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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन ग्रिम बीपर्स’ का उदाहरण देते हुए आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप पर चिंता जताई। जानें क्यों अब आम नागरिक उपकरण भी बन रहे हैं खतरनाक हथियार।
आधुनिक युद्ध का बदलता स्वरूप: राजनाथ सिंह की चेतावनी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रयागराज में आयोजित ‘नॉर्थ टेक सिम्पोजियम’ के दौरान दुनिया को युद्ध के बदलते और खतरनाक रूप के प्रति आगाह किया। उन्होंने इज़राइल के “ऑपरेशन ग्रिम बीपर्स” (पेजर धमाकों) का उदाहरण देते हुए कहा कि आज के युग में किसी भी चीज़ को हथियार बनाया जा सकता है। सिंह ने जोर देकर कहा कि तकनीक जिस गति से बदल रही है, उसने युद्ध की पारंपरिक परिभाषा को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने बताया कि अब केवल मिसाइलें या टैंक ही युद्ध का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि रोजमर्रा के नागरिक उपकरण भी विनाशकारी हथियारों में तब्दील किए जा सकते हैं।
पारंपरिक हथियारों से तकनीकी और नागरिक उपकरणों का ‘हथियारीकरण’
रक्षा मंत्री ने रूस-यूक्रेन संघर्ष का जिक्र करते हुए समझाया कि कैसे महज 3-4 वर्षों में युद्ध का केंद्र टैंकों से हटकर ड्रोन और सेंसर पर आ गया है। उन्होंने लेबनान और सीरिया में हुए पेजर धमाकों को सैन्य इतिहास का एक अकल्पनीय मोड़ बताया। सिंह के अनुसार, एक सामान्य दिखने वाला ‘पेजर’ बम बन सकता है, यह कल्पना से परे था। उन्होंने चेतावनी दी कि “सब कुछ हथियार बनाया जा सकता है” (Everything can be weaponised), और इसी अनिश्चितता को देखते हुए भारत जैसी बड़ी शक्ति के लिए अपनी सुरक्षा तैयारियों और तकनीकी स्वदेशीकरण को और अधिक सुदृढ़ करना अनिवार्य हो गया है।
‘रक्षा त्रिवेणी संगम’: तकनीक, उद्योग और सैनिक का मिलन
राजनाथ सिंह का यह संबोधन “रक्षा त्रिवेणी संगम” थीम पर आधारित कार्यक्रम में हुआ, जहाँ उन्होंने तकनीक, रक्षा उद्योग और सैनिकों के बीच बेहतर समन्वय की वकालत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक खतरों से निपटने के लिए अब केवल सीमाओं पर सैनिकों की तैनाती पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य के “अदृश्य हथियारों” को समझने और उनसे बचने के लिए नवाचार (Innovation) ही सबसे बड़ा रक्षा कवच है। इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा पेजर हमलों की सार्वजनिक पुष्टि के बाद, भारतीय रक्षा मंत्री का यह बयान वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में भारत की सतर्कता को दर्शाता है।