिनट की वॉक पूरी हो सकती है। इस तरह छोटी-छोटी गतिविधियों को रोज की दिनचर्या में शामिल करके शारीरिक सक्रियता बढ़ाई जा सकती है।

मांसपेशियां ग्लूकोज का कैसे इस्तेमाल करती हैं?

चलने के दौरान पैरों और शरीर की दूसरी मांसपेशियां लगातार काम करती हैं। जब मांसपेशियां सिकुड़ती और सक्रिय होती हैं तो वे ब्लडस्ट्रीम से ग्लूकोज को ऊर्जा के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं। इस प्रक्रिया में ग्लूकोज का इस्तेमाल कुछ हद तक इंसुलिन से स्वतंत्र तरीके से भी हो सकता है।

यही वजह है कि भोजन के बाद हल्की शारीरिक गतिविधि ब्लड ग्लूकोज को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है। नियमित शारीरिक गतिविधि लंबे समय में इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाने में भी सहायक हो सकती है। हालांकि, डायबिटीज से पीड़ित प्रत्येक व्यक्ति की स्थिति अलग होती है, इसलिए व्यायाम की मात्रा और तीव्रता व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार तय करनी चाहिए।

डायबिटीज नहीं है तो भी कर सकते हैं वॉक

खाने के बाद टहलने का फायदा केवल डायबिटीज वाले लोगों तक सीमित नहीं माना जाता। स्वस्थ व्यक्ति भी भोजन के बाद थोड़ी देर चलने को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकता है। इससे लंबे समय तक लगातार बैठे रहने की आदत टूटती है और शरीर सक्रिय रहता है।

ऑफिस में काम करने वाले लोगों के लिए यह आदत विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है। लंच करने के बाद तुरंत डेस्क पर बैठने के बजाय कुछ मिनट चलना, सीढ़ियों का हल्का इस्तेमाल करना या ऑफिस परिसर में टहलना एक आसान विकल्प हो सकता है। यदि बाहर चलना संभव नहीं है तो कुछ देर खड़े रहना और कमरे में हल्का घूमना भी लंबे समय तक निष्क्रिय बैठे रहने से बेहतर है।

10-10 मिनट की वॉक से बन सकता है 30 मिनट का रूटीन

व्यस्त जीवनशैली में कई लोगों के लिए एक साथ 30 मिनट व्यायाम करने का समय निकालना मुश्किल होता है। ऐसे में भोजन के बाद 10-10 मिनट की छोटी वॉक एक आसान तरीका हो सकती है। नाश्ते, लंच और डिनर के बाद 10 मिनट चलने से दिन में लगभग 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि पूरी हो सकती है।

डॉ. सुधीर कुमार ने इसे दैनिक शारीरिक गतिविधि बढ़ाने के लिहाज से एक अतिरिक्त लाभ के तौर पर बताया है। हालांकि, सप्ताह में कितनी शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए, यह व्यक्ति की उम्र, फिटनेस, स्वास्थ्य और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है।

वॉक की गति कैसी होनी चाहिए?

भोजन के तुरंत बाद बहुत तेज गति से दौड़ना या कठिन एक्सरसाइज करना जरूरी नहीं है। सामान्य तौर पर भोजन के बाद हल्की से मध्यम गति की वॉक पर्याप्त हो सकती है। व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार गति रखनी चाहिए और अगर चक्कर, कमजोरी, सांस फूलना या असहजता महसूस हो तो तुरंत रुकना चाहिए।

डायबिटीज की दवाएं या इंसुलिन लेने वाले लोगों को व्यायाम के दौरान ब्लड शुगर में बहुत कमी आने के जोखिम को भी ध्यान में रखना चाहिए। ऐसे लोगों को अपने डॉक्टर से पूछकर वॉक और भोजन के समय की उचित दिनचर्या तय करनी चाहिए।

छोटी आदत, लंबे समय में बड़ा फायदा

खाने के बाद सोफे पर लेटने के बजाय कुछ मिनट टहलना एक बेहद सरल आदत है। नियमित रूप से ऐसा करने से भोजन के बाद ब्लड शुगर में होने वाली बढ़ोतरी को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है और रोजमर्रा की शारीरिक गतिविधि भी बढ़ती है। हालांकि, केवल वॉक को डायबिटीज के इलाज का विकल्प नहीं समझना चाहिए। संतुलित आहार, डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं, नियमित ब्लड शुगर जांच और पर्याप्त शारीरिक गतिविधि डायबिटीज मैनेजमेंट के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।

 

 

 

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