राजीव रंजन सिंह : पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय द्वारा आज एक्यूसीएस, कापसहेड़ा, नई दिल्ली में #एक_पेड़_मां_के_नाम # प्लांट 4 मदर अभियान का आयोजन किया गया
केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने आज पशु संगरोध और प्रमाणन सेवाएं (एक्यूसीएस), कापसहेड़ा, नई दिल्ली में अपनी मां के सम्मान में एक वृक्षारोपण किया।
इस कार्यक्रम में सचिव श्रीमती अलका उपाध्याय, अपर सचिव सुश्री वर्षा जोशी, संयुक्त सचिव डॉ. सुपर्णा शर्मा पचौरी, सलाहकार (सांख्यिकी) श्री जगत हजारिका सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए, श्री राजीव रंजन सिंह ने पर्यावरण संरक्षण में सामूहिक प्रयासों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक पेड़ लगाना एक छोटा सा काम है, लेकिन जब इसे लाखों लोग करेंगे, तो यह हमारी दुनिया को बदल सकता है। उन्होंने सभी से इस नेक काम में भाग लेने और दूसरों को अपने ग्रह को हरा-भरा बनाने में आगे आने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पशुपालन और डेयरी विभाग के तहत सभी संस्थान “एक महीने के अभियान” में भाग लेंगे और पांच लाख पेड़ लगाएंगे।

श्रीमती उपाध्याय ने पर्यावरण स्थिरता को बनाए रखने में पशुपालन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि टिकाऊ पशुपालन पद्धतियां हमारे पारिस्थितिकी फुट प्रिन्ट को महत्वपूर्ण रूप से कम करेंगी और हमारे पर्यावरण की बेहतरी में योगदान देंगी। उन्होंने पशुपालन और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के बीच जटिल संबंध को रेखांकित किया। उन्होंने यह भी बताया कि अभियान के तहत अधीनस्थ कार्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। दुग्ध संघों और डेयरी सहकारी समितियों सहित सभी डेयरी विकास संस्थान भी एक महीने के अभियान में भाग लेंगे।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए दूरदर्शी अभियान #एक_पेड़_मां_के_नाम #प्लांट 4 मदर के तहत पेड़ लगाए गए, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सभी को पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित करना और दूसरों को भी इस प्रयास में शामिल होने के लिए प्रेरित करना है।
इस कार्यक्रम का समापन सभी नागरिकों से वृक्षारोपण पहल में भाग लेने के आह्वान के साथ हुआ, जिसमें यह स्वीकार किया गया कि छोटे-छोटे कार्यों से भी महत्वपूर्ण पर्यावरणीय लाभ हो सकते हैं।
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