भारतीय तटरक्षक बल को मिली दो बड़ी सौगात, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महिलाओं के लिए समान अवसर और शहीद परिवारों को राहत देने वाली नई नीतियां की लागू

भारतीय तटरक्षक बल को मिली दो बड़ी सौगात, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महिलाओं के लिए समान अवसर और शहीद परिवारों को राहत देने वाली नई नीतियां की लागू

 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल के लिए दो नई नीतियों की घोषणा की। महिलाओं को स्थायी और शॉर्ट सर्विस नियुक्ति में समान अवसर मिलेगा, जबकि ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता कर्मियों के परिवारों को एक्स-ग्रेशिया और अन्य लाभ जल्द मिल सकेंगे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard-ICG) के लिए दो महत्वपूर्ण नीतिगत सुधारों की घोषणा की, जिन्हें संगठन के आधुनिकीकरण और कर्मियों के कल्याण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने इन नई नीतियों का अनावरण किया। इस अवसर पर रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक (DG ICG) परमेश शिवमणि और रक्षा मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। नई नीतियों का उद्देश्य भारतीय तटरक्षक बल में लैंगिक समानता को बढ़ावा देना, महिलाओं को पुरुष अधिकारियों के समान अवसर प्रदान करना तथा ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता होने वाले कर्मियों के परिजनों को आर्थिक सहायता और प्रशासनिक राहत उपलब्ध कराना है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार ये सुधार भारतीय तटरक्षक बल को अधिक आधुनिक, सक्षम और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

स्वर्ण जयंती की ओर बढ़ रहे भारतीय तटरक्षक बल को नई दिशा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल की पिछले पांच दशकों की उल्लेखनीय सेवाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि समुद्री सुरक्षा, खोज एवं बचाव अभियान, तस्करी रोकने, समुद्री प्रदूषण नियंत्रण और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्यों में भारतीय तटरक्षक बल ने हमेशा उत्कृष्ट भूमिका निभाई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये नई नीतियां संगठन का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ उसकी परिचालन क्षमता को भी मजबूत करेंगी। राजनाथ सिंह ने कहा कि वर्ष 2027 में भारतीय तटरक्षक बल अपनी स्वर्ण जयंती (Golden Jubilee) मनाएगा और उससे पहले यह सुधार संगठन को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान करेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की उस प्रतिबद्धता को भी दोहराया जिसके तहत भारतीय तटरक्षक बल को आधुनिक, तकनीक-संपन्न और भविष्य के अनुरूप समुद्री सुरक्षा बल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

महिलाओं को पुरुषों के समान मिलेगा अवसर

रक्षा मंत्री द्वारा घोषित पहली नीति भारतीय तटरक्षक बल में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने वाली है। इस नीति के तहत अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह जेंडर न्यूट्रल बनाया गया है। अब महिला अभ्यर्थियों को पुरुषों के समान शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट (SSA) और परमानेंट अपॉइंटमेंट (PA) दोनों श्रेणियों में आवेदन करने और सेवा देने का अवसर मिलेगा। साथ ही, पुरुष अभ्यर्थियों के लिए भी शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट के नए अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह नीति भर्ती से लेकर प्रशिक्षण, पदोन्नति और करियर विकास तक महिलाओं और पुरुषों को समान अवसर सुनिश्चित करेगी। इससे भारतीय तटरक्षक बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और वे संगठन के विभिन्न नेतृत्वकारी पदों तक पहुंच सकेंगी।

सेवारत महिला अधिकारियों को भी मिलेगा लाभ

नई नीति केवल भविष्य की भर्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्तमान में सेवा दे रही महिला अधिकारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार जो महिला अधिकारी पहले से परमानेंट अपॉइंटमेंट पर कार्यरत हैं, उन्हें पात्रता की शर्तें पूरी करने पर उच्च पदों पर पदोन्नति का अवसर मिलेगा। वहीं, वर्तमान में शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट पर कार्यरत महिला अधिकारियों को भी निर्धारित शर्तें पूरी करने पर अपनी सेवा को परमानेंट अपॉइंटमेंट में परिवर्तित करने का विकल्प दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह कदम महिलाओं को दीर्घकालिक करियर सुरक्षा, नेतृत्व के अवसर और समान पेशेवर विकास सुनिश्चित करेगा। यह नीति ‘नारी शक्ति’ को सशक्त बनाने और रक्षा सेवाओं में महिलाओं की भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

