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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस और माकपा पर केरल में केंद्रीय योजनाओं (PMAY, आयुष्मान भारत, रेलवे) को रोकने और विकास विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाया है।
केरल की राजनीति में एक बार फिर केंद्र और राज्य सरकार के बीच विकास परियोजनाओं को लेकर तल्खी बढ़ गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने गुरुवार को राज्य के दो प्रमुख राजनीतिक दलों—सत्तारूढ़ माकपा (CPI-M) और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस—पर तीखा हमला बोला है। चंद्रशेखर ने दोनों दलों पर “विकास विरोधी” और “जनविरोधी” राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इन दोनों पार्टियों की आपसी साठगांठ और नकारात्मक रवैये के कारण केरल की जनता केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी और प्रमुख विकास योजनाओं के लाभ से वंचित हो रही है।
राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर राज्य सरकार की नीतियों और विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केरल को अब मनगढ़ंत विवादों की नहीं, बल्कि धरातल पर दिखने वाले वास्तविक विकास की जरूरत है।
रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव के बयानों का दिया हवाला
अपने फेसबुक पोस्ट में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा पूर्व में दिए गए बयानों का प्रमुखता से उल्लेख किया। गौरतलब है कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस वर्ष मार्च में आरोप लगाया था कि केरल में वामपंथी दल (एलडीएफ) और कांग्रेस मिलकर रेलवे के विकास कार्यों में अड़ंगा लगा रहे हैं, जिससे राज्य की प्रगति बाधित हो रही है।
राजीव चंद्रशेखर ने इसी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि दोनों दल संसद से लेकर सड़क तक भले ही एक-दूसरे के विरोधी दिखते हों, लेकिन जब बात केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को केरल के लोगों तक न पहुंचने देने की होती है, तो दोनों एकजुट हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह राजनीति केरल के नागरिकों के अधिकारों का हनन कर रही है।
भूमि अधिग्रहण में देरी से थमी वंदे भारत और रेल सुधार की रफ्तार
राजीव चंद्रशेखर ने केरल सरकार की प्रशासनिक विफलता और इच्छाशक्ति की कमी को उजागर करते हुए भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विकास के लिए जमीन अधिग्रहित करने में बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं दिखा रही है।
इस सुस्ती के कारण केंद्र सरकार की वह महत्वाकांक्षी परियोजना अधर में लटकी हुई है, जिसके तहत कासरगोड से तिरुवनंतपुरम के बीच के यात्रा समय को घटाकर मात्र चार घंटे करने का प्रस्ताव है। चंद्रशेखर ने केरल सरकार के इस रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य प्रशासन ने केरल के बुनियादी ढांचे के विकास के ऊपर अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत जैसी कल्याणकारी योजनाएं ठप
भाजपा नेता ने केवल रेलवे ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास से जुड़ी कई अन्य केंद्रीय योजनाओं को बाधित करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि केरल सरकार के इसी राजनीतिक दृष्टिकोण के कारण राज्य में निम्नलिखित महत्वपूर्ण योजनाएं लागू नहीं हो पा रही हैं या उनमें अत्यधिक देरी हो रही है:
- प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY): गरीबों को पक्का मकान देने की इस योजना का लाभ केरल के जरूरतमंदों को नहीं मिल पा रहा है।
- आयुष्मान भारत योजना: देश के करोड़ों लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य बीमा देने वाली इस योजना को भी राज्य में पूरी तरह प्रभावी नहीं होने दिया जा रहा।
- पीएम श्री स्कूल योजना (PM SHRI): देश के सरकारी स्कूलों को अपग्रेड करने की इस योजना से केरल के छात्रों को दूर रखा जा रहा है।
राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी अन्य बड़ी ढांचागत परियोजनाएं भी इसी राजनीतिक खींचतान की भेंट चढ़ रही हैं।
‘विकसित केरलम’ हमारा लक्ष्य: परफॉर्मेंस की राजनीति की मांग
केरल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि अब समय आ गया है जब राज्य की इस पुरानी और हानिकारक राजनीतिक संस्कृति को बदला जाना चाहिए। केरल की जनता अब झूठे वादों और राजनीतिक एजेंडे से थक चुकी है।
उन्होंने जोर देकर कहा, “केरल को आज काम और परफॉर्मेंस की राजनीति (Politics of Performance) की जरूरत है। हमारा एकमात्र संकल्प और लक्ष्य ‘विकसित केरलम’ (Viksit Keralam) का निर्माण करना है।” उन्होंने केरल की जनता से अपील की कि वे इस विकास विरोधी राजनीति को पहचानें और राज्य को प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों का समर्थन करें।