Weather Update: उत्तर से लेकर पूर्व और मध्य भारत तक भारी बारिश का कहर, कई राज्यों में अलर्ट, लैंडस्लाइड और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित

Weather Update: उत्तर से लेकर पूर्व और मध्य भारत तक भारी बारिश का कहर, कई राज्यों में अलर्ट, लैंडस्लाइड और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित

 

उत्तर, पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है। हिमाचल और उत्तराखंड में लैंडस्लाइड व फ्लैश फ्लड का खतरा, जबकि दिल्ली, यूपी, असम और ओडिशा समेत कई राज्यों में बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है।

देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बुधवार को उत्तर, पूर्वी और मध्य भारत के अनेक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, विदर्भ, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा के कारण लैंडस्लाइड, फ्लैश फ्लड और सड़कें बंद होने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, जबकि मैदानी इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर सहित कई शहरों में हुई भारी बारिश के बाद लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा और मौसम विभाग ने बुधवार को भी कई क्षेत्रों में बारिश जारी रहने का अनुमान व्यक्त किया है।

दिल्ली-एनसीआर समेत कई शहरों में बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पिछले दिन हुई बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। आज भी बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने का पूर्वानुमान है। वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पूरे दिन बादल छाए रह सकते हैं और दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। बिहार की राजधानी पटना में भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। आर्थिक राजधानी मुंबई में हल्की बारिश का अनुमान है, जबकि राजस्थान की राजधानी जयपुर में तेज हवाओं, आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।

असम से गुजरात तक बारिश का व्यापक असर

देश के पूर्वोत्तर से लेकर पश्चिमी हिस्सों तक लगातार हो रही बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है। असम, ओडिशा और गुजरात के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों और निचले इलाकों में पानी भर गया है। वहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में भारी वर्षा के कारण बार-बार भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग प्रभावित हुए हैं, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश के बाद जलभराव से बढ़ी परेशानी

मंगलवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में हुई तेज बारिश के बाद शहरों की सड़कें पानी में डूब गईं। कई इलाकों में जलभराव के कारण वाहन चालकों को लंबा ट्रैफिक जाम झेलना पड़ा। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। दिल्ली-एनसीआर में कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित रहा और कार्यालय आने-जाने वाले लोगों को अतिरिक्त समय लगाना पड़ा। नगर निकायों की जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल उठे।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लैंडस्लाइड का खतरा

पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश से हालात अधिक गंभीर बने हुए हैं। हिमाचल प्रदेश में भारी वर्षा के कारण लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड की कई घटनाएं सामने आई हैं। प्रदेश में 108 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे कई क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य के पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि शिमला, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सिरमौर और सोलन जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी दी गई है। उत्तराखंड में चमोली, टिहरी, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों में भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। रुद्रप्रयाग के कुंड-काकड़ा क्षेत्र में मलबा आने से केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया, जबकि सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग भी प्रभावित हुआ। सड़कें बंद होने के कारण चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।

जम्मू-कश्मीर में बादल फटने की घटना

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में बादल फटने की घटना के बाद हालात गंभीर हो गए। देवसर क्षेत्र में कई घरों में पानी भर गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा। राहत एवं बचाव कार्य में एसडीआरएफ की टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने की अपील की है।

नागपुर में जलभराव, स्कूली बच्चे फंसे

महाराष्ट्र के नागपुर शहर में भी मंगलवार को हुई भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया। प्रताप नगर क्षेत्र में स्कूल से लौट रहे कई बच्चे पानी में फंस गए, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान चलाना पड़ा। इस घटना के बाद अभिभावकों ने नगर प्रशासन पर नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत चल रही खुदाई और अधूरी ड्रेनेज व्यवस्था के कारण बारिश का पानी सड़कों पर भर रहा है। स्थानीय प्रशासन ने जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का आश्वासन दिया है।

असम और ओडिशा में बाढ़ से हालात गंभीर

असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। सात और लोगों की मौत के बाद राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 75 पहुंच गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि प्रभावित लोगों की संख्या घटकर लगभग 3.32 लाख रह गई है। प्रशासन राहत एवं पुनर्वास कार्य में जुटा हुआ है। दूसरी ओर ओडिशा के चार जिले लगातार बारिश से प्रभावित हैं। बालेश्वर जिले में कई इलाकों में चार फीट से अधिक पानी भर गया है, जिससे मुख्य सड़कें, बाजार और आवासीय क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक सेवाएं बहाल करने के प्रयास जारी हैं।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए विभिन्न राज्यों में राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

 

 

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