समुद्र में लापता कर्मियों के परिवारों को बड़ी राहत

रक्षा मंत्री द्वारा घोषित दूसरी नीति भारतीय तटरक्षक बल के उन कर्मियों के परिवारों के लिए राहत लेकर आई है जो ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता हो जाते हैं। अब ऐसे मामलों में प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया गया है। नई व्यवस्था के तहत यदि कोई तटरक्षक कर्मी ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता हो जाता है, तो उसे एक्स-ग्रेशिया (अनुग्रह सहायता) और अन्य सेवा लाभों के उद्देश्य से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ‘मृत मान लिया गया’ (Presumed Dead) घोषित किया जा सकेगा। इससे उनके परिजनों को आर्थिक सहायता और अन्य वैधानिक लाभ प्राप्त करने में पहले की तुलना में काफी कम समय लगेगा।

परिजनों को समय पर मिलेगा आर्थिक सहयोग

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि पहले समुद्र में लापता कर्मियों के मामलों में कई प्रशासनिक औपचारिकताओं के कारण परिजनों को आर्थिक सहायता और सेवा संबंधी लाभ मिलने में काफी समय लग जाता था। नई नीति के लागू होने से नेक्स्ट ऑफ किन (Next of Kin – NoK) अर्थात निकटतम परिजनों को एक्स-ग्रेशिया राशि, सेवा समाप्ति लाभ और अन्य वित्तीय सहायता शीघ्र उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे कठिन परिस्थितियों में परिवारों को आर्थिक और मानसिक राहत मिलेगी तथा प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी और मानवीय बनेंगी।

आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार तटरक्षक बल का लक्ष्य

रक्षा मंत्रालय के अनुसार ये दोनों नीतियां केवल प्रशासनिक सुधार नहीं हैं, बल्कि भारतीय तटरक्षक बल को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। सरकार का उद्देश्य संगठन में समान अवसर, पारदर्शिता, दक्षता और कर्मियों के कल्याण को प्राथमिकता देना है। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से भारतीय तटरक्षक बल की कार्यक्षमता और नेतृत्व क्षमता को नई मजबूती मिलेगी, जबकि शहीद और लापता कर्मियों के परिवारों के लिए आसान और संवेदनशील व्यवस्था सरकार की मानव-केंद्रित सोच को दर्शाती है।

समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करेगी नई पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुधारों से भारतीय तटरक्षक बल की कार्य संस्कृति और परिचालन क्षमता दोनों को लाभ मिलेगा। एक ओर महिलाओं को समान अवसर देकर संगठन को अधिक समावेशी बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ड्यूटी के दौरान जान जोखिम में डालने वाले कर्मियों के परिवारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। वर्ष 2027 में स्वर्ण जयंती की ओर बढ़ रहे भारतीय तटरक्षक बल के लिए ये नीतियां संगठन को अधिक आधुनिक, संवेदनशील और भविष्य के लिए तैयार समुद्री सुरक्षा बल बनाने में अहम भूमिका भूमिका निभाएंगी।

Related posts

सत्य निकेतन हादसे के बाद एक्शन में दिल्ली LG, छात्रों के लिए सुरक्षित पीजी-हॉस्टल की जमीन तलाशेगा DDA

भारत और आसियान कृषि सहयोग को मिलेगी नई गति, खाद्य सुरक्षा और जलवायु अनुकूल खेती पर जोर

पीएम मोदी ने बताई 10,783 करोड़ की रेल परियोजनाओं की अहमियत, 5 राज्यों में बढ़ेगी कनेक्टिविटी

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More